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what is Pravasi Bharatiya Divas wiki
7 से 9 जनवरी तक चले नौवें प्रवासी भारतीय दिवस समारोह में पूर्वोत्तर भारतीय राज्यों पर फोकस किया गया। आइए डालते हैं इस आयोजन पर एक नजर
हर वर्ष जनवरी की शुरुआत में ही आयोजित होने वाले प्रवासी भारतीय समारोह का केंद्र इस बार पूर्वोत्तर राज्य रखा गया था और मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड, सिक्किम, त्रिपुरा जैसे पूर्वोत्तर राज्यों में निवेश के बढ़ रहे अवसर से अनिवासी भारतीयों का परिचय कराया गया। समारोह का उद्घाटन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और समापन राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने किया, जबकि न्यूजीलैंड के गवर्नर जनरल सर आनंद सत्यानंद बतौर मुख्य अतिथि इसमें मौजूद थे।
ऐसे हुई शुरुआत (When Pravasi Bharatiya Divas Begins):प्रवासी भारतीय दिवस शुरू करने का श्रेय लक्ष्मीमल सिंघवी कमेटी को जाता है। कमेटी का मानना था कि भारत के प्रति अनिवासियों को आकर्षित करने और निवेश के अवसर बढ़ाने के लिए ऐसे कार्यक्रमों की जरूरत है। चूंकि इसी दिन 1915 में महात्मा गांधी दक्षिण अफ्रीका से स्वदेश लौटे थे, इसलिए सरकार 9 जनवरी का दिन प्रवासी भारतीय दिवस के रूप में मनाने लगी। पहला सम्मेलन 2003 में आयोजित किया गया। प्रवासी भारतीय मामलों का मंत्रालय और फिक्की इसे प्रायोजित करता है। सराहनीय योगदान के लिए प्रतिवर्ष कई अनिवासियों को इस आयोजन में सम्मानित भी किया जाता है।
उद्देश् (Motive of Pravasi Bharatiya Divas): प्रवासी भारतीय दिवस मानने का मुख्य मकसद अप्रवासी भारतीयों की भारत के प्रति सोच, उनकी भावनाओं की अभिव्यक्ति के साथ ही उनकी अपने देशवासियों के साथ सकारात्मक बातचीत के लिए एक मंच उपलब्ध कराना है। यह समारोह भारतवासियों को अप्रवासी बंधुओं की उपलब्धियों के बारे में जानकारी देता है और अप्रवासियों को देशवासियों की उनसे अपेक्षाओं से अवगत कराता है। दुनिया में अप्रवासी भारतीयों का एक नेटवर्क बनाना और भारतीय श्रमजीवियों को विदेश में होने वाली कठिनाइयों पर विचार-विमर्श करना भी इसका उद्देश्य है।
प्रवासी दिवस आयोजन स्थल मुख्य फोकस
  • पहला (2003) नई दिल्ली वैश्विक भारतीय परिवार के प्रति चेतना फैलाना।
  • दूसरा (2004)नई दिल्ली प्रवासियों के लिए नई नीति और उन्हें देश में व्यापार करने का अवसर देना।
  • तीसरा (2005)मुंबई प्रवासियों से संबंध में मजबूती।
  • चौथा (2006)हैदरा बाद प्रवासी भारतीयों के लिए ज्ञान और शिक्षा में अवसर उपलब्ध कराना।
  • पांचवां (2007)नई दिल्ली शिक्षा, स्वास्थ्य, युवा, महिला और निवेश पर नीति बनाना।
  • छठा (2008)नई दिल्ली ग्रामीण क्षेत्रों में भारतीय महिलाओं की स्थिति।
  • सातवां (2009)चेन्नईअ निवासी भारतीय भारत की प्रगति में भागीदार।
  • आठवां (2010)नई दिल्ली कृषि, ऊर्जा और स्वास्थ्य सुविधाओं में नैनो तकनीक का इस्तेमाल।
  • अबकी 2015 प्रवासी भारतीय दिवस गुजरात में मनाया जायेगा
 
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