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ऑनलाइन गतिविधियां जरूरी हैं, पर इसमें जरूरत से ज्यादा लिप्त रहना सेहत के लिए घातक हो सकता है...
आज जमाना कंप्यूटर का है और बदलते वक्त के साथ कंप्यूटर पर हमारी निर्भरता और बढ़ती जा रही है। पढ़ाई से लेकर मनोरंजन तक, स्पोर्ट्स से लेकर साइंस/टेक्नोलॉजी तक और भाषा से लेकर टिकटिंग तक, क्षेत्र चाहे जो भी हो, कंप्यूटर का इस्तेमाल किसी न किसी रूप में होता ही है। जहां तक विद्यार्थियों का सवाल है, तो किताबों के अलावा उनको कंप्यूटर के माध्यम से भी काफी जानकारी मिलने लगी है। नए जमाने में कंप्यूटर अध्ययन का खास माध्यम बन गया है।
विद्यार्थियों के पास इंटरनेट के रूप में ज्ञान का एक महत्वपूर्ण खजाना है। किसी भी विषय की जानकारी लेनी हो, तो बस एक क्लिक ही काफी है। मनचाहे विषय को सर्च बॉक्स में टाइप करें, आपके सामने उससे संबंधित तमाम वेबसाइट खुल जाएंगी। अपनी जरूरत के अनुसार किसी पर भी क्लिक करके आप उस विषय के बारे में गहरी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इंटरनेट कनेक्शन रहने पर यह सुविधा आप कभी भी, कहीं भी ले सकते हैं। जनरल नॉलेज से कोर्स तक, अध्ययन से संबंधित तमाम बातें आप इंटरनेट से जान सकते हैं। कई ऐसी वेबसाइट हैं, जो कोर्स की तैयारी के साथ-साथ विभिन्न प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी में भी मददगार होती हैं। सिर्फ ज्ञान ही नहीं, ऑनलाइन गेमिंग की लोकप्रियता भी विद्यार्थियों के बीच काफी है। ऑनलाइन गेमिंग ने तो नए जमाने के बच्चों और युवाओं में गेमिंग की अवधारणा ही बदल दी है। इससे मानसिक सक्रियता बनी रहती है।
अब सवाल यह है कि बच्चों, किशोरों अथवा विद्यार्थियों द्वारा किस सीमा तक कंप्यूटर के इस्तेमाल को सही ठहराया जाए? कंप्यूटर में दिन-रात आंखें गड़ाए रखना आपके शारीरिक और मानसिक सेहत के लिए खतरा हो सकता है। आंखों से संबंधित समस्याएं तो होती ही हैं, गलत पोश्चर के कारण हड्डियों से जुड़ी बीमारियां भी आपको अपना शिकार बना सकती हैं। एकाग्रता पर भी विपरीत प्रभाव पड़ता है, यानी अटेंशन डिफिसिट डिसऑर्डर की समस्या से जूझना पड़ सकता है। ऐसे में जरूरत इस बात की है कि पढ़ाई के लिए जितना जरूरी हो, कंप्यूटर का उतना ही इस्तेमाल करें। इसके अलावा अपनी शारीरिक सक्रियता को भी कम न होने दें। एक सीमा तक कंप्यूटर गेमिंग फायदेमंद है। इससे तुरंत निर्णय लेने की क्षमता विकसित होती है। साथ ही टीम वर्क में काम करने की भावना का भी विकास होता है। पर गेमिंग के चक्कर में घंटों कंप्यूटर से चिपके रहना खतरनाक है। इस लत से बचें।
 
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