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ठेकेदार और उसके साथियों को महिलाओं ने पीटा क्योंकि ठेकेदार अपना कारोबार करने के लिए ऐसा करता था लेकिन उसको ये नही पता था के उन गरीब परिवारों के घर का विनाश करने लिए ऐसा कर रहा था क्योंकि गरीब परिवारों के लिए एक भैस पर ही उनकी जिंदगी टिकी होती है और उनकी भैंसों को जहर देकर मार देता था और फिर उससे कमाई करता था।
poision for animal in up
मेरठ: महेशपुर चौपड़ा गांव में सोमवार को पशुओं को चारे में जहर देकर मारने के आरोप में एक ठेकेदार और उसके साथियों की जमकर पिटाई की गई। महिलाओं ने पुलिस के सामने ही आरोपियों को खूब पीटा। ग्रामीणों का आरोप है कि मुर्दा मवेशियों का ठेकेदार गैंग चला रहा है। पशुओं को चारे में जहर देकर मारा जा रहा है। पुलिस को मामले का खुलासा करना चाहिए। मौके पर हंगामा और पुलिस से नोकझोंक भी हुई।

गांव के प्रदीप के अनुसार सोमवार सुबह करीब 10 बजे बाइक पर सवार होकर तीन युवक आए। उन्होंने उसकी भैंस के हरे चारे में जहरीला पदार्थ मिला दिया। ऐसा करते हुए गांव की ही एक किशोरी ने देख लिया। शोर मचाने पर आरोपी फरार हो गए। ग्रामीणों ने धोखे से ठेकेदार और उसके दो साथियों को गांव में बुलवाया। घेरकर उनकी पिटाई की। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस जब आरोपियों को ले जाने लगी तो महिलाओं ने मिलकर ठेकेदार समेत आरोपियों की खूब पिटाई की। ग्रामीणों का आरोप है कि मुर्दा मवेशी का ठेकेदार अपने साथियों से चारा में जहरीला पदार्थ मिलवाता है। जब पशु मर जाते हैं तो उन्हें लेने आते हैं। यह गैंग काफी दिनों से मिलकर यह काम कर रहा है। किशोरी अगर नहीं देखती मामले की पोल नहीं खुलती। पुलिस आरोपियों को सिंघावली अहीर थाने ले गई। आरोपी धनौरा सिल्वरनगर गांव के रहने वाले हैं। ग्रामीणों ने पुलिस से पूरे गैंग को पकड़े की मांग की।

गैंग की जड़ तक जाना जरूरी

जिस तरह से पशुओं को मौत देने वाले मामले का खुलासा हुआ है, उससे तो यह लगता है कि ये काम काफी दिनों से चला आ रहा है। गैंग में कौन-कौन लोग शामिल हैं, यह जांच का विषय है। महेशपुर चौपड़ा गांव के अलावा भी आसपास के गांव में भी गैंग ने इसी तरह पशुओं को शिकार बनाया होगा। पूछताछ में इन बातों का खुलासा होगा।

दस दिन में तीन पशुओं की मौत

ग्रामीणों का कहना है 10 दिन के अंदर गजेंद्र त्यागी, जगशरण त्यागी, शहनाज के तीन पशुओं की मौत हो चुकी है। सभी पशुओं की मौत अचानक हुई है। इसी तरह निबाली गांव में कर्मवीर और रघुराज की दो भैसों की मौत हुई है। शक है कि पशुओं की मौत में इस गैंग का हाथ हो सकता है। पशुओं की मौत से ग्रामीणों की कमर टूट रही है।

सिपाही की टिप्पणी पर भड़के लोग
हंगामे के दौरान एक सिपाही ने कहा कि रिपोर्ट दर्ज करा दो। लेकिन केस 20-20 तक साल चलता है। होता कुछ नहीं। इस बयान पर ग्रामीण भड़क गए। उन्होंने पुलिस पर आरोपियों से मिले होने का आरोप लगाया। बाद में दूसरे पुलिस वालों ने मामला शांत किया।
 
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