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वित्तमंत्री अरुण जेटली की सलाह पर पीएमओ ने अरविंद सुब्रह्ययम का नाम आर्थिक सलाहकार के रूप में प्रस्तावित किया

Arvind Subramanian chief econ adviser
कौन हैं अरविंद सुब्रह्ययम

भारत और ब्रिटेन में पढ़े-लिखे अरविंद आईएमएफ के वरिष्ठ पदों पर काम करने अमेरिका गए थे। कुछ ही समय में डब्लूटीओ के प्रमुख पद पर तैनाती में उनका नाम आया था हालांकि बाद में उन्होंने आर्थिक विषयों पर शोधपरक पढ़ाई के लिए हार्वर्ड और जॉन्स हॉपकिंस विवि में पढ़ाई पूरी की। अपनी साफगोई के लिए अंतरराष्ट्रीय बिरादरी में जाने वाले अरविंद ने अरुण जेटली के पहले बजट के बाद ही एक लेख के माध्यम से उनकी खिंचाई की थी। उन्हें विपरीत परिस्थितियों में जरूरत से ज्यादा सकारात्मक बजट पेश करने पर अटपटा लगा था। हरिभूमि ब्यूरो. नई दिल्ली

मुद्रास्फीति, महंगाई और सकल घरेलू उत्पाद को पटरी पर लाने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जद्दोजहद को कम करने सात समंदर पार से आर्थिक विशेषज्ञ अरविंद सुब्रह्ययम के पीएमओ में आने की संभावना है। वे प्रधानमंत्री के प्रमुख आर्थिक सलाहकार हो सकते हैं।

अमेरिका में रचे बसे भारतीय मूल के सुब्रह्ययम अभी अमेरिका के पीटरसन इंस्टीट्यूट फॉर इंटरनेशनल इंकोनॉमिक्स में सीनियर फेलो हैं। सत्ता प्रतिष्ठान से जुड़े विश्वस्त सूत्रों ने हरिभूमि को बताया कि केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली ने पीएमओ में हाईप्रोफाइल पद के लिए सुब्रह्ययम का नाम आगे बढ़ाया है। शीघ्र अरविंद सुब्रह्ययम का नाम केंद्रीय कैबिनेट में अनुशंसा के लिए रखा जा सकता है। महंगाई से जूझ रही देश की जनता को निजात दिलाने के लिए पॉलिसी स्तर पर कुछ ठोस सुधार किए जाने हैं। उसका ब्लूप्रिंट तैयार करना प्रारंभिक दौर में नए आर्थिक सलाहकार की प्रमुख जिम्मेदारी होगी। पिछले दिनों की प्रधानमंत्री ने यह कहकर नौकरशाहों को चौका दिया था कि कामकाज में न सिर्फ बेहतरी के लिए आपसी प्रतिस्पर्धा बढ़ाई जाएगी बल्कि जरूरत के अनुसार बाहर से भी विशेषज्ञों को वक्त-वक्त पर सिस्टम का हिस्सा बनाना होगा। विशेषज्ञों को पॉलिसी स्तर पर मॉडल तैयार करने में नौकरशाहों को मदद करना होगा।
 
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