Menu

sarkarinaukripaper.com brings the Top Sarkari naukri Jobs like Banking, Railway, Teaching, Public Sector, Science-Research jobs recruitment 2016 Government Jobs in India from Central / State Governments, PSU, Courts, Universities and Armed Forces सरकारी नौकरी stock market, career guidance courses after 12th and tech news, in hindi Search investing for beginners, how to make money online and health news articles. Grab the Tech news like web hosting, blogging, blogger or seo, templates & tools

Subscribe us Follow by Email

आईपीसी की धारा 302 कई मायनों में काफी महत्वपूर्ण है। कत्ल के आरोपियों पर धारा 302 लगाई जाती है। अगर किसी पर कत्ल का दोष साबित हो जाता है, तो उसे उम्रकैद या फांसी की सजा और जुर्माना हो सकता है। कत्ल के मामलों में खासतौर पर कत्ल के इरादे और उसके मकसद पर ध्यान दिया जाता है। इसमें, पुलिस को सबूतों के साथ ये साबित करना होता है कि कत्ल आरोपी ने किया है, उसके पास कत्ल का मकसद भी था और वो कत्ल करने का इरादा रखता था। 
Section 302 in The Indian Penal Code?

भारतीय दंड संहिता की (IPC) धारा-304ए

आईपीसी की धारा 304 (ए) उन लोगों पर लगाई जाती है,जिनकी लापरवाही की वजह से किसी की जान जाती है। इसके तहत दो साल तक की सजा या जुर्माना या दोनों होते हैं। सड़क दुर्घटना के मामलों में किसी की मौत हो जाने पर अक्सर इस धारा का इस्तेमाल होता है।

 
Top