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आज हम बात करेंगे Self Employment in Distributorship या डिस्ट्रीब्यूटरशिप के रूप में कॅरियर विकल्प 
Manufacturing या Retails में तो Self employment के तमाम विकल्प हैं, पर क्या आप जानते हैं कि इन दोनों को जोड़ने वाली कड़ियां भी स्वरोजगार के कई मौके उपलब्ध करवाती हैं। इनमें शामिल है किसी उत्पाद की Agency लेना अथवा Distributorship से जुड़ना। आज के औद्योगिक और व्यापारिक युग में इस तरह के स्वरोजगार में सफलता की भी संभावनाएं काफी हैं, बशर्ते इसको पूरी जानकारी के साथ सावधानीपूर्वक किया जाए।
इस तरह के कारोबार के लिए आपको Manufacturing Companies से सामान लेना होता है और फिर उसका वितरण करना होता है। यह वितरण आप रिटेल की दुकानों पर कर सकते हैं या फिर कुछ चीजों में वितरण सीधा लोगों को भी किया जा सकता है। असल में वितरण इस बात पर निर्भर करता है कि आप किस स्तर पर और कौन-सा सामान ले रहे हैं।
आप इस क्षेत्र में सफल होना चाहते हैं, तो इससे जुड़े आयामों की पूर्ण जानकारी जरूरी है। जिस कंपनी की आप डिस्ट्रीब्यूटरशिप या एजेंसी ले रहे हैं, उसकी विस्तृत जानकारी रखना भी अनिवार्य है। Product को वितरण करने का न सिर्फ गुण, बल्कि Infrastructure  भी आपके पास होना चाहिए। इसकी वजह तो यह है कि कुछ उत्पादों की Marketing  वैसे तो Companies कर देती हैं, पर कई उत्पाद ऐसे होते हैं, जिनका विज्ञापन नहीं होता। ऐसे में Distributor को अपनी प्रतिभा दिखानी होती है। इसी तरह यदि किसी Company ने कोई नया उत्पाद निकाला है या किसी उत्पाद के बारे में कई जगहों पर लोगों को पर्याप्त जानकारी नहीं होती। ऐसे में वितरण करना थोड़ा चुनौती भरा होता है।
वैसे तो इस कारोबार को कोई भी शुरू कर सकता है, पर Marketing के साथ Sales और Management की भी जानकारी हो, तो सफलता की भी अधिक संभावनाएं होती हैं। सामान के वितरण के समय Stock चेक कर उसे सही अवस्था में रखना आवश्यक है। तभी वितरण की प्रक्रिया को बेहतर ढंग से संपन्न किया जा सकता है।
यदि आपका Budget या निवेश करने के लिए धनराशि ज्यादा न हो, तो आप अकेले ही इस कारोबार को शुरू कर सकते हैं, हालांकि उसमें मेहनत अधिक करनी होगी। यदि कारोबार बड़े स्तर पर करना हो, तो अधिक पूंजी की जरूरत होती है। ऐसे में Partnership में काम किया जा सकता है। बाद में कारोबार का विस्तार होने पर जरूरत के अनुसार कर्मचारियों की संख्या भी बढ़ाई जा सकती है।
कर्मचारियों पर नियंत्रण रखना बेहद जरूरी है। साथ ही उनसे निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार काम करवाने की कला में भी आपको पारंगत होना चाहिए। डिस्ट्रीब्यूटरशिप के तहत पूरी कार्य-प्रणाली के निरीक्षण में भी आपको कुशल होना चाहिए। Stock Checking  इसमें काफी महत्वपूर्ण अंग है, क्योंकि उसमें कमी होने पर आपको नुकसान का सामना करना पड़ सकता है।
 
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