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how Scientist make the unnatural diamond from Peanut
हीरा दुनिया का सबसे कीमती पत्थर है और कार्बन शुद्ध रूप में भी जाना जाता है इसलिए स्वाभाविक रूप से हीरे पृथ्वी के सीने में 800 किलोमीटर की गहराई में बना पाते हैं जहां तापमान 2200 डिग्री सीलसेयस और दबाव, वायु दबाव से 13 लाख गुना अधिक होता है। इस सबसे ऊंची तापमान और दबाव के ज़ईरातर कार्बन कलमी रूप धारण करते हुए पारदर्शी और आकर्षक संरचना में ढल जाता है जिसे हम सभी हीरे के नाम से जानते हैं। हीरा अपनी शुद्ध रूप में पारदर्शी, आकर्षक और बे रंग होता है। सबसे सख्त होने के कारण उसमें मिलावट की संभावना बहुत कम होती है। लेकिन अगर इसमें मामूली सी मिलावट हो तो फिर यह नीला, पीला, भूरे, हरे, बैंगनी, गुलाबी और माल्टाई हो जाता है और अपनी शुद्ध रूप से अधिक दिल कश मालूम होता है।

आज हीरे का सबसे अधिक इस्तेमाल जवाहरातो में किया जाता है। उनकी चमक की वजह से उनकी अहमियत बढ़ जाती है। विशेषज्ञों मुताबिक हीरे की चार बुनियादी बातें इसके महत्व या मूल्य को निर्धारित करती हैं। ये चार गुण कैरेट, कटाई, रंग और पारदर्शिता हैं।

स्वाभाविक रूप से हीरे का गठन होने में एक से तीन अरब साल का समय लगता है। मगर हीरे कृत्रिम रूप से भी बनाए जाते हैं। कृत्रिम रूप से हीरे बनाने की प्रक्रिया कुछ दिनों में पूरा हो जाता है। कृत्रिम रूप से हीरे की तैयारी के लिए विभिन्न तरीके इस्तेमाल किए जाते हैं। इसी तरह कार्बन भी विभिन्न स्रोत से प्राप्त किया जाता है। लेकिन हाल ही में एक जर्मन वैज्ञानिक डीन फ्रॉस्ट ने मूंगफली के मक्खन (peanut butter) से हीरा बनाकर सबको हैरान कर दिया (मूंगफली का मक्खन दरअसल इन फलयों कुचल या भून कर बनाई गई लई या पेस्ट होता है जिसे आमतौर डबल रोटी के टोस्ट पर लगाकर खाया जाता है)

हालाँकि फ्रॉस्ट के हीरे को जवाहरात इस्तेमाल नही किया जा सकता क्योंकि इस हीरे का व्यास महज तीन मिमी है जो 0.10 कैरेट से भी कम है। यानी हीरे परिमाण इतनी कम है कि उन्हें गहने में उपयोग नहीं किया जा सकता। फ्रॉस्ट का ध्यान इन हीरो के माध्यम से औद्योगिक उपयोग पर है। गहने के अलावा हीरे का इस्तेमाल उद्योगों में होता है। फ्रॉस्ट ने हीरे बनाने के लिए हालांकि मूंगफली के मक्खन को 'कच्चे माल यानी कार्बन स्रोत के रूप में इस्तेमाल किया, लेकिन उसका दावा है कि हीरा बनाने के लिए इस विकल्प की तरह में मामूली परिवर्तन के माध्यम से मनचाही सुविधाओं के शामिल हीरे तैयार किए जा सकते हैं। जैसे गीरधाती तत्व बोरोन के मिलावट हुए हीरे का नियम कंडक्टर (semiconductor) में इस्तेमाल इनमें आवश्यक गर्मी की मात्रा में कमी का कारण बन सकता है। इसके अलावा फ्रॉस्ट कहते हैं हीरे कार्बन नीनोटयूब की तह बिछा कर उन्हें दुनिया के मजबूत मीटीरिल की शक्ल दी जा सकती है।
 
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