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अधिकांश लोगों की जिंदगी का सबसे दुखद पहलू यह होता है कि वे अपनी इच्छानुसार जीवन नहीं जी पाते और इसी स्थिति में उनके जीवन का अंत भी हो जाता है। लेकिन जो लोग जीवन को खुद के अनुसार ढालने का जज्बा रखते हैं, उनके लिए ऐसी स्थिति नहीं आती। विपरीत परिस्थितियों का सामना करते हुए भी वे अपने जीवन को अपनी इच्छाओं के काफी करीब ले आते हैं। ऐसा इसीलिए संभव हो पाता है, क्योंकि वे अपनी क्षमता का बेहतर इस्तेमाल करने की कला को बखूबी जानते हैं।
अलबर्ट आइंस्टीन ने कहा था- ’मुझे लगता नहीं कि मैं अपनी जिंदगी में अपनी बौद्धिक क्षमता के 25 प्रतिशत का भी उपयोग कर पाया।’ इसी तरह विलियम जेम्स का भी कहना था कि इंसान सिर्फ 10-12 प्रतिशत ही अपनी आंतरिक क्षमता का इस्तेमाल कर पाता है। इन महापुरुषों के कथन से स्पष्ट है कि जिंदगी में सफलता का परचम लहराना है, तो अपनी क्षमता का शत-प्रतिशत दें। जब किसी काम में दिल लगाकर आप मेहनत ही नहीं करेंगे, तो सफलता की कामना भला कैसे कर सकते हैं।
कई बार अपनी क्षमता को पहचानने के बावजूद व्यक्ति अपने कदम आगे बढ़ाने से डरता है, यानी रिस्क लेने में हिचकता है। यही वह स्थिति होती है, जब उसकी प्रतिभा का सदुपयोग नहीं हो पाता। अपनी प्रतिभा का आकलन करते हुए सफलता के लिए रिस्क लेना भी जरूरी है। जब रिस्क लेंगे, तो गलतियां होंगी और जब गलतियां होंगी, तभी उनमें सुधार होगा और आप अपनी क्षमता का बेहतर उपयोग कर पाएंगे। जब बैठे रहेंगे, तब तो आप अपनी क्षमता को भी नहीं समझ पाएंगे।
आपका जो भी लक्ष्य हो, उसके अनुरूप आप अपनी क्षमता विकसित करें और फिर मेहनत करने के मामले में कभी रुकें नहीं। लगातार कोशिश से तो रस्सी भी पत्थर पर निशान बना देती है, फिर आप क्यों नहीं अपनी मंजिल पर पहुंच सकते? मन में सफलता का दृढ़ विश्वास बनाए रखें। साथ ही अपने प्रत्यनों में भी निरंतरता बनाए रखें। एक बात जान लें कि कोई भी व्यक्ति इसलिए सफल नहीं होता कि वह दूसरों से ज्यादा काबिल है या ज्यादा जानता है, बल्कि सफलता इस कारण से उसे नसीब होती है, क्योंकि वह अपनी क्षमता का इस्तेमाल दूसरों के मुकाबले कहीं अधिक समय तक करता है। आप भी सफलता के इस सिद्धांत को समझ लें।
अपनी क्षमता का सर्वश्रेष्ठ इस्तेमाल नहीं करेंगे, तो आसान रास्ता भी आपके लिए मुश्किलों से भरा हो जाएगा। इसके विपरीत बेहतर कार्य-क्षमता का प्रदर्शन कर आप मुश्किल समस्याओं को भी चुटकी में सुलझा कर मंजिल को प्राप्त कर सकते हैं। इसलिए जो भी करें, अपनी पूरी क्षमता के साथ करें।              
 
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