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पसंदीदा जॉब्स प्रोवाइडर इंडस्ट्री की झलक वर्ष 2016 में मेक इन इंडिया और डिजिटल इंडिया जैसी योजनाओं के कारण जॉब्स और करियर इंडस्ट्री में बहुत बड़े बदलाव देखे गए। स्टार्टअप्स और ई-कॉमर्स इंडस्ट्री में नौकरी की भरमार होने लगी...
वर्ष 2015 की शुरुआत जहां मोदी सरकार के आने के बाद एक के बाद एक मिशन (Make in India और Digital India) से हुई तभी से यह उम्मीद जग गई थी, भारतीय उपमहाद्वीप में Jobs और Career Industry में बहुत बड़े बदलाव देखे जाएंगे साथ ही Education Industry भी Grow करेगी। इन मिशनों का यह नतीजा रहा की इंडिया में स्टार्टअप्स और ई- कॉमर्स इंडस्ट्री में जॉब्स और करियर की भरमार होने लगी साथ ही बीते वर्ष करीबन 10 फीसदी भर्ती संबंधित गतिविधियां देखी गई और वेतन बढ़ोतरी भी औसतन 10 से 12 फीसदी के बीच रही। क्लिक जॉब्स के आंकड़ों के आकलन के अनुसार पूरे वर्ष में सबसे ज्यादा पसंदीदा जॉब्स देने वाली टॉप 10 इंडस्ट्री इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, ई-कॉमर्स, टेलीकॉम, रिटेल, इन्फ्रास्ट्रक्चर, हैल्थकेयर ऐंड फार्मा, बैंकिंग ऐंड फाइनेंस, मीडिया ऐंड एंटरटेनमेंट, एजुकेशन इंडस्ट्री, एविएशन इंडस्ट्री रही, इन सभी सेक्टर्स में हायरिंग रेशियो 50 फीसदी तक रहा। 
इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी सेक्टर  (Information Technology Sector)
भारत की जॉब्स और करियर मार्किट में इस साल पिछले कुछ सालो के मुताबिक अच्छ विकास देखा गया, इस इंडस्ट्री में करीबन 61 फीसदी हायरिंग देखी गई, जिसमंे ज्यादातर नौकरियां सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट इंजीनियरिंग, सॉल्यूशन आर्किटेक्ट, एनालिटिक्स, आईटी मैनेजमेंट, प्रोडक्ट मैनेजमेंट, सिक्योरिटी इंजीनियरिंग जैसे पदों पर रही, बीपीओ सेक्टर में भी अच्छे रुझान देखे गए हैं। नैस्कॉम के मुताबिक इस इंडस्ट्री में तकरीबन एक करोड़ श्रम-शक्ति कार्यरत है। इसी का नतीजा है की, ‘इंडिया ब्रांड इक्विटी फाउंडेशन’ की एक रिपोर्ट के अनुसार, इंडस्ट्री की ग्रोथ रेट करीब 23.72 फीसदी और मार्किट साइज लगभग 146 अरब यूएस डॉलर रहा।
ई-कॉमर्स सेक्टर  (E-Commerce)
ई-कॉमर्स सेक्टर ने वर्ष 2015 में के भारत में नई ऊंचाईयों को छूकर यह बता दिया कि 2030 तक यह भारत की जीडीपी का 2.5 भाग हो सकता है। एसोचैम की रिपोर्ट के अनुसार, देश में ई-कॉमर्स बाजार करीब 17 अरब यूएस डॉलर का हो चुका है। इसके साथ ही यह भी उम्मीद जताई जा रही है कि 2016 के अंत तक इस सेक्टर में 50 हजार नई नौकरियां होंगी। इस वर्ष ई-कॉमर्स सेक्टर में वेब एप डेवलपर, ग्राफिक डिजाइनर के पद पर नौकरी की बहार रही।
टेलीकॉम सेक्टर (Telecom Sector)
भारतीय टेलीकॉम सेक्टर आज दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा टेलीकॉम मार्किट है और 4जी के आगाज के बाद इस क्षेत्र में आने वाले पांच सालों में 40 लाख जॉब्स उभर आएंगी। अगर 2015 की बात की जाए तो अक्टूबर और नवंबर महीने से ही आने वाले 5 सालों का रुझान देखने को मिल जाता है, जो 2014 के आंकड़ों से बेहतर रहा। 2015 में टेलीकॉम में लगभग 3 लाख नौकरियां आई, जिसमें मोबाइल टेलीफोनिक, इंटरनेट प्रोटोकॉल, जैसी प्रोफाइल से नौकरियों की शुरुआत रही।
रिटेल इंडस्ट्री (Retails Industry)
रिटेल इंडस्ट्री 2014 की सबसे उभरती हुई इंडस्ट्री रही, जिसमें भी कोई कमी नहीं आई। भारतीय रिटेल सेक्टर ने शहरों ही नहीं छोटे शहरों में भी नौकरियां प्रदान की। 10 प्रतिशत की में 1.3 ट्रिलियन डॉलर तक पहुचने में सक्षम है, जो आज के मुकाबले दोगुना होगा। इस सेक्टर में 2015 में 10-12 मिलियन नौकरियां उत्पन्न हुई, जिसमें स्टोर ऑपरेशन, सेल्स सर्विस, फैशन डिजाइन, फैशन डिजिटल मार्केटिंग, प्रोफाइल की नौकरियों की भरमार रही। 
इंडिया से अछूती नहीं रही। इंडिया में 2015 में इस इंडस्ट्री में सरकारी और गैर-सरकारी संस्थानों का पूंजी निवेश औसतन 10.5 प्रतिशत रहा, जो पिछले कुछ वर्षों के मुकाबले कम रहा। इसकी सबसे बड़ी वजह रियल एस्टेट में आई कमी रही, लेकिन जॉब्स में कमी के संकेत देखने को नहीं मिले।
हेल्थकेयर ऐंड फार्मा(Health and Pharmacy)
वर्ष 2020 तक हेल्थकेयर इंडस्ट्री 250 बिलियन डॉलर का आंकड़ा पार कर सकती है। इस इंडस्ट्री में हाल ही में टेलीमेडिसिन क्षेत्र में काफी हलचल रही, आने वाले समय में यह अमेरिका के बाजार को भी पिछाड़ देगा। उच्चतम तकनीकों से लैस हेल्थकेयर सेक्टर देश के छोटे शहरों में अपनी पकड़ मजबूत करेगा और इस छेत्र से जुड़े कई जॉब्स उत्पन्न करेगा।
मीडिया ऐंड एंटरटेनमेंट(Media and Entertainment)
मीडिया ऐंड एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री को देश में इंटरनेट बूम का सबसे ज्यादा फायदा रहा। काफी लोगों ने अपने व्यवसाय शुरू किए। इसी आधार पर आज यह इंडस्ट्री 2020 तक 35 बिलियन डॉलर तक पहुंचने के मुकाम पर खड़ी है। यह इंडस्ट्री रेडियो, एडवरटाइजिंग, एप डेवलपमेंट ऐंड डाउनलोड, वीडियो गेम्स जैसी कई नई नौकरियां सृजित करेगी।
एजुकेशन इंडस्ट्री(Education Industry)
इंडियन एजुकेशन इंडस्ट्री 100 बिलियन डॉलर की क्षमता रखती है और टेक्नोलॉजी की नई शिक्षा पद्धतियों की वजह से इसमें अभी और भी आगे जाने की क्षमता है। हायर एजुकेशन, स्कूल एजुकेशन और प्रि-स्कूल एजुकेशन की बदौलत यह इंडस्ट्री देश के निर्माण का स्तंभ होने की क्षमता रखती है। विश्व की सबसे बड़ी शिक्षा प्रणाली जो हर गुजरते वक्त के साथ देश में अपनी पकड़ और मजबूत कर रही है, वर्ष 2015 वृद्धि दर के लिहाज से 10 प्रतिशत ज्यादा का रहा। इसकी वजह से इंडस्ट्री में लाखों नई नौकरियां पैदा होने की संभावना है।
एविएशन इंडस्ट्री (Aviation Industry)
इंडियन एविएशन सेक्टर हर साल 20-30 प्रतिशत की दर से बढ़ रही है। वर्ष 2020 तक यह विश्व की तीसरी सबसे बड़ी एविएशन मार्किट बनने वाली है। इस इंडस्ट्री में एमआरआे (मेंटेनेंस , रिपेयर ऐंड ओवरहॉल) क्षेेत्र में सबसे ज्यादा नौकरियां उत्पन्न होंगी। केबिन-क्रू, पायलट, इंजीनियरिंग, ग्राउंड हैंडलिंग तथा अन्य सभी नौकरियों को मिला कर देखें, तो सिर्फ इस इंडस्ट्री में आने वाले 10 वर्षों तक प्रति वर्ष 1 लाख नौकरियां आएंगी।
बैंकिंग और फाइनेंस सेक्टर ने वर्ष 2015 में भी अपना कीर्तिमान बरकरार रखा क्योंकि यही एक मात्र सेक्टर है, जिसमंे जॉब्स पाने वालो की संख्या अनुपात लगभग हर वर्ष एक सामान रहता है। इस वर्ष टियर 3 से टियर 6 तक के क्षेत्रों में नौकरी पाने वालों की संख्या में 50-80 प्रतिशत इजाफा हुआ और एकोनोमिक्स एक्सपर्ट की मानें तो प्रधानमंत्री जनधन योजना जैसी योजना के सफल रूप से काम करने के कारण भी बैंकिंग क्षेत्र में अगले 5-10 साल में 20 लाख नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। 
 
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