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एक समारोह में एक महिला अचानक हंस पड़ी। किसी तरह उसने खुद पर नियंत्रण रखा। बाद में पूछने पर पता चला कि वक्ता ने एक ऐसे स्थानीय शब्द का इस्तेमाल किया था, जिसका अर्थ उसकी भाषा में मूर्ख था। स्पष्ट है कि बोलते वक्त हमें बेहद सावधान रहने की जरूरत है।
जिस तरह कमान से निकला हुआ तीर कभीभी वापस नहीं आ सकता, इसी तरह मुंह से निकला हुआ शब्द भी वापस नहीं आता। मुंह से निकली हुई हर बात तरंगों के रूप में कान से होकर दिल तक पहुंचती है और या तो यह मलहम का काम करतीहै या फिर तलवार का। आप जो भी बोलते हैं, उनसे ही कहीं-न-कहीं आपके व्यक्तित्व का निर्धारण होता है। इसलिए आप जो भी बोलें, नाप-तौल के बोलें, आम जीवन में भी और इंटरव्यू के दौरान भी। इन बातों पर ध्यान दें :
बोलने से पहले माहौल का ध्यान रखें। आप जो बोलने जा रहे हैं, उसका नतीजा क्या हो सकता है, सोच लें। तभी कुछ कहें। कहीं ऐसा न हो कि बात बनने के बजाय बिगड़ जाए।
जो भी बोलें, संदर्भ का जरूर ख्याल रखें। कई बार लोग ऐसी बातें करते हैं, जिनसे दूसरों का सिर्फ समय बरबाद होता है। ऐसा न करें।
शब्द वैसे चुनें, जो आप खुद भी सुनना पसंद करें। प्रेरणा भरे शब्द बोलें। इससे सुनने वालों को आगे बढ़ने का बल मिलेगा। ऐसे में लोग आपको सुनना पसंद करेंगे।
बोलने के दौरान आप किसी भी अपशब्द का इस्तेमाल न करें। ऐसे शब्दों के प्रयोग से लोगों की नजरों में आपकी एक नकारात्मक तस्वीर बनती है। इससे लोग आपसे दूर भागेंगे।
ऐसे शब्द या वाक्य से बचें, जिनकादोहरा अर्थ हो। इससे हो सकता है कि आप कुछ और कहना चाहते हों और सामनेवाला कुछ और समझ जाए। ऐसे में बात बनने के बजाय बिगड़ सकती है आैर आपका नुकसान हो सकता है।
कभी ऐसा कुछ न कहें, जो दूसरों को बुरा लगे। लोगों के साथ, खासकर बड़ों के साथ बात करते वक्त पूर्ण शालीनता बरतें और उनको सम्मान दें।
जॉब या इंटरव्यू के दौरान भी शालीन भाषा का इस्तेमाल करें। अधिक बोलकर अपनी बात पर अड़े रहना नुकसानदायक हो सकता है और आपकी सफलता संदिग्ध हो सकती है।
हमेशा उसी भाषा मे बात करें, जो सामने वाले को ठीक से समझ में आती हो। कोई सिर्फ हिंदी ही जानता है और आप उससे अंग्रेजी में बात करेंगे, तो वह आपकी बात भला क्या समझेगा।
इंटरव्यू में बातचीत के दौरान मैनर्स का ध्यान रखें। थैंक्स, शुक्रिया, आपने ठीक कहा..., बिल्कुल ठीक, मेरा भी ऐसा ही सोचना है... आदि शब्दों और वाक्यों के इस्तेमाल से आपकी सफलता की संभावना अधिक बढ़ जाती है।
बोलने के अलावा सुनने की भी आदत डालें। इससे फायदा होगा। कभी मौका मिले तो सफल लोगों की बातों की तरफ ध्यान जरूर दें। आप खुद भी बेहतर ढंग से बोलना सीख जाएंगे। 
 
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