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वर्तमान समय में हेल्थ केयर ग्लोबल बिजनेस में दूसरे क्रम पर है। मेकेंजी की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, इंडियन हेल्थ केयर सेक्टर 2015 तक 1500 बिलियन डॉलर तक पहुंच जाएगा। इस जबरदस्त उछाल से हेल्थ केयर इकोनॉमिस्ट व हेल्थ केयर मैनेजर की डिमांड बहुत बढ़ गई है। इस समय हेल्थ केयर सर्विस पुनर्परिभाषित हो चुकी है। सर्विस प्रोवाइडर इसे इंटरनेशनल कसौटी पर कस रहे हैं। यही कारण है कि प्रोफेशनल हेल्थ केयर की डिमांड बहुत बढ़ गई है, क्योंकि ऐसे प्रोफेशनल बेहतर हेल्थ केयर स्थापित करने के लिए मैनेजमेंट सिद्धांतों को अप्लाई करते हैं।
विषय की प्रकृति
हेल्थ केयर मैनेजमेंट व्यवसाय का एक नया विकल्प है। हालांकि हेल्थ केयर के लिए प्रोफेशनल मैनेजर की डिमांड अपनी शुरुआती अवस्था में है, लेकिन कॉरपोरेट सेक्टर द्वारा किए जा रहे निवेश से यह सेक्टर तेजी से आगे बढ़ रहा है। इनमें फोर्टिस, अपोलो ग्रुप, हिंदुजा ग्रुप, रिलायंस इंडस्ट्री, वॉकहार्ट, मैक्स हेल्थ केयर आदि प्रमुख हैं।
कॅरियर का विस्तार
यदि भारत के परिप्रेक्ष्य में देखें, तो इलाज की विभिन््न वजहों से लगभग 2 लाख विदेशी प्रतिवर्ष अपनी विभिन्न चिकित्सा संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिए भारत आ रहे हैं। इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि हेल्थ केयर मैनेजमेंट में कॅरियर के कितने चमकीले अवसर हैं।
मौके कहां-कहां
हेल्थ केयर में कार्यरत हॉस्पिटल समूहों के अलावा एनजीओ भी कॅरियर के अनेक अवसर उपलब्ध करवाते हैं। इसके अलावा दूसरे और भी कई क्षेत्र हैं, जैसे मेडिकल टूरिज्म, टेलिमेडिसिन, फार्मास्युटिकल और हेल्थ इंश्योरेंस, जहां मौके मिलते हैं। मेकेंजी रिपोर्ट के अनुसार, भारत के प्राइवेट हेल्थ इंश्योरेंस कवर में 2020 तक 20 से 25 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी होगी। हेल्थ इंश्योरेंस के परिप्रेक्ष्य में देखें तो इकोनॉमिक्स ऐसा क्षेत्र है, जहां ज्यादातर डॉक्टर खुद को सहज नहीं महसूस करते हैं। इसलिए ऐसे गुणों से युक्त डॉक्टर की इंश्योरेंस सेक्टर में भारी मांग है, अर्थात हेल्थ इकोनॉमिस्ट, जिसका क्लिनिकल बैकग्राउंड हो।
कोर्स व शैक्षणिक योग्यता
देश के कई संस्थान हैं, जो हेल्थ सेग्मेंट में मैनेजमेंट प्रोग्राम संचालित करते हैं। ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस, नई दिल्ली तथा टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंस, मुंबई में हेल्थ केयर मैनेजमेंट में मास्टर प्रोग्राम उपलब्ध हैं। ये संस्थान एमबीबीएस ग्रेजुएट के लिए ही कोर्स ऑफर करते हैं, जबकि दूसरे कई इंस्टीट्यूट अन्य विषयों के ग्रेजुएट के लिए भी पाठ्यक्रम संचालित करते हैं।
मुख्य संस्थान
  • अपोलो इंस्टीट्यूट ऑफ हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन, हैदराबाद
  • इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ मैनेजमेंट रिसर्च, जयपुर
  • टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंस, मुंबई
  • बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन, हैदराबाद
  • ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ लोकल सेल्फ गवर्मेंट, मुंबई
  • एडमिनिस्ट्रेटिव स्टॉफ कॉलेज ऑफ इंडिया, हैदराबाद 
 
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