Menu

सरकारी नौकरी कोई भी हो, उससे संबंधित परीक्षा में सफल होने के लिए खास तरह की तैयारी जरूरी है। ऐसे में तैयारी के मूल-मंत्र को गहराई से समझना प्रत्येक विद्यार्थी के लिए अत्यंत ही जरूरी है...
किसी भी सरकारी नौकरी को हासिल करने के लिए प्रतियोगी परीक्षा उत्तीर्ण करना जरूरी है, बात चाहे यूपीएससी एग्जाम से आईएएस, आईपीएस, आईएफएस जैसे पदों पर नियुक्ति की हो या आईबीपीएस द्वारा आयोजित बैंक पीओ और क्लर्क की, या फिर एसएससी से भर्ती होने वाले पदों अथवा अन्य सरकारी संस्थाओं के जरिए सभी तरह की नौकरियों के लिए होने वाली प्रतियोगिता परीक्षाओं की। सभी जगह प्रतियोगिता परीक्षा में कड़ी प्रतिस्पर्धा है। ऐसे में सफल होना हो, तो इन परीक्षाओं में शामिल होने वाले परीक्षार्थियों के लिए एक सही दिशा में तैयारी बेहद जरूरी है।
टाइम मैनेजमेंट है खास
प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी में टाइम मैनेजमेंट की भूमिका काफी अहम होती है। निर्धारित कर लें कि क्या पहले पढ़ना है और क्या बाद में। परीक्षा के दौरान भी निश्चित कर लें कि किस सेक्शन पर कितना टाइम देना है। इससे सभी प्रश्नों को पर्याप्त समय दे पाने में आसानी होगी।
स्पीड पर टिका दारोमदार
परीक्षा की तैयारी से लेकर परीक्षा भवन में प्रश्नों को हल करते समय स्पीड मेंटेन रखें, अन्यथा अंतिम समय में प्रश्नों के छूटने की आशंका बनी रहेगी। गति हासिल करने के कई तरीके हो सकते हैं, जैसे स्पीड टेस्ट देना या घर पर नियत समय के भीतर सैंपल पेपर हल करने का अभ्यास करना आदि। जिन प्रश्नों में दिक्कत महसूस हो रही हो, उन्हें छोड़कर आगे बढ़ जाएं। बाद में उन्हें हल करें।
मॉडल पेपर का करें अभ्यास
मॉडल पेपर से अभ्यास करने से आपको अपनी कमियां पता चलेंगी और समय रहते आप उन्हें दूर कर पाएंगे। मॉडल टेस्ट पेपर सॉल्व करने से आपको अपनी तैयारी का भी आकलन हो जाता है। तैयारी के अंतिम दिनों में कोशिश करें कि प्रतिदिन एक सैंपल पेपर नियत अवधि में जरूर हल करें।
निगेटिव मार्किंग का रखें ध्यान
ऑब्जेक्टिव टाइप अधिकांश परीक्षाओं में गलत उत्तर दिए जाने पर निगेटिव मार्किंग का प्रावधान होता है। सिर्फ उन्हीं सवालों का जवाब दें, जिनके जवाब आपको अच्छे से आते हैं। जिन सवालों के जवाब को लेकर कोई दुविधा हो, उन्हें हल करने में समय न गवाएं।
विषयों की तैयारी
अधिकांश प्रतियोगी परीक्षा में क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूड या मैथ, रीजनिंग एबिलिटी, जनरल अवेयरनेस और जनरल इंग्लिश भाग से सवाल पूछे जाते हैं। इनकी तैयारी पर विशेष ध्यान दें, ताकि संबंधित सवालों के उत्तर आसानी से दिए जा सकें।
क्वांटिटिव एप्टीट्यूड या मैथ : यह हिस्सा पेपर के अन्य हिस्सों के मुकाबले ज्यादा कठिन होता है। गणित में फॉर्मूले रटने की बजाय समझ कर उन्हें प्रयोग में लाने का कौशल विकसित करना जरूरी है। इसके तहत मेंशुरेशन, अर्थमेटिक्स, ट्रिग्नाेमेट्री, ज्योमेट्री, स्टैटिस्टिक्स, लागरथम, नंबर सिस्टम, टेबल आदि के प्रश्न शामिल होते हैं। इसकी तैयारी के लिए मैट्रिक और 12वीं की किताबों की मदद लें तथा अपना बेसिक्स क्लीयर रखें। प्रैक्टिस पर अपना पूरा जोर लगाएं।
रीजनिंग : पेपर के इस भाग को स्कोरिंग माना जाता है, मगर इसके सवाल समय भी ज्यादा लेते हैं। अमूमन सभी सवाल तार्किक होते हैं। इसलिए आपको अलग-अलग तरह से सोचने की क्षमता विकसित करनी होगी। ऐसे सवालों के अभ्यास पर ज्यादा समय लगाएं।
करंट अफेयर्स : परीक्षा का एक निर्णायक हिस्सा करंट अफेयर्स (समसामयिकी) होते हैं। यह पेपर विषयों की विविधता के कारण काफी महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसमें देश-विदेश में हाल-फिलहाल में घटित हुई महत्वपूर्ण घटनाओं से संबंधित सवाल पूछे जाते हैं। प्रतिदिन समाचार-पत्र, समाचार चैनल व पत्रिकाओं और वार्षिकी के संपर्क में रहें। इंटरनेट के माध्यम से पुरानी बड़ी घटनाओं के बारे में जाना जा सकता है।
अंग्रेजी : अंग्रेजी के पेपर में ग्रामर, रीडिंग कॉम्प्रीहेंशन, ऐसे राइटिंग, प्रीसाइज आदि सवाल पूछे जाते हैं। इनकी तैयारी के लिए ज्यादा से ज्यादा सवालों को हल करने का अभ्यास करना चाहिए। इडियम्स और फ्रेज अधिकांश प्रतियोगी परीक्षा में पूछे जाते हैं। इन्हें याद रखने का आसान तरीका है, बोलचाल और लेखन में इनका उचित प्रयोग।
जनरल स्टडीज : जनरल नॉलेज का दायरा काफी बड़ा है। इस वजह से इसकी तैयारी के लिए विशेष ध्यान देने की जरूरत है। प्रश्नों में इतिहास, भूगोल, पॉलिटी, वैश्विक कीर्तिमान, महत्वपूर्ण दिवस, वैज्ञानिक पक्षों आदि के प्रश्न आते हैं।
लिखित परीक्षा
यूपीएससी, स्टेट पीसीएस, एसएससी और कई अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में लिखित परीक्षा से भी गुजरना पड़ता है। इसके लिए तैयारी के दौरान ही आपको पढ़ने के साथ-साथ लिखने का भी भरपूर अभ्यास करना चाहिए। राइटिंग के अभ्यास से तय समय में प्रश्नों के पूरे उत्तर लिखने की क्षमता बढ़ेगी। लिखित परीक्षा की तैयारी में राष्ट्रीय समाचार-पत्र, स्तरीय प्रतियोगिता पत्रिकाएं, एनसीईआरटी की 12वीं तक की पुस्तकें तथा विषय से संबंधित अन्य पुस्तकें काफी मददगार साबित होंगी। गौर करें :
n
नोट्स बनाकर पढ़ें - छोटे-छोटे नोट्स बनाकर भी रखें, ताकि इसकी सहायता से आखिर में रिवीजन कर सकें।
शब्द संख्या - उत्तर के लिए निर्धारित शब्द संख्या और अंक का ध्यान रखें। अगर कोई प्रश्न कम अंक का है और संबंधित विषय के बारे में काफी जानकारी रखते हैं, तो उत्तर में ज्यादा बातें लिखने की बजाय महत्वपूर्ण बातें ही लिखें। ऐसा न करने पर अन्य प्रश्नों के लिए आपके पास समय नहीं बचेगा।
भाषा शैली - प्रश्नों के जवाब लिखते समय शब्दों के प्रयोग पर खास ध्यान दें। उन्हीं शब्दों का प्रयोग करें, जो आम प्रचलन में हों। वाक्य अधिक लंबे न लिखें।
क्रमबद्धता पर गौर करें - अगर किसी उत्तर में आंकड़ों और ब्योरों का इस्तेमाल करना हो, तो उनकी क्रमबद्धता और सिलसिलेवार प्रस्तुति का ध्यान रखें।
इंटरव्यू
इंटरव्यू के दौरान कैंडीडेट का संपूर्ण आकलन किया जाता है कि क्या वह वाकई उस पद के लिए योग्य है। इसमें खासकर एकेडमिक कॅरियर, जनरल नॉलेज, लीडरशिप, टीम वर्क आदि गुणों को परखा जाता है। इसके अलावा पर्सनैलिटी पर भी खास ध्यान दिया जाता है। बेहतर होगा कि आप तैयारी के दौरान समय-समय पर दोस्तों या सीनियर के साथ मॉक इंटरव्यू देते रहें।
परीक्षा से एक दिन पहले
सिर्फ नोट्स को दोहराएं। तैयारी के दौरान जिन चीजों को आपने नहीं पढ़ा, उन्हें न पढ़ें। चैप्टर्स के जिन हिस्सों में आपका कॉन्फिडेंस लेवल कम है, उन्हें फिर से दोहराएं।
आपने परीक्षा के लिए जो तैयारी की है, उसे जांचने के लिए आपको मॉडल पेपर से अभ्यास करना चाहिए।

How we work

Bitcoin is a cryptocurrency, which is a form of electronic cash. This is the first decentralized digital currency: the system was designed to work without a central bank or a single administrator. Many economists and investors consider the Bitcoin market to be a bubble. Bitcoin has also been criticized for its use in illegal transactions, its high power consumption, price instability, and theft from exchanges.

What Is Real Cryptocurrency
Bitcoin is made as a reward for the process known as mining. They can be exchanged for other currencies, products and services. The research produced by Cambridge University estimates that in 2017, there were 2.9 to 5.8 million unique users using cryptocurancency wallet, most of which used bittoine. A cryptocurrency (or crypto currency) is a digital asset designed to work as a medium of exchange that uses cryptography to secure its transactions, to control the creation of additional units, and to verify the transfer of assets. Cryptocurrencies are classified as a subset of digital currencies and are also classified as a subset of alternative currencies and virtual currencies.

Bitcoin, created in 2009, was the first decentralized cryptocurrency. Since then, numerous cryptocurrencies have been created. These are frequently called altcoins, as a blend of bitcoin alternative. Bitcoin and its derivatives use decentralized control as opposed to centralized electronic money/central banking systems . The decentralized control is related to the use of bitcoin's blockchain transaction database in the role of a distributed ledger
 
Top