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माइक्रोबायोलॉजी (सूक्ष्म जीव विज्ञान) जीव विज्ञान की ही एक शाखा है। विज्ञान की इस शाखा के तहत उन सूक्ष्म जीवों और कीटाणुओं का अध्ययन किया जाता है, जिन्हें आंखों से देख पाना असंभव होता है। ऐसे में लेंस और माइक्रोस्कोप की मदद से विभिन्न रिसर्च प्रोजेक्ट्स को अंजाम दिया जाता है। इस क्षेत्र में पिछले दो दशकों में काफी विस्तार हुआ है। रोग और उपचार की दुनिया के अलावा दवा निर्माण, आहार, प्रदूषण नियंत्रण आदि विभिन्न क्षेत्रों में इसकी उपयोगिता बढ़ती जा रही है।
विषय की रूपरेखा
सूक्ष्म जीव यानी बैक्टीरिया नुकसानदायक और लाभदायक, दोनों तरह के होते हैं। माइक्रोबायोलॉजी में इन दोनों का ही अध्ययन किया जाता है। खानपान हो या दवाइयां, उनकी गुणवत्ता की जांच की जिम्मेदारी माइक्रोबायोलॉजिस्ट की होती है। इसके तहत सूक्ष्म विज्ञान का इतिहास, मेडिकल माइक्रोबायोलॉजी, सेल बायोलॉजी, बायोकेमिस्ट्री, जेनेटिक्स, इम्यूनोलॉजी, मॉलेक्यूलर बायोलॉजी आदि विषयों की जानकारी दी जाती है।
कैसे-कैसे कोर्स
पहले माइक्रोबायोलॉजी से संबंधित पाठक्रम सामान्यत: मेडिकल कॉलेजों में ही उपलब्ध थे, लेकिन अब अन्य विश्वविद्यालयों में भी इसकी पढ़ाई होने लगी है। इनमें कुछ में मेरिट के आधार पर एडमिशन होता है, जबकि कुछ संस्थानों में एंट्रेंस टेस्ट के आधार पर प्रवेश मिलता है। इसके अंतर्गत बीएससी, एमएससी, एमफिल से लेकर पीएचडी तक के कोर्स उपलब्ध हैं। बीएससी में माइक्रोबायोलॉजी से संबंधित समस्य विषयों की जानकारी दी जाती है, जबकि एमएससी से विभिन्न शाखाओं में स्पेशलाइजेशन की शुरुआत होती है।
शैक्षणिक योग्यता
स्नातक स्तर पर प्रवेश के इच्छुक विद्यार्थियों को 12वीं साइंस संकाय से उत्तीर्ण होना चाहिए, जबकि पीजी लेवल पर एडमिशन के लिए ग्रेजुएशन में लाइफ साइंस या माइक्रोबायोलॉजी विषय होना जरूरी है।
मौके कहां-कहां
विभिन्न क्षेत्रों में आज माइक्रोबायोलॉजी के विशेषज्ञों की काफी आवश्यकता है। बीएससी के बाद रिसर्च असिस्टेंट के रूप में जॉब मिल सकता है। इसके अलावा मेडिकल रिपे्रजेन्टेटिव के रूप में भी मौके मिलते हैं। एमएससी के बाद माइक्रोबायोलॉजिस्ट की मांग एग्रीकल्चरल रिसर्च, पॉल्यूशन कंट्रोल और मेडिकल रिसर्च से संबंधित संस्थानों तथा हॉस्पिटल्स व फूड प्रोडक्शन सेंटर्स में भी बनी रहती है। टीचिंग में तो मौके मिलते ही हैं।
मुख्य संस्था»
इंस्टीटूट ऑफ होम इकोनॉमिक्स, दिल्ली विश्वविद्यालय, दिल्ली
www.ihe-du.co.in/bsc-h-microbio.htm»
दिल्ली विश्वविद्यालय, दि
www.du.ac.in»
देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी, इंदौर
www.dauniv.ac.in»
आईआईटी, रुड़की,
www.iitr.ac.in»
डीएमसीबी, इंडियन इंस्टीटूट ऑफ साइंस, बेंगलुरु,
http://mcbl.iisc.ernet.in»
जेएनयू, नई दिल्ली,
www.jnu.ac.in
गणेश कुमार पांडे
दवा हो या खानपान, आम आदमी की सेहत से जुड़ा होने के कारण माइक्रोबायोलॉजिस्ट के लिए अवसरों में इजाफा हुआ है।
 
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