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अपने डाटा को सुरक्षित रखना आज अमूमन हर कंपनी की जरूरत है। यही वजह है कि आज साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स की मांग काफी बढ़ गई है। साइंस ही नहीं, बल्कि आर्ट्स और कॉमर्स बैकग्राउंड वाले छात्रों के लिए भी इस क्षेत्र में कई तरह के कोर्सेज हैं।
CYBER SECURITY AS A CAREER scope salary Scope of Cyber Crime - CYBER SECURITY INDIA

कंप्यूटर, इंटरनेट और नेटवर्क पर हमारी बढ़ती निर्भरता ने एक बहुत बड़े रोजगार क्षेत्र को जन्म दिया है जिसका नाम है साइबर सिक्योरिटी। आज बिजनेस, साइंटिफिक रिसर्च, शिक्षा आदि क्षेत्रों से संबंध रखने वाली तमाम तरह की कंपनियां व संस्थाएं, चाहे वह प्राइवेट हों या सरकारी, अपनी गोपनीय सूचनाएं व डाटा को कंप्यूटर में ही स्टोर करके रखती हैं। ऐसे में इन कंपनियों में ऐसे लोगों की भारी मांग है, जिन्हें सॉफ्टवेयर, सर्वर, नेटवर्क और प्रोटोकॉल की गहरी समझ हो और जो इंफॉर्मेशन सिक्योरिटी व एथिकल हैकिंग के बारे में जानते हों।

स्पेशलाइजेशन्स और स्किल्स (Specialization and Skills): साइबर सिक्योरिटी क्षेत्र में कई तरह की स्पेशलाइजेशन्स हैं। अगर आप डाटा सिक्योरिटी में जाना चाहते हैं, तो कम्युनिकेशन और डाटा ट्रांसफर की बारीक जानकारी होनी चाहिए। सॉफ्टवेयर का डिजाइन, उसकी रचना और सुरक्षा की जानकारी बेहद जरूरी है। नेटवर्क डोमेन जैसे डिजिटल नेटवर्क, वीपीएन, वैन, लैन या फिर आईपी मैनेजमेंट में स्पेशलाइजेशन करने का आजकल काफी चलन है। सिक्योरिटी में एथिकल हैकिंग और इंफॉर्मेशन सिक्योरिटी चुन सकते हैं। इसके अलावा साइबर क्राइम बढ़ने से साइबर फॉरेंसिक भी रोजगार की नई फील्ड के तौर पर उभरा है।

अन्य उभरते क्षेत्र (Extra Growing Sectors): ब्लैकबेरी और आईफोन जैसे एडवांस स्मार्टफोन्स और फेसबुक जैसी तमाम सोशल नेटवर्किंग साइट्स के बढ़ते इस्तेमाल ने साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स के लिए नई संभावनाएं पैदा की हैं। साथ ही क्लाउड सिक्योरिटी और इंडस्ट्रियल सिस्टम की सुरक्षा जैसे विकल्प खुल रहे हैं। वेब एप्लीकेशेन्स की सुरक्षा पर भी पहले की तुलना में ज्यादा ध्यान दिया जाने लगा है।

शुरुआत और कोर्सेज (Starting and Courses): इस क्षेत्र को भविष्य में प्रोफेशन बनाने के लिए 12वीं के बाद कंप्यूटर इंजीनियरिंग/ कंप्यूटर साइंस/ आईटी में बीटेक/बीई कर सकते हैं। इनमें दाखिले के लिए 12वीं पीसीएम से पास होना जरूरी है। इसके बाद कंप्यूटर साइंस/कंप्यूटर इंजीनियरिंग/नेटवर्क इंजीनियरिंग/ आईटी/ सायबर सिक्योरिटी/ इंफॉर्मेशन सिक्योरिटी या कंप्यूटर फॉरेंसिक में एमटेक का भी विकल्प है। इसके अलावा सिस्को और आईआईएसएससीसी (इंटरनेशनल इंफॉर्मेशन सिस्टम सिक्योरिटी सर्टिफिकेशन कंसोर्टियम) के सर्टिफिकेशन कोर्स भी हैं। सिस्को (www.cisco.com) में सीसीएसपी, सीसीडीए, सीसीईएनटी जैसे कई कोर्सेज हैं। ये कोर्स आपकी प्रोफाइल को और मजबूत करेंगे। आईआईएसएससीसी (www.isc2.org) से आप एसएससीपी, सीएपी, सीएसएसएलसीपी आदि कोर्स कर सकते हैं। कोर्स के बाद सिक्योरिटी एनालिस्ट या एथिकल हैकर के तौर पर काम की शुरुआत कर सकते हैं। इसके बाद सिक्योरिटी कंसल्सटेंट, सिक्योरिटी ऑडिटर आदि अवसर भी हैं।

आर्ट्स व कॉमर्स के छात्र भी बना सकते हैं राह (Art and Commerce Students Can Also make their Careers): हालांकि इस फील्ड में साइंस से 12वीं कक्षा पास करने वाले छात्रों के लिए कोर्सेज व अवसरों की ज्यादा संभावना है, लेकिन आर्ट्स या कॉमर्स से 12वीं पास व ग्रेजुएट छात्रों के लिए देश के कई संस्थानों में इस क्षेत्र से संबंधित कोर्स हैं। गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश) स्थित इंस्टीटूट ऑफ मैनेजमेंट टेक्नोलॉजी, सेंटर फॉर डिस्टेंस लर्निंग में पीजी डिप्लोमा इन साइबर सिक्योरिटी व एमएस इन साइबर लॉ ऐंड सिक्योरिटी कोर्स चलाए जाते हैं। किसी भी विषय में ग्रेजुएट इन कोर्सेज में प्रवेश ले सकता है। लेकिन एमएस कोर्स के लिए 50 प्रतिशत अंक होने अनिवार्य हैं। इसके अलावा यूनिवर्सिटी ऑफ मद्रास में भी किसी भी विषय से ग्रेजुएशन करने वाला व्यक्ति डिप्लोमा इन साइबर क्राइम ऐंड इंफॉर्मेशन सिक्योरिटी कोर्स कर सकता है। पुणे स्थित एशियन स्कूल ऑफ साइबर लॉज में 12वीं पास व ग्रेजुएट्स के लिए कई तरह के कोर्स उपलब्ध हैं।

अच्छी सैलरी व सबके लिए मौके (Scope for Good Salary):इस क्षेत्र में साइंस ही नहीं, आर्ट्स व कॉमर्स बैकग्राउंड रखने वाले विद्यार्थी भी आ सकते हैं, बशर्ते उनमें दिनोंदिन एडवांस होती टेक्नोलॉजी को जानने की ललक हो, वह तार्किक ढंग से सोचते हों और उनमें समस्या की जड़ को समझने की काबिलियत हो। वर्तमान में 12वीं व ग्रेजुएशन, दोनों स्तरों पर संबंधित कोर्स उपलब्ध हैं। सबसे बड़ी बात है कि इस क्षेत्र में सैलरी भी काफी अच्छी होती है।

भारत में साइबर सिक्योरिटी इंडस्ट्री 40 प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से बढ़ रही है। इसका कारोबार 2 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच चुका है। एक अनुमान के मुताबिक, अगले तीन सालों में इस इंडस्ट्री में 75 हजार साइबर सिक्योरिटी स्पेशलिस्ट को रोजगार मिलेगा।
कहाँ से आप कर सकते हैं साइबर सिक्यूरिटी कोर्स
देश में कौन-कौनसे आईआईटी संस्थान हैं जहाँ से आप कोर्स कर सकते हैं
  • इंडियन इंस्टीटूट ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इलाहाबाद
  • इंस्टीटूट ऑफ मैनेजमेंट टेक्नोलॉजी, सेंटर ऑफ डिस्टेंस लर्निंग, गाजियाबाद
  • इंटरनेशनल इंस्टीटूट ऑफ टेक्निकल टेक्नोलॉजी, हैदराबाद
  • जवाहरलाल नेहरू टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी, स्कूल ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, हैदराबाद
  • एशियन स्कूल ऑफ साइबर लॉज, पुणे
  • यूनिवर्सिटी ऑफ मद्रास, चेन्नई
  • इंस्टीटूट ऑफ इंफॉर्मेशन सिक्योरिटी, मुंबई

How we work

Bitcoin is a cryptocurrency, which is a form of electronic cash. This is the first decentralized digital currency: the system was designed to work without a central bank or a single administrator. Many economists and investors consider the Bitcoin market to be a bubble. Bitcoin has also been criticized for its use in illegal transactions, its high power consumption, price instability, and theft from exchanges.

What Is Real Cryptocurrency
Bitcoin is made as a reward for the process known as mining. They can be exchanged for other currencies, products and services. The research produced by Cambridge University estimates that in 2017, there were 2.9 to 5.8 million unique users using cryptocurancency wallet, most of which used bittoine. A cryptocurrency (or crypto currency) is a digital asset designed to work as a medium of exchange that uses cryptography to secure its transactions, to control the creation of additional units, and to verify the transfer of assets. Cryptocurrencies are classified as a subset of digital currencies and are also classified as a subset of alternative currencies and virtual currencies.

Bitcoin, created in 2009, was the first decentralized cryptocurrency. Since then, numerous cryptocurrencies have been created. These are frequently called altcoins, as a blend of bitcoin alternative. Bitcoin and its derivatives use decentralized control as opposed to centralized electronic money/central banking systems . The decentralized control is related to the use of bitcoin's blockchain transaction database in the role of a distributed ledger
 
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