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tips-to-beat-exam-stress and best way of stress managementपरीक्षा को लेकर तनाव आम बात है। खासकर बोर्ड परीक्षाओं के दौरान यह तनाव छात्रों को कुछ ज्यादा ही सताता है। ऐसा नहीं है कि यह तनाव सिर्फ परीक्षा से पहले या तैयारी के दौरान ही होता है, बल्कि परीक्षा के परिणाम को लेकर परीक्षा के बाद भी छात्र एग्जामिनेशन स्ट्रेस से परेशान रहते हैं। इससे बचना जरूरी है। थोड़ा बहुत तनाव तो अच्छा करने के लिए प्रेरक की तरह ही काम करता है, पर इसकी अधिकता व्यक्तित्व के लिए नुकसानदायक होती है। टीचर का दबाव, माता-पिता की अपेक्षा, अधिक अंक लाने की चाहत, असफलता पर झिझक आदि इस तनाव के मुख्य कारण हैं। इससे बचना आपके ही हाथ में है, यदि आप कुछ बातों का ध्यान रखें
तैयारी पर ध्यान देना : अच्छी तरह सभी पेपर्स की तैयारी करना एग्जाम स्ट्रेस को कम करता है। इसलिए यदि आपकी तैयारी ठीक ढंग से नहीं हो रही हो, तो फिर से रुटीन बनाएं, ताकि सभी विषयों को ठीक से कवर किया जा सके। यदि 10 दिन का समय है और 20 टॉपिक्स पढ़ने हैं तो प्रतिदिन 2 टॉपिक्स को कवर किया जा सकता है।
समय प्रबंधन की जरूरत : ऐसा रुटीन कतई न बनाएं जिसे आप कर ही न सकें या जिसके अनुसार तैयारी करने का आपके पास समय ही न हो। समय यदि कम हो तो सेलेक्टिव स्टडी से फायदा होता है। »
अपने स्पेस का रखें ध्यान : स्टडी के लिए ऐसी जगह बनाएं, जो आपके मनोरंजन के साधनों से दूर हो। तात्पर्य यह है कि तैयारी के दौरान टीवी, रेडियो और इंटरनेट का इस्तेमाल तभी करें, जब अनिवार्य हो। इससे तैयारी को लेकर एकाग्रता बनी रहेगी।
रिलैक्स रहें (Relax): तैयारी या परीक्षा के दौरान रिलैक्स रहना भी अत्यंत ही जरूरी है। इसके लिए एक समय निर्धारित करें। एक निश्चित अंतराल के बाद कुछ मिनटों के लिए आंख बंद करके लेट जाएं या बाहर निकल कर टहलें अथवा संगीत सुनें, पर ज्यादा नहीं। अच्छी नींद भी जरूरी है। ठीक से न सोने से तनाव वैसे ही बढ़ जाता है।»
खान-पान पर ध्यान दें (Consider to Diet) : परीक्षा के दौरान पढ़ने में इतना न खो जाएं कि खाने-पीने का ही ध्यान न रहे। इसका विपरीत असर शारीरिक और मानसिक क्षमता पर पड़ता है। उल्टे परीक्षा के दौरान अपने आहार को और दुरुस्त रखना चाहिए।
सकारात्मक सोच (Keep Positive Thoughts) : सकारात्मक सोच आपको रिलैक्स रखता है और आप बेहतर ढंग से पढ़ाई करने में समर्थ हो पाते हैं।
परीक्षा के दौरान (During the Examinations) : तैयारी कम रहने पर या परीक्षा में मुश्किल प्रश्न आने पर भी भयभीत होने की जरूरत नहीं है। एक पेपर खराब होने से पूरी परीक्षा खराब नहीं हो जाती। यह सोचें कि दूसरे परीक्षार्थियों को भी ऐसी मुश्किलें किसी न किसी पेपर में जरूर आई होंगी। इसलिए ज्यादा तनावग्रस्त न रहकर बाकी के पेपर देने के लिए खुद को तैयार करें। इस दौरान गहरी सांस लेने से राहत मिलती है।
परिणाम को लेकर तनाव : परीक्षा खत्म होने के बाद भी रिजल्ट को लेकर तनाव बना रहता है। यह तनाव भी बेमानी है। आपको यह सोचकर खुश होना चाहिए कि आपने अपनी तरफ से पूरी मेहनत की। यदि रिजल्ट आशा के अनुरूप नहीं आता, तो भी यह सोचना चाहिए कि यह कोई अंतिम एग्जाम नहीं है और इस सोच के साथ बिल्कुल फ्रेश मन से आगे की प्लानिंग करनी चाहिए। तभी आप सफल होंगे।
 
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