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एमपी इंदौर। करोड़ों के एमसीएक्स (MCX) घोटाले के आरोपी अमित सोनी और उसके भाई अनुराग सोनी के चार ठिकानों पर सीबीआई दिल्ली की टीम ने बुधवार को छापा मारा।
business fraud in indore mp

सीबीआई ने मार्च में डिब्बा कारोबारी अमित सोनी उर्फ अमित सांवेर और उसके भाई अनुराग के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू की थी। इसके चलते आरोपियों के इंदौर स्थित चार ठिकानों पर छापे मारे गए। टीम ने उसके रेशमवाला गली स्थित निवास, छोटा सराफा स्थित दुकान, वायएन रोड स्थित बहन के निवास और जूना बाखल स्थित तांत्रिक के घर से कई दस्तावेज जब्त किए। दोनों भाइयों के खिलाफ 20 मार्च को सीबीआई ने अवैध सॉफ्टवेयर के जरिये एमसीएक्स, बीएसई और एनएसई के समांतर फर्जी कमोडिटी एक्सचेंज चलाने के मामले में धोखाधड़ी और आईटी एक्ट की धाराओं में केस दर्ज किया था। पहले जांच सीआईडी कर रही थी। सूत्रों के मुताबिक दोनों भाइयों ने फर्जी सॉफ्टवेयर से 22 हजार करोड़ का ट्रांजेक्शन किया था और सरकार को 72 करोड़ के राजस्व का नुकसान पहुंचाया था।

मेटल डिटेक्टर से जांच: जानकारी के मुताबिक अमित की गिरफ्तारी के बाद से उसकी दुकान का संचालन पिता कर रहे थे। बुधवार को रेशमवाला गली स्थित घर से टीम उसके पिता को लेकर छोटा सराफा की दुकान पहुंची। टीम करीब 5 घंटे यहां रही। सीबीआई अफसरों ने दुकान में घुसने के बाद शटर लगाया। वे मेटल डिटेक्टर भी लाए थे। उन्होंने ड्रिल मशीन बुलवाकर दीवारों की जांच की। हालांकि अभी सामने नहीं आया है कि यहां से कुछ मिला कि नहीं। सूत्रों के मुताबिक टीम को शंका थी कि दीवारों और तिजोरियों में कुछ दस्तावेज हो सकते हैं।

अच्छी साख थी परिवार की: नाम न छापने के अनुरोध पर सराफा व्यापारियों ने बताया कि दुकान अमित ने कुछ साल पहले खरीदी थी। इसके ठीक सामने वाली दुकान उसकी थी। सराफा में सांवेर परिवार की अच्छी साख थी। उनके पास पैसा भी अच्छा था, लेकिन अमित डिब्बा कारोबार में उतरा और उसने फर्जी सॉफ्टवेयर तैयार किया। फिर जमकर पैसा कमाया और ज्यादातर धन को जमीन में निवेश कर दिया। जिस तांत्रिक के यहां छापा मारा गया है, उसकी कुछ माह पहले मौत हो गई। अमित हर काम से पहले तांत्रिक से मिलता था।
 
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