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कंप्यूटर जेनरेशन (Computer Generations): जिस तरह मनुष्यों की पीढ़ियां होती हैं, ठीक उसी तरह कंप्यूटर में भी अलग-अलग जेनरेशन हैं। प्रत्येक जेनरेशन का कंप्यूटर तकनीक के मामले में पहले से ज्यादा उन्नत और एडवांस है। तकनीक ही नहीं, हर पीढ़ी के कंप्यूटर के रूप-रंग में भी काफी अंतर है। कभी काफी बड़ा होनेवाला कंप्यूटर अब इतना छोटा हो चुका है कि यह आपकी कलाई पर भी आ जाता है। अब तक कंप्यूटर की पांच जेनरेशन आ चुकी हैं। आइए देखते हैं कि कंप्यूटर की दुनिया कैसे-कैसे बदलती गई 
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फर्स्ट जेनरेशन : 1942 से 1955 तक बनने वाले कंप्यूटर को पहली पीढ़ी का कंप्यूटर कहा जाता है। इसको इंस्टॉल करने के लिए एक कमरे की जरूरत पड़ती थी। उस समय कंप्यूटर से इतनी हीट निकलती थी कि बिना एयरकंडीशनर के इसे चलाना मुश्किल था। इस जेनरेशन के कंप्यूटरों में वैक्यूम टूब्स और मशीन लैंग्वेज का उपयोग किया जाता था। इसके उदाहरण हैं - UNIVAC, ENIAC, IBM-650  आदि।
सेकेंड जेनरेशन(Computer Second Generation): 1956 से 1964 के कंप्यूटर इस श्रेणी में आते हैं। इस दौरान कंप्यूटर में वैक्यूम टूब की जगह ट्रांजिस्टर का उपयोग होने लगा, जिससे कंप्यूटर की प्रोसेसिंग पॉवर और स्पीड बढ़ गई। साथ ही कंप्यूटर का आकार भी छोटा हो गया। ट्रांजिस्टर की खोज बेल लेबोरेट्रीज ने की थी। असेंबली लैंग्वेज का इस्तेमाल करनेवाली कंप्यूटर की इस पीढ़ी के कुछ उदाहरण हैं - IBM-7030, CDC-1604 आदि।

थर्ड जेनरेशन (Third Generation of Computer) : थर्ड जेनरेशन कंप्यूटर (1965 से 1975) में इंटिग्रेटेड सर्किट (आईसी) तकनीक का उपयोग होने लगा था। इससे कंप्यूटर का आकार छोटा हो गया और स्पीड बढ़ गई। इस दौरान मिनी कंप्यूटर बनने लगे और उनमें हाई-लेवल लैंग्वेज का इस्तेमाल होने लगा। अब कंप्यूटर का व्यावसायिक उपयोग बड़े स्तर पर होने लगा। इसके उदाहरण हैं - PDP-11, PDP-8, CDC-6600 आदि।

फोर्थ जेनरेशन (Fourth Generation): इसकी अवधि 1976 से 1989 है। इस दौरान कंप्यूटर की पहुंच आम आदमी तक होने लगी और पीसी ने धूम मचाना शुरू कर दिया। इस जेनरेशन के कंप्यूटर में माइक्रोप्रोसेसर तकनीक शामिल हो गई। कंप्यूटर में वेरी लार्ज स्केल इंटिग्रेशन (VLSI) तकनीक का इस्तेमाल होने लगा, जिससे इसका आकार काफी छोटा हो गया। ग्राफिकल यूजर इंटरफेस (GUI) द्वारा कंप्यूटर काफी यूजर फ्रेंडली बन गया। कंप्यूटर नेटवर्क का भी विस्तार होने लगा। इस जेनरेशन के प्रमुख कंप्यूटर हैं - IBM PC, APPLE MACINTOSH, CRAY-1, CRAY-2 आदि।

फिफ्थ जेनरेशन (Fifth Generation) : कंप्यूटर की वर्तमान पीढ़ी इसके अंतर्गत आती है। इसमें अल्ट्रा लार्ज स्केल इंटिग्रेशन तकनीक का उपयोग किया जाने लगा है। अब पैरेलल प्रोसेसिंग के इस्तेमाल से कंप्यूटर की स्पीड काफी बढ़ चुकी है। इसमें आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस का उपयोग होने से कंप्यूटर काफी हद तक मनुष्यों की तरह काम करने लगा। रोबोट इसका उदाहरण है। यह जेनरेशन विकास की राह पर अग्रसर है। अब तो कंप्यूटर में नैनो टेक्नोलॉजी, क्वान्टम कंप्यूटेशन आदि के माध्यम से भी काफी विकास देखने को मिल रहा है।
 
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