Menu

शिक्षा मंत्री स्मृति ईरानी को हो सकती है जेल जानिए कैसे? पढिये पूरी खबर


NVRTHUB.com News: इससे आप किस्मत का चक्कर कहेंगे या फिर और लेकिन बात कुछ ऐसी ही है ताज़ा मामला बीजेपी की एक महिला मंत्री स्मृति ईरानी का है। हुआ कुछ यूँ के मध्यम परिवार मे जन्म लेने वाली लडकी स्मृति ईरानी ने अपने कैरिएर की शुरुवात की सीनियर सेकेंडरी की क्लास पास करने के बाद फैशन इंडस्ट्री का हिस्सा बनी और मैकडॉनल्ड्स जैसी वैश्विक कम्पनी मे काम करने के बाद छोटे पर्दे मे एक भरपूर छाप छोड़ी उसके बाद बीजेपी का दामन थामा। और चुनाव 2014 मे राहुल गाँधी जी के सामने अपनी किस्मत अजमाई और हार गयी लेकिन राज्यसभा सांसद बीजेपी मंत्री स्मृति ईरानी को मंत्री पद मिला।
eduation minister smriti irani wrong affidavit
अब स्मृति जी के लिए मुश्किलों पहाड़ टूट पड़ा क्योंकि मामला ही इतना पेचीदा है। स्मृति ईरानी अब तक तीन बार अलग अलग चुनाव मे अपनी किस्मत अजमा चुकी हैं। जीसमें उन्होंने 2004, 2011 और 20014 मे नामांकन दाखिल किया। आपको बता दें की प्रत्येक उम्मीदवार को चुनाव आयोग को एक हलफनामा देना होता जिसमे उसको अपनी सारी जानकारी देनी होती है इसमें एक कॉलम एजुकेशन का होता है और इसमें ही कुछ गडबडी का अंदेशा जताया जा रह है क्योंकि स्मृति ईरानी ने अपने हलफनामे मे तीनो बार है अपनी योग्यता अलग-2  दर्शायी गयी है।

कौन कौनसे चुनाव कहाँ तथा क्या योग्यता दर्शाई गयी?

स्मृति ईरानी ने 2004 में कांग्रेस उम्मीदवार कपिल सिब्बल के खिलाफ चुनाव लड़ा था इसमें अपनी शैक्षणिक योग्यता बी.ए बताई थी। इस एफिडेविट में लिखा गया है की स्मृति ने बी.ए की डिग्री 1996 में पूरी की थी यदि बात की जाए चुनाव 2011 तो उन्होंने अपनी योग्यता बी. कॉम फस्र्ट ईयर दर्शायी गयी है। और चुनाव 2014 में भी योग्यता बीकॉम फर्स्ट ईयर ही डी गयी।

कैसे हो सकती है शिक्षा मंत्री स्मृति ईरानी को जेल?

अभी अभी बीजेपी सरकार ने अपना कार्यभार संभाला है तो विप्क्सी पार्टी को हमला करने का मुददा मिल गया है। वहीं साफ़ छवि, ईमानदारी व पक्षपात जैसे दस पॉइंट्स पर फोकस करने वाले प्रधानमत्री नरेंदर मोदी के लिए एक झटका साबित हो सकता है। क्योंकि यदि क़ानूनी जानकारों की राय के अनुसार गलत शपथ पत्र भरने के कारण छह महीने की जेल हो सकती है। इसके लिए कोई समय सीमा नहीं है। ये तो आने वाला समय ही बतलायेगा की आगे क्या होने वाला है लेकिन विरोद्दी पाले को हमला करने का मौका मिला है और मोदी सरकार बैकफुट पर नज़र आ रही है।
 
Top