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यदि आप Creative हैं और लीक से हटकर कुछ करने की इच्छा करते हैं, तो बतौर Watch Designer अपना भविष्य देख सकते हैं। Fashionable Designer की मांग आज जिस तरह से निरंतर बढ़ रही है, उसे देखते हुए कहा जा सकता है कि जहां आज ऐसे Professionals के लिए तमाम अवसर उपलब्ध हैं, वहीं आनेवाले समय में भी इस क्षेत्र में तरक्की करने के अवसर बने रहेंगे।

अवसर कहां-कहां (Opportunities)

एक अनुमान के मुताबिक, आने वाले कुछ सालों में  Indian Wrist watch market growth लगभग 15% प्रतिशत के करीब होगी। इसका मतलब यह है कि निकट भविष्य में इस क्षेत्र के Trend Professionals के लिए अवसरों की कोई कमी नहीं होगी। घड़ी निर्माता विभिन्न कंपनियों, Titan, Sonata, Maxima, Ajanta etc आदि में watch Designer की जरूरत हमेशा ही बनी रहती है। इसके अलावा छोटी Companies भी हैं, जिनकी Indian Watch Market में बड़ी हिस्सेदारी है। इस क्षेत्र से संबंधित अनुभव प्राप्त करने के लिए किसी छोटी कंपनी से भी आप अपने Career की शुरुआत कर सकते हैं। अगर आपका काम लोगों को पसंद आता है, तो आप International लेवल की Companies के साथ भी काम कर सकते हैं। अब तो विभिन्न Mobile निर्माता Companies भी Sports Watches के निर्माण में कूद पड़ी हैं, जिससे Job के दायरे का विस्तार हुआ है।

क्या हो योग्यता (Eligibility qualification)

Watch Designer बनने के लिए किसी Institute से Product, Industrial अथवा Accessories Designing  का Course किया जा सकता है। इसके लिए किसी बेहतर संस्थान का ही चयन करें। Graduate Level का Course करने के लिए Senior Secondary आवश्यक है, जबकि PG Diploma के लिए Desgining, इंजीनियरिंग, Technology या Architecture की डिग्री होनी चाहिए।

कैसे-कैसे पाठ्यक्रम (Course Structure)

अपनी शैक्षणिक योग्यता के अनुसार किसी भी पाठ्यक्रम का चयन किया जा सकता है। Diploma in Product in Designing, PG डिप्लोमा इन प्रॉडक्ट डिजाइनिंग, Bachelor in Accessories Designing, Diploma इन एक्सेसरीज डिजाइनिंग आदि इस क्षेत्र से संबंधित कुछ प्रमुख Course हैं।

व्यक्तिगत कौशल (Personal Quality)

इस क्षेत्र में भविष्य देखने वाले विद्यार्थियों में Creativity के साथ-साथ संबंधित तकनीकी ज्ञान का होना भी आवश्यक है। तरह-तरह की घड़ियों के बारे में आपको पता होना चाहिए। Detail Orientation से बात बनेगी। साथ ही आपको Market Trend की अच्छी समझ और Client से Deal करना आना चाहिए। जब तक आप ग्राहक की रुचि और इस बाबत उनकी Demand को अच्छी तरह नहीं समझेंगे, इस क्षेत्र में सफलता प्राप्त करना कठिन हो जाएगा। इसके अतिरिक्त आप में Material की Knowledge, Detailing पर Focus और काम करने से पहले Research करने जैसे गुणों का समावेश होना भी बेहद जरूरी है। Artistic Approach तो चाहिए ही, साथ ही Scientific और Practical Approach आपके काम को बेहतर बनाने में मददगार साबित होगी।

आमदनी पर नजर (Income or Salary)

आपके पद के अलावा कंपनियों की प्रकृति पर भी सैलरी की रूपरेखा निर्धारित होती है। इसके अलावा जैसे-जैसे आपके काम का अनुभव बढ़ता जाता है, वेतनमान में भी इजाफा होता जाता है।
  • नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन, अहमदाबाद
  • www.nid.edu
  • नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी, विभिन्न केंद्र
  • www.nift.ac.in
  • एमआईटी इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन, पुणे
  • www.mitid.edu.in 
  • आपके पद के अलावा कंपनियों की प्रकृति पर भी सैलरी की रूपरेखा निर्धारित होती है। इसके अलावा जैसे-जैसे आपके काम का अनुभव बढ़ता जाता है, वेतनमान में भी इजाफा होता जाता है।
  • नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन, अहमदाबाद
  • www.nid.edu
  • नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी, विभिन्न केंद्र
  • www.nift.ac.in
  • एमएमआईटी इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन, पुणे
  • www.mitid.edu.in 

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How we work

Bitcoin is a cryptocurrency, which is a form of electronic cash. This is the first decentralized digital currency: the system was designed to work without a central bank or a single administrator. Many economists and investors consider the Bitcoin market to be a bubble. Bitcoin has also been criticized for its use in illegal transactions, its high power consumption, price instability, and theft from exchanges.

What Is Real Cryptocurrency
Bitcoin is made as a reward for the process known as mining. They can be exchanged for other currencies, products and services. The research produced by Cambridge University estimates that in 2017, there were 2.9 to 5.8 million unique users using cryptocurancency wallet, most of which used bittoine. A cryptocurrency (or crypto currency) is a digital asset designed to work as a medium of exchange that uses cryptography to secure its transactions, to control the creation of additional units, and to verify the transfer of assets. Cryptocurrencies are classified as a subset of digital currencies and are also classified as a subset of alternative currencies and virtual currencies.

Bitcoin, created in 2009, was the first decentralized cryptocurrency. Since then, numerous cryptocurrencies have been created. These are frequently called altcoins, as a blend of bitcoin alternative. Bitcoin and its derivatives use decentralized control as opposed to centralized electronic money/central banking systems . The decentralized control is related to the use of bitcoin's blockchain transaction database in the role of a distributed ledger
 
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