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ऑफिस के प्रशासनिक कार्यों के अलावा कंपनी और कर्मचारियों के हित से जुड़ी हुई तमाम बातें एचआर के कार्यक्षेत्र के अंतर्गत आती हैं। ऐसे में इससे संबंधित किसी कोर्स की पढ़ाई एक बढ़िया कैरियर विकल्प है। वैश्वीकरण के दौर में हर संस्थान यही चाहता है कि उसके यहां क्षमतावान, पूर्ण प्रशिक्षित एवं उत्साही लोग कार्य करें, ताकि कंपनी को तरक्की के रास्ते पर आगे बढ़ाया जा सके। किसी कंपनी में कर्मचारियों की संपूर्ण व्यवस्था के लिए एचआर (ह्यूमन रिसोर्स) प्रोफेशनल जिम्मेदार होता है। मानव संसाधन विभाग कंपनी में कार्यरत कर्मचारियों एवं प्रबंधन के बीच एक सेतु की तरह काम करता है। एक तरफ यह प्रबंधन की नीति निर्धारण प्रक्रिया में भाग लेता है, तो दूसरी तरफ उन नीतियों के क्रियान्वयन में भी इसी विभाग की जिम्मेदारी होती है। वीएन कैरियर एकेडमी, गोरखपुर के डायरेक्टर धनंजय उपाध्याय बताते हैं, ‘सामान्य शिक्षा के अतिरिक्त छात्र डिस्टेंस एजुकेशन और कॉरेस्पॉन्डेंस कोर्स के जरिए भी संबंधित कोर्स करके इसमें अपना कैरियर बना सकते हैं।
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योग्यता एवं कोर्स का विवरण (Eligibility and Course Details of HR Management)

एचआर में बैचलर एवं मास्टर दोनों तरह के कोर्स मौजूद हैं, लेकिन ज्यादातर छात्र एमबीए इन एचआर को ही प्राथमिकता देते हैं। कैट, मैट आदि एमबीए एंट्रेंस एग्जाम अथवा मैनेजमेंट कोर्स से संबंधित अन्य प्रवेश परीक्षाओं के माध्यम से एमबीए-एचआर में प्रवेश मिलता है। बैचलर डिग्री कोर्स के लिए योग्यता जहां 12वीं निर्धारित की गई है, वहीं एमबीए अथवा पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन एचआर में प्रवेश ग्रेजुएशन के पश्चात ही मिल पाता है। बैचलर कोर्स की अवधि तीन साल, एमबीए की अवधि दो साल तथा पीजी कोर्स की अवधि एक से दो साल होती है। वैसे तो ह्यूमन रिसोर्स में कैरियर बनाने के लिए एमबीए जरूरी है, पर मनोविज्ञान, लेबर लॉ या मास्टर ऑफ सोशल वर्क जैसे विषयों में शिक्षित अभ्यर्थियों को भी मौके मिलते हैं।

कार्य का स्वरूप (Work Profile for Human Resources Manager)

यह विभाग नए लोगों को रिक्रूट करने, सैलरी पैकेज तैयार करने, आवेदन-पत्र की छंटनी, इंटरव्यू अथवा चयन-प्रक्रिया का निर्धारण करने, कर्मचारियों की छंटनी करने, आवेदकों को चुने जाने अथवा अस्वीकृत किए जाने की सूचना देने के अलावा समय-समय पर कंपनी की प्रमोशनल पॉलिसी, कर्मचारियों की सैलरी में बढ़ोतरी, भत्ता निर्धारण आदि कार्यों में भी एचआर डिपार्टमेंट अपनी भूमिका निभाता है। एचआर विभाग नए आने वाले कर्मचारियों को कंपनी की कार्यशैली के आधार पर ट्रेनिंग देने के लिए स्पेशल वर्कशॉप आयोजित करने का कार्य भी करता है।

रोजगार के अवसर (Where are the best HR Manager Jobs Opportunities Available) 

मल्टीनेशनल कंपनियों के भारत आने तथा कंपनियों की कार्यशैली में बदलाव के कारण योग्य एचआर प्रोफेशनल्स की काफी डिमांड है। मल्टीनेशनल एवं कॉरपोरेट कंपनी, ट्रेनिंग एवं डेवलपमेंट कंपनी, रिक्रूटमेंट कंसल्टेंसी, बैंक, एचआर कंसल्टेंसी, सरकारी संस्थान आदि विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार के अवसर मिलते हैं। प्रतिभावान छात्रों को विदेश में भी काम करने के मौके मिल जाते हैं।

आमदनी (Income and Salary Pay Scale for HR Candidates)

किसी प्रतिष्ठित संस्थान से कोर्स करने के बाद शुरुआती सैलरी 12-15 हजार रुपए प्रतिमाह हो सकती है। अनुभव के हिसाब से सैलरी में भी इजाफा होता जाता है। इस क्षेत्र में मल्टीनेशनल अथवा बड़े कॉरपोरेट संस्थान मोटा पैकेज देते हैं।
देश प्रमुख संस्थान कुछ इस प्रकार से हैं जहाँ से आप एचआर मैनेजमेंट की पढाई कर सकते हैं 

  • जेवियर लेबर रिसर्च इंस्टीटूट (एक्सएलआरआई), जमशेदपुर (झारखंड)
  • कोर्स : पीजी डिप्लोमा इन पर्सनल मैनेजमेंट ऐंड इंडस्ट्रियल रिलेशंस (अवधि-2 साल)
  • www.xlri.ac.in
  • इंडियन इंस्टीटूट ऑफ टेक्नोलॉजी, खड़गपुर
  • कोर्स : एमटेक इन ह्यूमन रिसोर्स डेवलपमेंट ऐंड मैनेजमेंट (अवधि - 2 साल)
  • www.iitkgp.ac.in
  • मैनेजमेंट डेवलपमेंट इंस्टीटूट, गुड़गांव
  • कोर्स : पीजी प्रोग्राम इन एचआर मैनेजमेंट (अवधि - 2 साल),
  • www.mdi.ac.in
  • इंडियन इंस्टीटूट ऑफ मैनेजमेंट, अहमदाबाद व अन्य सभी केंद्र,
  • कोर्स : एमबीए-एचआर (अवधि - 2 साल)
  • www.iimahd.ernet.in»
  • फैकल्टी ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज, दिल्ली विश्व., दिल्ली
  • कोर्स : एमबीए इन एचआर (अवधि - 2 साल)
  • www.fms.edu
  • टाटा इंस्टीटूट ऑफ सोशल साइंसेज, मुंबई
  • कोर्स : एमए इन एचआर मैनेजमेंट ऐंड लेबर रिलेशन, एमए इन सोशल वर्क (अवधि - 2 साल)
  • www.tiss.edu
  • इग्नू, नई दिल्ली,
  • कोर्स : पीजी डिप्लोमा इन एचआर (अवधि - 1 साल),
  • www.ignou.ac.in
 
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