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ऑनलाइन सुविधाओं का बेहतर इस्तेमाल हो, इसके लिए कुछ सावधानियांे का ध्यान रखना जरूरी है...

वर्तमान युग को साइबर युग कहा जाता है। प्रत्येक क्षेत्र में किसी-न-किसी रूप में कंप्यूटर व इंटरनेट का उपयोग किया जाने लगा है और इस पर निर्भरता निरंतर बढ़ती जा रही है। इंटरनेट आधुनिक युग में किसी वरदान से कम नहीं है। लेकिन इस संबंध में कई सावधानियां भी जरूर बरतनी चाहिए। तभी कंप्यूटर वास्तव में वरदान साबित होगा।
इस संबंध में ऑनलाइन सिक्योरिटी का ध्यान रखना सबसे जरूरी है। ऑनलाइन सेफ्टी और सिक्योरिटी के बारे में कंप्यूटर/इंटरनेट यूजर्स को काफी सावधानी बरतने की जरूरत है। दिन-प्रतिदिन ई-मेल हैकिंग, वेबसाइट हैकिंग, क्रेडिट कार्ड फ्रॉड जैसी घटनाएं सुर्खियां बनने लगी हैं। ऐसे में यह सुविधा हमारे लिए सिरदर्द भी बनती जा रही है। ऐसे में विद्यार्थियों व अन्य सभी लोगों के लिए साइबर अवेयरनेस अत्यंत जरूरी है।
ऑनलाइन गेमिंग, चैटिंग आदि की बढ़ती लोकप्रियता के कारण आजकल बच्चों व किशोरों द्वारा भी इंटरनेट का इस्तेमाल काफी किया जाने लगा है। ऐसे में बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखना अभिभावकों के लिए जरूरी हो गया है। बच्चों में भी ऑनलाइन सिक्योरिटी के प्रति जागरूकता बढ़ाने की कोशिश करनी चाहिए। इंटरनेट पर कुछ ऐसे टूल्स व सॉफ्टवेयर, जैसे पैरेंटल कंट्रोल आदि उपलब्ध हैं, जिनकी मदद से बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर कंट्रोल रखा जा सकता है। ऐसी वेबसाइट्स को कुछ खास वेबसाइट्स, जैसे www.microsoft.com, www.symantic.com आदि से डाउनलोड किया जा सकता है।
इंटरनेट पर अपनी पूरी डिटेल, जैसे फोन नंबर, एड्रेस, बैंक अकाउंट, आमदनी आदि कभी न पोस्ट करें और न ही किसी अंजान व्यक्ति के बारे में शेयर करें। अपने पासवर्ड की जानकारी किसी को न दें और समय-समय पर उसे बदलते रहें। स्ट्रांग पासवर्ड बनाने की कोशिश करें, ताकि कोई उसके बारे में अनुमान भी नहीं लगा सके। साइबर कैफे, ऑफिस आदि सार्वजनिक जगहों पर यदि आप इंटरनेट का इस्तेमाल करते हों, तो काम के बाद कंप्यूटर को लॉग-ऑफ करना न भूलें। वेब ब्राउजर की ऑटो सेव या पासवर्ड याद रखने की सुविधा का इस्तेमाल कतई न करें।
अंजान व्यक्तियों के द्वारा भेजे गए ई-मेल को बिल्कुल नहीं खोलें। ऐसे अधिकतर ई-मेल स्पैम होते हैं, जो हमें भ्रमित करते हैं और हमें फिशरों के जाल में फंसा सकते हैं। इसके अलावा ऐसे ई-मेल वायरस संक्रमित भी हो सकते हैं, जिससे कंप्यूटर पर भी वायरस अटैक हो सकता है। इसलिए अपने कंप्यूटर में किसी अच्छे एंटी वायरस सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल जरूर करें।
 
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