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अनिश्चितताओं से भरे कमोडिटी बाजार में मुनाफा कमाना आसान नहीं होता है। मोटे फायदे की संभावनाओं की तलाश अक्सर लोग इस वायदा आधारित जिंस (कमोडिटी) बाजार की ओर आकर्षित होते हैं, लेकिन कमोडिटी में ट्रेडिंग शुरू करने से पहले यह जानना काफी जरूरी है कि यह क्षेत्र काफी जोखिम भरा होता है। ऐसे में आवश्यक है कि आप इस ट्रेडिंग में प्रवेश करने से पहले अपना होमवर्क पूरा कर लें। जिंस बाजार के जानकारों का मानना है कि अगर ये तीन सूत्र अपनाए जाएं, तो निवेशक जोखिम से बचा पाएंगे और मुनाफा भी कमा सकेंगे। दरअसल किसी कमोडिटी में कई बार कोई खबर आने से उसमें काफी तेज उछाल या काफी तीखी गिरावट आती है। अगर आपकी उस पर नजर बनी हुई है तो आप अच्छा फायदा उठा सकते हैं। इसके अलावा बढ़ती महंगाई के दौर में भी कमोडिटी बाजार आपको शानदार कमाई का मौका मुहैया कराता है। आम तौर पर यह देखा गया है कि महंगाई में कई कमोडिटी की कीमतों में बढ़ोतरी का रुझान आ जाता है। यही नहीं, आप कमोडिटी का इस्तेमाल हेजिंग के लिए भी कर सकते हैं।
Beginners Guide to Commodities Trading in India What is Commodity Market | Why Invest in Commodities in hindi

पहला: स्टॉप लॉस लगाना जरूरी(Keep Stop Loss):जितना अधिक जोखिम, उतना अधिक लाभ, यह बात कमोडिटी कारोबार के ऊपर सटीक तरीके से लागू होती है। ऐसे में यदि आपने सही निर्णय लिया तो आप काफी तेजी से पैसे बना सकते हैं। इस क्षेत्र में जोखिम को कम करने के लिए सबसे पहले आपको स्टॉप लॉस निर्णयों को सटीक तरीके से लागू करना चाहिए। ध्यान रखें कि स्टॉप लॉस न लगाने पर आप पूरी पूंजी से हाथ धो सकते हैं।

दूसरा: घाटे की रणनीति गलत(Loss Planning):निवेशकों को अपने सौदे की लगातार समीक्षा करते रहना और गलतियों को सुधारते रहना चाहिए। अगर एक सौदे में हानि हो रही है तो कई कारोबारी उस हानि को खत्म करने के लिए नए-नए सौदे खड़े करने लगते हैं। कई बार यह रणनीति सफल नहीं हो पाती, क्योंकि इससे हानि लगातार एकत्र होती जाती है, जिसकी वजह से उसे भारी नुकसान का सामना करना पड़ता है। एक सफल कारोबारी बनने और जोखिम से खुद को सुरक्षित करने के लिए जरूरी है कि इस रणनीति से बचा जाए।

तीसरा: पूरी पूंजी नहीं लगाएं (Don’t Utilize All Capital in Commodity):निवेशक अपनी वित्तीय सीमा को कभी न भूले और हमेशा उस सीमा को ध्यान में रखते हुए ही कारोबार करे। कमोडिटी क्षेत्र में सफल कारोबारी बनने के लिए जरूरी है कि आप कभी भी अपनी पूरी पूंजी कारोबार में न लगाएं। आप अपनी पूंजी का एक तय हिस्सा (मान लें 30 फीसदी) ही कमोडिटी ट्रेडिंग में लगाएं। ध्यान रखें, कमोडिटी के कारोबार में अक्सर वही लोग नुकसान उठाते देखे जाते हैं जो अपनी पूरी पूंजी का इस्तेमाल करते हुए कारोबार करते हैं। लेकिन जो लोग सफलता हासिल करते नजर आते हैं जो अपनी पूंजी का एक निश्चित अनुपात हमेशा सुरक्षित रखते हैं। इसकी वजह यह है कि सुरक्षित पूंजी ही मुसीबत के वक्त आपकी सबसे बड़ी मददगार होती है।

सावधानी: अच्छे से जानकर समझकर ही शुरूआत (Fully Understanding after than opening): कमोडिटी ट्रेडिंग आरंभ करने के लिए अकाउंट होना चाहिए। ध्यान रहे अकाउंट उसी ब्रोकर के साथ खोलना होता है, जिसने प्रमुख कमोडिटी एक्सचेंजों जैसे एमसीएक्स, एनसीडीईएक्स आदि की सदस्यता ले रखी हो। इन एक्सचेंजों की वेबसाइट पर इनसे जुड़े ब्रोकरों की सूची आपको मिल जाएगी। यह खाता खोलने के लिए आपके पास पैन कार्ड, एड्रेस प्रूफ और बैंक खाता होना चाहिए। इस खाते के लिए ब्रोकर आपसे एक शुल्क लेते हैं। इसके अलावा आपके पास कम्प्यूटर और इंटरनेट की सुविधा होनी चाहिए।

How we work

Bitcoin is a cryptocurrency, which is a form of electronic cash. This is the first decentralized digital currency: the system was designed to work without a central bank or a single administrator. Many economists and investors consider the Bitcoin market to be a bubble. Bitcoin has also been criticized for its use in illegal transactions, its high power consumption, price instability, and theft from exchanges.

What Is Real Cryptocurrency
Bitcoin is made as a reward for the process known as mining. They can be exchanged for other currencies, products and services. The research produced by Cambridge University estimates that in 2017, there were 2.9 to 5.8 million unique users using cryptocurancency wallet, most of which used bittoine. A cryptocurrency (or crypto currency) is a digital asset designed to work as a medium of exchange that uses cryptography to secure its transactions, to control the creation of additional units, and to verify the transfer of assets. Cryptocurrencies are classified as a subset of digital currencies and are also classified as a subset of alternative currencies and virtual currencies.

Bitcoin, created in 2009, was the first decentralized cryptocurrency. Since then, numerous cryptocurrencies have been created. These are frequently called altcoins, as a blend of bitcoin alternative. Bitcoin and its derivatives use decentralized control as opposed to centralized electronic money/central banking systems . The decentralized control is related to the use of bitcoin's blockchain transaction database in the role of a distributed ledger
 
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