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पिछले दिनों में एक केन्द्रीय मंत्री की सडक दुर्घटना में उनकी मौत हो जाने की वजह से केंद्र सरकार ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन को रोकने के लिए कुछ सख्त कदम उठाने जा रही है। सरकार ने ड्राइविंग नियमों के उल्लंघन के लिए भारी जुर्माने के अलावा कुछ परिस्थितियों में बच्चे की मौत के लिए न्यूनतम 7 साल की कैद के साथ ही 3 लाख रुपये तक जुर्माना लगाने का प्रस्ताव रखा है।

नए सड़क सुरक्षा और ट्रांसपोर्ट बिल 2014 में खतरनाक तरीके से और लापरवाही से वाहन चलाने पर लाइसेंस रद्द करने का प्रस्ताव है। रेड लाइट जंप करने पर 15 हजार रुपये तक, सीट बेल्ट न लगाने पर 5 हजार रुपये और हेलमेट न पहनने पर 2500 रुपये का जुर्माना देना होगा।

सड़क परिवहन और हाईवे मंत्रालय ने शनिवार को बिल सार्वजनिक किया। साथ ही मंत्रालय ने इस पर लोगों की राय भी मांगी है। शराब पीकर गाड़ी चलाने पर पहली बार पकड़े जाने पर 25 हजार रुपये का जुर्माना या 3 महीने की सजा या फिर दोनों हो सकती है। साथ ही 6 महीने के लिए लाइसेंस भी निलंबित किया जा सकता है। इसके अलावा 3 साल के अंदर दूसरी बार पकड़े जाने पर 50 हजार रुपये का जुर्माना या 1 साल की कैद या फिर दोनों हो सकती हैं। साथ ही एक साल के लिए लाइसेंस भी निलंबित किया जा सकता है।
बिल में कहा गया है कि यदि स्कूल बस ड्राइवर शराब पीकर गाड़ी चलाते पकड़ा गया तो 50 हजार रुपये का जुर्माने के साथ ही 3 साल तक की सजा हो सकती है। साथ ही यदि ऐसी परिस्थितियों में ड्राइवर की उम्र 18 से 25 साल पाई गई तो उसका लाइसेंस तत्काल रद्द कर दिया जाएगा।

कुछ परिस्थितियों में बच्चे की मौत होने पर 3 लाख रुपये तक जुर्माना और न्यूनतम 7 साल की कैद हो सकती है। मंत्रालय ने बिल के ड्राफ्ट पर जनता और स्टेकहोल्डरों की राय मांगी है। इसके बाद ही बिल को संसद के शीतकालीन सत्र में पेश किया जाएगा। इस बिल का उद्देश्य सड़क हादसों में मरने वालों लोगों की संख्या में कमी लाना है। बिल में देश भर में सड़क का इस्तेमाल करने वाले लोगों के लिए अनिवार्य इंश्योरेंस मुहैया कराने के लिए मोटर एक्सीडेंट फंड का प्रस्ताव है।

अहम बातें-
  • तीन बार ट्रैफिक नियम तोड़ने पर 15 हजार रुपये का जुर्माना, एक महीने के लिए लाइसेंस रद्द और दोबारा अनिवार्य प्रशिक्षण
  • असुरक्षित हालत वाले वाहन के इस्तेमाल करने पर 1 लाख तक जुर्माना और 6 महीने की जेल का प्रस्ताव, जिसे एक साल तक बढ़ाया भी जा सकता है
  • वाहन के दोषपूर्ण निर्माण डिजाइन के लिए सजा के साथ ही प्रति वाहन 5 लाख रुपये जुर्माने का प्रस्ताव
  • बिल के विजन में कहा गया है कि इस सेक्टर में निवेश से 10 लाख नौकरियां उत्पन्न होंगी
  • गोल्डन ऑवर पॉलिसी: हादसे में घायल होने वालों को एक घंटे के अंदर मिलेगा उपचार

पांच लाख सड़क हादसे होते हैं देश में हर साल, जिसमें करीब 1.4 लाख लोगों की जान जाती है
अब हर बार ट्रैफिक व सड़क सुरक्षा नियम तोड़ने पर आपको जुर्माने व दंड के साथ पेनल्टी प्वाइंट मिलेंगे। जैसे पहली बार तेज गाड़ी चलाने पर 2 प्वाइंट, नशे में ड्राइव करने पर 3 प्वाइंट, सीट बेल्ट न बांधने पर 2 प्वाइंट दिए जाएंगे। इस तरह 12 प्वाइंट जमा होते ही साल भर के लिए ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित किया जा सकता है। लर्निंग लाइसेंस 4 प्वाइंट के बाद ही रद्द हो जाएगा।

यूनिफाइड ड्राइवर लाइसेंस सिस्टम (Unified Driver License System)
आरटीओ में फैले भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए एकीकृत ड्राइवर लाइसेंसिंग सिस्टम लाया जाएगा। कैमरे की निगरानी में ऑटोमेटेड टेस्ट होगा और बायोमैट्रिक प्रणाली से फर्जी या एक से ज्यादा डीएल पर रोक लगाई जाएगी। इसी तरह वाहनों के पंजीकरण के लिए भी नया सिस्टम बनेगा।

खराब सड़कों के निर्माण में 4 साल की जेल
सड़कों के खराब डिजाइन या खस्ता हालत की वजह से हुए हादसों में निर्माणकारी संस्था की जवाबदेही तय की जाएगी। ऐसे हादसों में मौत होने पर खराब निर्माण के लिए जिम्मेदार ठेकेदार को 4 साल तक की सजा और एक लाख रुपये का जुर्माना हो सकता है।

सड़क सुरक्षा से जुड़े मामलों के लिए नेशनल अथॉरिटी फॉर रोड सेफ्टी और स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी गठित होंगी। हर साल सड़क हादसों में 20 फीसदी कमी लाने के लिए राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा रणनीति बनाई जाएगी।

सड़क सुरक्षा का रोड मैप

  • ट्रैफिक नियम तोड़ने पर कई गुना ज्यादा जुर्माना व दंड, डीएल निलंबन या रद्द होने का भय
  • पैदल यात्री, पब्लिक ट्रांसपोर्ट और बच्चों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान
  • वाहनों के निर्माण, रजिस्ट्रेशन और चालन के सख्त नियम
  • सड़कों की गुणवत्ता और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर
  • हर पांच साल में कार व दुपहिया सेफ्टी टेस्टिंग
  • बच्चों के लिए हेलमेट अनिवार्य, स्कूल बसों में जीपीएस, कैमरे अनिवार्य
 
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