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जब दूसरे देश में जाने की बात होती है तो सबसे पहले वीजा का ख्याल आता है वीजा नाम तो अपने बहुत बार सुना होगा लेकिन आज हम इसकी पूरी गहराई से बात करेंगे। जैसा की आप तो जानते ही हो वीजा की जरूरत होती एक देश से दुसरे देश में जाने के लिए। वीजा मिलना न मिलना जल्दी या लेट मिलना अपने देश के दुसरे देसों से सम्बन्धो पर निर्भर करता है अलग-2 देश के लिए संबंधी नियम अन्य देशों से उसके संबंधों पर निर्भर करते हैं। उदहारण के तौर पर भारत के रूस के साथ अच्छे सम्बन्द हैं तो जाहिर है जल्दी मिल जायेगा।
अब बात आती है वीजा कितने प्रकार के होते हैं
Visa India | Personal | Business | Merchants | Travel
प्रत्येक देश अपनी जरूरत के हिसाब से अलग-अलग प्रकार का वीजा जारी करता है। उदाहरणस्वरूप, भारत में 11 तरह के वीजा जारी किए जाते हैं, जैसे टूरिस्ट, बिजनेस, जर्नलिस्ट, एंट्री, गवर्नमेंट डिप्लोमैटिक वीज़ा आदि। एंट्री वीजा भारतीय मूल के व्यक्ति को भारत आने के समय दिया जाता है। भारत फिनलैंड, जापान, लग्जम्बर्ग, न्यूजीलैंड और सिंगापुर के नागरिकों को टूरिस्ट वीजा जारी करता है।
कॉमन वीजा (Common Visa): कॉमन वीजा के जरिए एक से अधिक देशों में जाने की अनुमति मिलती है। दरअसल कुछ अंतरराष्ट्रीय समझौते होते हैं, जो किसी विदेशी को कॉमन वीजा के आधार पर कुछ देशों में जाने की अनुमति देते हैं। मसलन, शेन्जेन वीजा (Schengen) से बिना किसी रुकावट के 25 सदस्य देशों की सैर की जा सकती है। सेंट्रल अमेरिकन सिंगल वीजा से ग्वाटेमाला, होंडुरास, अल-सल्वाडोर और निकारागुआ की सैर की जा सकती है। केन्या, तंजानिया और युगांडा में जाने के लिए ईस्ट अफ्रीकन टूरिस्ट वीजा काफी है। 2007 में हुए क्रिकेट वर्ल्ड कप के दौरान 10 कैरिबियाई देशों ने ऐसा कॉमन वीजा जारी किया था।
कनाडा, जापान, ब्राजील आदि देशों में वीजा संबंधी पारस्परिक नियम हैं, यानी अगर कोई देश दूसरे देश के नागरिकों को बिना वीजा प्रवेश देता है, तो दूसरा देश भी वहां के नागरिकों को बगैर वीजा अपने यहां आने देंगे।
यहां वीजा की जरूरत नहीं
विश्व में ऐसे देश भी हैं, जहां के नागरिकों को कुछ चुनिंदा देशों में जाने के लिए वीजा की जरूरत नहीं होती। यूरोपियन यूनियन के सदस्य देशों के नागरिक एक-दूसरे केयहां बेरोक-टोक प्रवेश कर सकते हैं। अमेरिका भी 36 देशों को इस तरह की छूट देता है। गल्फ को-ऑपरेशन काउंसिल (छह अरब राज्यों का समूह) में शामिल सदस्य देशों के नागरिक भी एक-दूसरे के यहां न सिर्फ बिना वीजा जा सकते हैं, बल्कि आवश्यकतानुसार ठहर भी सकते हैं। पूर्वी अफ्रीकी समुदाय के सदस्य देशों के नागरिक एक-दूसरे के यहां बिना वीजा जा सकते हैं। भारत भी भूटान और नेपाल के लोगों को बगैर वीजा आने की अनुमति देता है। लेकिन अपने देश के बजाय किसी अन्य देश से भारत में प्रवेश करने की स्थिति में इन लोगों को पासपोर्ट की जरूरत होती है।
बाहर जाने के लिए भी वीजा
सउदी अरब और कतर में काम कर रहे विदेशी मजदूरों को देश छोड़ने से पहले एक्जिट वीजा दिखाना होता है। यदि कोई विदेशी निश्चित अवधि से ज्यादा समय तक रूस में रहता है, तो उसे भी इस तरह के वीजा की जरूरत पड़ती है। इसी तरह उजबेकिस्तान और क्यूबा जैसे देशों में विदेशियों को भी देश छोड़ते वक्त एक्जिट वीजा बनवाना पड़ता है।
 
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