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ठगी के एक से बढकर एक कारनामे कहीं अधिकारी तो कहीं शिक्षित महिला जानिए किसके साथ क्या हुआ?

www.nvrthub.com  न्यूज़: देहरादून:- दिल है की मानता नही, और लालच बुरी बला होती है, क्योंकि हम ये कहावते सटीक बैठती हैं क्योंके हम यहाँ बात करे रहे हैं इंडिया के युके की, यानि उतराखंड राज्य की राजधानी देहरादून की क्योंकि ना केवल उत्तराखंड बल्कि आज कल कोई भी छोटा बड़ा कस्बा या गावं ना होगा जहाँ जालसाजो व ठगों ने अपना जाल ना फैलाया हो तो चौक जाइये हो जाइये सतर्क हो रखिये अपने दिल व मन पर काबू क्योंकि आगे हम जिसके बारे में बात कर रहें हैं वह है ही कुछ इस तरह से है की पुलिस की सक्रियता, प्रशासनिक अलर्ट और लोगों को जागरूक करने की कवायदों के बावजूद ऑनलाइन व मोबाइल कॉल के द्वारा की जाने वाली ठगी, व ठगों का जाल लगातार बढ़ रहा है।
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कभी करोड़ो रूपये की लॉटरी निकलने की बात कह कर तो कभी एकाउंट अपडेट करने का झांसा देकर ठग लोगों से लाखों रुपए ऐंठ रहे हैं। लेकिन चौकाने वाली बात बात यह है कि अब अशिक्षित या कम शिक्षित लोगों को ही शिकार बनाने वाले इन ठगों के निशाने पर अब उच्च शिक्षित शहरी भी आ गए हैं। ऐसे ही दो मामले हाल में सामने आए हैं। इसमें एक एक मामला दस करोड़ की लॉटरी निकलने के झांसे में आई एक महिला से ठगों ने लाखों रुपये ऐंठ लिए। यहां तक कि महिला ने अपनी निजी संपत्ति तक बेच डाली। अब खेल समझ में आने पर उसने एसएसपी से कार्रवाई की गुहार लगाई है।

इनामी लोटरी से कैसे करते हैं लूट?

देहरादून के कैंट क्षेत्र निवासी यह महिला विदेश में शिक्षा प्राप्त कर रही है। फरवरी महीने में एक नंबर से उसके फोन पर आई कॉल में डेढ़ लाख अमेरिकी डालर की लॉटरी निकलने का झांसा दिया गया। उच्चशिक्षित होने के बावजूद महिला जाल में फंस गई। फोन करने वाले ने महिला को एक खाते में 20 हजार रुपए जमा कराने के लिए कहा। इसके बाद 50 हजार, फिर दो लाख और फिर आठ लाख रुपए महिला ने जमा कराए। कुछ समय बाद खाता और मोबाइल नंबर बंद हो गए, तब महिला को ठगी का अहसास हुआ।
अब आगे क्या करेगी महिला व पुलिस?
अब महिला ने एसएसपी अजय रौतेला को मामले की जानकारी दी है। महिला के विदेश में शिक्षा पाने के बावजूद झांसे में आ जाने की बात पर पुलिस कप्तान भी सकते में आ गए। पुलिस को जांच के निर्देश दिए गए हैं। सूत्र बताते हैं कि जमा कराई गई रकम करीब एक करोड़ है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

वहीं दूसरा मामला बैंक स्टेटमेंट को अपडेट करने व एटीएम से शोपिंग का है

ये मामला तो और भी हाई प्रोफाइल है क्योंकि इसमें मुख्यमंत्री कार्यालय में तैनात एक समीक्षा अधिकारी को ठग ने 50 हजार रूपये का चूना लगा दिया। सचिवालय कॉलोनी निवासी कुंवर सिंह चौहान मुख्यमंत्री कार्यालय में समीक्षा अधिकारी हैं। मंगलवार को उनके मोबाइल पर काल आई। फोन करने वाले ने खुद को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का अधिकारी बताया। उसने चौहान से कहा कि बैंक में उनका खाता अपडेट किया जाना है। उसने चौहान से उनका खाता नंबर, एटीएम नंबर और पिन कोड मांगा। कुंवर सिंह ने भी बिना सोचे समझे तुरंत सारी जानकारी फोन करने वाले को दे दी। ठग ने चौहान से कहा कि वह पांच मिनट तक अपना मोबाइल फोन स्विच ऑफ कर लें, ऑन करते ही अपडेट की जानकारी मिल जाएगी। चौहान झांसे में आ गए और मोबाइल बंद कर लिया। कुछ देर बाद उन्होंने मोबाइल ऑन किया तो उसमें बैंक का मैसेज आया। इसमें लिखा था कि उन्होंने 50 हजार रुपए की ऑनलाइन शॉपिंग की है।
खाता अपडेट करने के नाम पर आए फोन पर अधिकारी ने खुद ही सारी गोपनीय जानकारी ठग को दे दी। इसके बाद ठगों ने उनके खाते से ऑनलाइन शॉपिंग कर डाली।
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मैसेज देखते ही चौहान के पैरों तले जमीन खिसक गई। उन्होंने उस नंबर पर काल की, लेकिन फोन नहीं मिला। बाद में समीक्षा अधिकारी ने नेहरू कॉलोनी कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज करा दी। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
तो हो जाइये अलर्ट हमेशा यदि आपके पास कोई मेल या फ़ोन कॉल आता है तो उसे इग्नोर करें क्योंकि ये कॉल्स और मेल्स सभी आपके साथ की जाने फ्रॉड को न्योता देते हैं। भारतीय रिज़र्व बैंक भी समय समय पर विज्ञापन के माध्यम से लोगो को बताता है के हम या कोई भी बैंक या बैंक का कर्मचारी ना तो अपकी निजी जानकारी पूछ सकता है और ना ही पूछता है ऐसा करना दंडनीय अपराध है।

कौनसे कौनसे फ्रॉड ट्रिक्स हैं आजकल मार्किट में?

आओ हम बतलाते हैं कैसे करते हैं या होते हैं आपके साथ फ्रॉड दरअसल कभी मेल आता है बड़ी बड़ी कंपनियो के नाम से या फिर मेल आता है रिज़र्व बैंक के नाम से लेकिन वो 100% फ्रॉड होते हैं क्योंकि रिज़र्व बैंक कभी भी इस तरह की मेल भेजता ही नही है। वो आपसे एक फॉर्म या सिंपल रिप्लाई करने के लिए दिय हुआ होता है उसमे आपकी एड्रेस, मोबाइल नंबर और अकाउंट नंबर माँगा जाता है यहाँ तक सब ठीक है लेकिन आगे होता है असली खेल क्योंकि फिर वो आपसे इनकम टैक्स या फिर और कई तरह के सरकारी टैक्सेज के तौर पर आपसे समय समय पर पैसो की मांग करते हैं। कभी चहेरा पहचानो नाम से कांटेस्ट में टाटा सफारी या बड़ी लुक्स्रिस गाड़ी निकलने की बात करते हैं। तो कहीं 3G टावर्स लगवाने के नाम पर एफिडेविट लेकर कुछ फ्रॉड सामने आ रहे हैं। समझदारी ही सबसे बड़ी अच्छी बात है क्योंकि सब कार्य फ्रॉड अकाउंट, मोबाइल नंबर व एड्रेस से इन सबको संचालित किया जाता है।

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