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stock market hindi tipsनौकरी या बिजनेस करते हुए हम अक्सर समझते हैं कि शेयर बाजार में ट्रेडिंग आसानी से किया जा सकता है, क्योंकि इसमें हमेशा समय देने की जरूरत नहीं है। जबकि हकीकत में ऐसा नहीं है। सफल होने के लिए हम जितनी मेहनत नौकरी में या बिजनेस में करते हैं, शेयर बाजार में ट्रेडिंग में भी सफल होने के लिए कड़ी मेहनत की जरूरत है।


सफल ट्रेडिंग की पहली सीढ़ी

सफलतम ट्रेडर यही बताते हैं कि ट्रेडिंग और कुछ नहीं सिर्फ सोच-समझ का खेल है। जिसकी सोच जितनी बारीक, जितनी परिपक्व, वह ट्रेडिंग में उतना सफल। और शेयर ट्रेडिंग में सफल होने के लिए सोच-समझ ‘जानकारी’ की बदौलत विकसित की जा सकती है।
पिछली पोस्ट में आपने निवेश और ट्रेडिंग के बीच फर्क के बारे में जाना था। उसमें निवेश के कुछ मूलभूत तौर तरीके भी बताए गए थे। निवेश पर फिर बात होगी, लेकिन अभी पहले बात ट्रेडिंग की। आखिर सफल ट्रेडिंग की 
पहली सीढ़ी क्या है?

अगर आप नौकरीपेशा हैं या अपना कोई व्यवसाय करते हैं तो शेयर ट्रेडिंग आपकी कमाई का दूसरा जरिया बन सकता है। आप नौकरी करते हुए भी ट्रेडिंग के माध्यम से कमा सकते हैं। सुनने में यह बड़ा आकर्षक लगता है लेकिन करने में उतना ही मुश्किल है। दरअसल ट्रेडिंग से दस-बीस फीसदी कमाने के लिए ट्रेडर को अपना सौ फीसदी देना होता है। जरा सोचिए कि आप अपनी नौकरी को जितनी गंभीरता से लेते हैं, अपने व्यवसाय में जितना पर्शिम करते हैं, क्या आपने उतनी गंभीरता से ट्रेडिंग पर मेहनत की है। मान लीजिए कि कोई व्यक्ति किसी दफ्तर में काम करता है। वह रोज आठ घंटे मेहनत करता है, तब उसे महीने में पच्चीस हजार रुपए मिलते हैं। लेकिन जब वह शेयर ट्रेडिंग करने उतरता है तो उसका नजरिया बदल जाता है। वह बिना मेहनत किए एक हफ्ते में पच्चीस हजार हासिल करने का सपना देखता है। इस हवाई किले को तो ढहना ही है। इसलिए यहां कहने का तात्पर्य है कि काम की बात यह है कि शेयर ट्रेडिंग को अपने मुख्य पेशा की तरह ही गंभीरता से लें और जिस कंपनी और सेक्टर में निवेश करें, उसके बारे में पूरी जानकारी इकट्ठा करें। यह भी ध्यान रखें कि उस क्षेत्र में किस तरह की हलचल चल रही है, किस तरह की खबरें आ रही हैं, देश और दुनिया की सरकारें किस तरह के फैसले ले रही हैं आदि-आदि। संक्षेप में कहें तो निवेशक को ट्रेडिंग का मास्टर बनने के लिए उसके पास अधिक से अधिक नॉलेज का पिटारा होना चाहिए।

अगर किसी ट्रेडर ने किसी ऑयल कंपनी जैसे, बीपीसीएल, इंडियन ऑयल, ओएनजीसी, का शेयर खरीदा है, तो उसे मालूम होना चाहिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत में कितना उतार चढ़ाव हो रहा है। उसे इस बात की समझ होनी चाहिए कि अगर अमेरिका ने इराक में सैन्य कार्रवाई की तो उसका असर वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ सकता है। उसे अंदाज होना चाहिए कि अगर सरकार ने सब्सिडी में कटौती की घोषणा की तो तेल कंपनियों की बैलेंस शीट पर उसका क्या असर होगा।

नहीं करें तुक्केबाजी, क्योंकि तुकेबाजी नही चलेगी शेयर मार्किट में

अगर इन तथ्यों और अवधारणाओं को समझे बिना कोई व्यक्ति ट्रेडिंग करता है तो इसका मतलब है कि वह गंभीर ट्रेडर नहीं बल्कि तुक्केबाज है। उसकी सफलता और असफलता महज संयोग पर निर्भर करेगी। अफसोस की बात है कि बड़ी तादाद में खुदरा निवेशक इसी तरह की ट्रेडिंग करते हैं।

ट्रेडिंग नियमों के प्रति ईमानदार बनें

इसीलिए अगर आप ट्रेडिंग के जरिए कमाना चाहते हैं तो पहली शर्त है- ईमानदार बनिए। ईमानदारी ट्रेडिंग के प्रति। ट्रेडिंग के नियमों के प्रति। ट्रेडिंग अभ्यास की चीज है। आप नियमों का पालन करते हुए जितना अभ्यास करेंगे, उतना ही मंजते चले जाएंगे। ट्रेडिंग के नियमों में पहला है कि आप बिजनेस का अखबार नहीं पढ़ते हैं तो आज से पढ़ना शुरू करें। सुनने में शायद थोड़ा अजीब लगे लेकिन याद रखिए यह बेहद जरूरी है। अखबार चाहे किसी भाषा का हो, प्रिंट संस्करण हो या इंटरनेट संस्करण। लेकिन बिजनेस अखबार जरूर पढ़ें। इसके अलावा दैनिक समाचार पत्रों में भी बिजनेस पेज को पूरा पढ़ने की कोशिश करें। इससे अर्थव्यवस्था को लेकर आपकी समझ विकसित होगी। सोच का दायरा बढ़ेगा। सफलतम ट्रेडर यही बताते हैं कि ट्रेडिंग और कुछ नहीं सिर्फ सोच-समझ का खेल है। जिसकी सोच जितनी बारीक, जितनी परिपक्व, वह ट्रेडिंग में उतना सफल। अगर अखबार में कोई तकनीकी शब्द आता है, जिसका मतलब आपको नहीं मालूम तो उसकी व्याख्या इंटरनेट पर ढूंढ़ें। या फिर किसी जानकार अर्थशास्त्री से समझने की कोशिश करें। या डिक्शनरी का सहारा लें। यह सोचकर हतोत्साहित नहीं होना चाहिए कि आपको कोई चीज नहीं मालूम।

केवल स्टॉक पेज तक सीमित नहीं रहें

बहुत से ट्रेडर बिजनेस अखबार में सिर्फ वही पन्ना खोलते हैं जो स्टॉक मार्केट से सीधा जुड़ा होता है, लेकिन मेरी सलाह में नए रिटेल ट्रेडर को ऐसा नहीं करना चाहिए, क्योंकि शेयर मार्केट कोई बंद पिटारा नहीं है। उसका कनेक्शन जितना अर्थनीति से है, उतना ही राजनीति से। अगर ऐसा नहीं होता तो नरेंद्र मोदी के पीएम बनने को लेकर बाजार में ऐसा बंपर उछाल नहीं आता। इसलिए शेयर मार्केट को उसकी समग्रता में समझने के लिए बिज़नस अख़बार को पढ़े सभी बड़ी खबरों से वाखिब हो जाए यदि किसी स्टॉक में उतार चढ़ाव होता है तो इसको समझने की कोशिश करे उदाहरण के लिए जैसे किसी बैंक का कर्मचारी रिश्वत के केस में पकड़ा जाता है तो तो लाजमी है की बैंक की शाख गिरेगी और स्टॉक के दाम गिरेंगे।
तो आप इन इस पोस्ट में जाना कैसे आप एक्सपीरियंस के साथ स्टॉक मार्किट में ट्रेड कर सकते हैं। इसके इलावा आप ऑनलाइन साइट्स के जरिये भी इनफार्मेशन कलेक्ट करके आप अपने स्टॉक ज्ञान को बढ़ा सकते हैं।

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