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कैसे करें म्यूच्यूअल फण्ड में निवेश क्या -2 रखें सावधानी व कैसे सेट करें रिस्क

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www.nvrthub.com मार्किट न्यूज़: म्यूचुअल फंड में निवेश करने से पहले देखना चाहिए कि आप किस लक्ष्य के लिए निवेश कर रहे हैं। कितना निवेश आप इक्विटी में करना चाहते हैं और कितना बॉन्ड (डेट फंड) में लगाना चाहते हैं। आप कितना जोखिम उठा सकते हैं और कैसा निवेश करें जिससे आप सुकून से रह सकें। हालांकि म्यूचुअल फंड में निवेश करने से पहले एक आपातकाल फंड की व्यवस्था अवश्य कर लेनी चाहिए। अपने छह महीने के खचरें के बराबर राशि किसी सेविंग अकाउंट या एफडी में सुरक्षित रखें और इसे इमरजेंसी फंड के रूप में देखें। यानी इसमें से किसी भी अन्य हालात में पैसा ना निकालें। इसके बाद आप एक लाइफ इंश्योरेंस जरूर खरीदें। इसके बाद म्यूचुअल फंड में निवेश करने के लिए तैयार हों।

फंड का रिकॉर्ड देखें की कितने दिनों से कम्पनी चल रही वगैरह

म्यूचुअल फंड किसी फंड कंपनी द्वारा संचालित होता है। सबसे पहले आपको इस फंड हाउस का इतिहास देखना चाहिए कि ये कितने सालों से एमएफ कारोबार में हैं। कंपनी मल्टीनेशनल है या भारतीय है और इसका पिछला प्रदर्शन कैसा रहा है। एमएफ में निवेश की शुरुआत लार्जकैप फंड में निवेश के साथ करें। इसके बाद अगर अर्थव्यवस्था की स्थिति अच्छी है तो मिडकैप में निवेश कर सकते हैं।

पहले सोचे फिर निवेश काल के हिसाब से एसेट अलोकशन करें


अपने निवेश काल के हिसाब से एसेट अलोकेशन करें। जैसे यदि आपको छह महीने के लिए निवेश करना है तो लिक्विड फंड या फिक्स्ड डिपॉजिट में निवेश करें। अगर दो साल के लिए निवेश कर रहे हैं तो इंकम फंड या शॉर्ट टर्म फंड में निवेश कर सकते हैं। अगर आप बच्चों की पढ़ाई या अपने रिटायरमेंट के लिए 10-15 सालों का निवेश कर रहे हैं तो इक्विटी फंड में निवेश करना अच्छी रणनीति हो सकती है। पिछले पांच सालों में म्यूचुअल फंड के टॉप फंड ने 7-10 फीसदी का सालाना रिटर्न दिया है।
 

निवेशक इनवेस्ट करने से पहले ऑफर डॉक्यूमेंट को ध्यान से पढें


म्यूचुअल फंड में निवेश करते समय ऑफर डॉक्यूमेंट को ध्यान से पढ़ना चाहिए। इसमें एमएफ के बारे में काफी सारी जानकारी दी जाती है जो आपको फैसला लेने में मदद करता है कि आपको किसी फंड में निवेश करना चाहिए या नहीं।
 
पूरा निवेश एक ही में निवेश न करें में विविधता जरूरी

अपने निवेश पोर्टफोलियो में जोखिम घटाने का सबसे अच्छा तरीका निवेश का विविधीकरण है। माना कि दो किस्म की संपत्तियां हैं- ए और बी। दोनों में ही 10 फीसदी रिटर्न और 20 फीसदी विचलन (पोटेंशियल डेविएशन यानी संभावित मुनाफे में अंतर का अनुमान) है। इन दोनों में रिटर्न आपस में संबंधित नहीं है। यानी असेट ए का प्रदर्शन असेट बी के प्रदर्शन पर निर्भर नहीं है। मान लीजिए कि आप दोनों संपत्तियों में निवेश करते हैं। आपका संभावित रिटर्न (0.5 * 10} + 0.5 * 10}) भी दस फीसदी के बराबर होगा। यह किसी व्यक्तिगत संपत्ति के बराबर ही है। आपने अब अपने जोखिम को दो असंबद्ध संपत्तियों से जोड़ दिया है। आपके पोर्टफोलियो में स्टैंडर्ड डेविएशन 14.1 फीसदी होगा। (जो हर संपत्ति के 20 फीसदी रिटर्न से कम है।) आप अपने मुनाफे से समझौता किए बिना जोखिम घटा सकते हैं। आपने देखा कि केवल विविधता लाने से रिटर्न 14.1 फीसदी रहा। (जो एक ही संपत्ति में निवेश करने से 20 फीसदी रहता।) ऐसी दो संपत्तियों का चुनाव करके, जिनमें आपस में कोई संबंध नहीं है, आप अपना जोखिम घटा सकते हैं। इसमें आपको अपने लाभ घटने का भी खतरा नहीं है।

सारी संपत्तियों का विविधीकरण करके आप जोखिम घटा सकते हैं। आपको लगातार मुनाफे के स्टैंडर्ड डेविएशन की गणना नहीं करनी है, बल्कि आपको केवल सतर्क रहना होगा कि आपके पोर्टफोलियो में विविधता लाई जा रही है तो कुल जोखिम कम हो जाएगा।

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