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5जी बनेंगे मोबाइल 5जी में दो पहलू हैं Evolution और Revolution Evolution - Evolution यानी विकास। 5जी टेक्नोलॉजी wwww यानी वायरलेस वर्ल्ड वाइड वेब पर काम करेगी। इसका मतलब यह हुआ कि अब आपको लैपटॉप या कम्प्यूटर की ज़रूरत नहीं पड़ेगी। हर जगह, हर वक्त आप हाइ स्पीड इंटरनेट की सुविधाओं का आनंद उठा सकते हैं।
Revolution - Revolution
यानी क्रान्ति। 5जी टेक्नोलॉजी के आने से एक खलबली सी मचने वाली है दुनिया में। न केवल मोबाइल एक नया स्वरूप ले लेगा बल्कि आने वाले कल में अपने आसपास की हर चीज़ कुछ बदल सी जायेगी। आने वाले कल में टेक्नोलॉजी असल में कण-कण में मौजूद होगी।
क्या फ़र्क होगा 4जी और 5जी में
मोबाइल बन जायेगा जिन्न
5जी के आने से आपका मोबाइल एक जिन्न की तरह काम करेगा। अगर थोड़ी सरल भाषा में बोलें तो आपका मोबाइल चतुर(intelligent ) बन जायेगा। इसका एक उदाहरण लेते हैं। अगर आपने अपने मोबाइल पर सुबह का अलार्म लगाया है, और मान लीजिये मौसम खराब होने की वजह से या किन्हीं अन्य कारणों से जिस रोड से आप अपने स्कूल जाते हैं उस पर जाम लगा है, तो यह कुछ देर पहले ही अलार्म बजा देगा जिससे आप को अपने स्कूल के लिए देर न हो जाये। ऐसे ही कयी टेक्नोलॉजी भरे बुद्धिमत्ता के पैंतरे अब 5जी टेक्नोलॉजी में आयेंगे।
जासूसी भी करेगा मोबाइल
आने वाले समय में आपके घर की हर एक चीज़ में एक टैग लगा होगा जिसे आपक ा मोबाइल पहचान सकेगा। यह टैग एक मैग्नेटिक कार्ड की तरह काम करेगा जो हमेशा नेटर्वसे जुड़ा रहेगा। इससे घर की किसी भी चीज़ के खोने या चोरी हो जाने का कोई डर नहीं रह जायेगा। आप जब चाहें अपने मोबाइल के ज़रिए घर की किसी भी चीज़ को ढ़ूढ़ सकेंगे।
मोबाइल ख़ुद करेंगे भुगतान का हिसाब
आने वाले दिनो में मोबाइल इतने समझदार हो जायेंगे कि मोबाइल कम्पनियों के बिल का इन्तज़ार करने की भी ज़रूरत नही पड़ेगी। मोबाइल में ऐसा सॉफ़्टवेयर आयेगा जो खुद ही बिल की राशी तय कर के आपको बता दिया करेगा। इससे किसी धोखाधड़ी की भी शंका मन में नहीं रह जायेगी। सिर्फ़ यही नहीं, जो बिल आप देंगे, उसकी पाई-पाई का हिसाब आपको मिलेगा, बोले तो एक-एक पैसे का हिसाब आपको आप ही के मोबाइल से प्राप्त हो जाया करेगा। आपका नेटवर्कइतना चालाक हो जायेगा, कि आपका एक-एक लफ़्ज़ भाँप लेगा। यानी मोबाइल का नेटवर्क स्पेक्ट्रम को तभी तक आपके लिये उपयोग करेगा जब तक आप कुछ बोल रहे हैं। जब आप शान्त हैं तो न पैसे कटेंगे, और न स्पेक्ट्रम उपयोग होगा।
मोबाइल ख़ुद बनेंगे टावर
आने वाले दिनों में हर तरह के नेटवर्क यानी, ब्लूटूथ, वायरलेस इंटरनेट, जी.एस.एम एक साथ मिल कर काम किया करेंगे। टावरों की संख्या भी कम हो जायेगी। जो टावर लगेंगे भी, उनको बहुत ऊँचाई पर लगाने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी। इसके साथ ही आपका मोबाइल ही कई अन्य मोबाइलों के लिये टावर का काम करेगा। इसको भी एक उदाहरण लेकर समझते हैं। मान लीजिये आपके इलाके में एक टावर है जिससे आपका मोबाइल जुड़ा हुआ है। आपके मोबाइल के आस-पास तीन और मोबाइल भी हैं। जब इन तीनों में से किसी मोबाइल को नेटवर्क का उपयोग करना होगा, तो वह पहले आपके मोबाइल से जुड़ जायेगा, और फिर आपके मोबाइल के ज़रिए टावर से जुड़ जायेगा। पर अगर आपका मोबाइल कहीं व्यस्त है, तो पहले यह ढ़ूँढ़ेगा कि आसपास टावर से ज़ुड़ा कोई और मोबाइल है क्या, वरना यह खुद ही खुद को टावर से जोड़ लेगा और एक मोबाइल टावर का काम करने लगेगा। इसका एक फ़ायदा यह होगा कि सूनामी या किसी भी तरह की आपदा में जब मोबाइल टावर काम नहीं कर पाते, उस वक्त आपका मोबाइल ही टावर का काम करेगा।
यानी आने वाले दिनों में मोबाइल की क्षमताएँ कई गुन: ज़्यादा बढ़ जायेंगी।
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कल्पना का भी कभी अंत होता है क्या? कल्पना ही तो टेक्नोलॉजी का अस्तित्व टिका है। पर अभी से 5जी की कल्पना मुमकिन है क्या? यही सवाल युवान के मन में भी उठा था। पर जवाब सुनेंगे तो आप भी दंग रह जायेंगे। 5जी टेक्नोलॉजी के आने के बाद दुनिया पूरी तरह से बदल जायेगी। कुछ भी पहले जैसा नहीं रह जायेगा। हर चीज़ आपकी ऊँगलियों के इशारों पर नाचेगी। यों समझ लीजिये कि 5जी के आने के बादआपका मोबाइल एक छोटा सा रोबोट बन जायेगा। आपको हर चीज़ उसको बताने की ज़रूरत भी नहीं पड़ेगी। वह ख़ुद ही अपने निर्णय लेने में सक्षम होगा।  
 
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