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hindi good Moral Stories- Stories in Hindi with Moral Values, Panchatantra stories
कई बार हम सभी पर बिन बुलाई आफत आ जाती हैं लेकिन कई बार उसी टाइम हमे यदि कोई तरकीब या दिमाग चलाना आता है तो उसका हल भी वहीं पर निकल आता है, दिमाग की चतुराई की बात करें तो अभी हाल में ही चैन स्नेचरो की वारदाते इतनी बढ़ गयी हैं आप कहीं पर भी जाइए एक न एक तो ऐसी वारदात मिलेगी ही मिलेगी। कुछ दिन पहले एक लेडीज की चैन तोडकर दो नौजवान भाग रहे थे तभी उस औरत ने आवाज लगाई भाइयो ले जाओ ये और मंगलसुत्र भी इसको भी ले जाओ, बदमाशो को लगा की चैन नकली है वो ऐसे ही उसको फैंक कर भाग गये हालाँकि चैन नकली नही असली थी।
चालाक घुड़सवार ने कैसे पाया  अपन घोड़ा: क आदमी घोड़े पर सवार होकर कहीं जा रहा था। उसके पास एक बंदूक भी थी। यात्रा के दौरान उसे चाय पीने की तलब लगी। वह एक ढाबे पर चाय पीने के लिए रुक गया।

उसने अपना घोड़ा ढाबे के पास पेड़ से बांध दिया और अंदर चाय पीने चला गया। जब वह लौटा तो देखा कि उसका घोड़ा गायब था। किसी ने उसका घोड़ा चुरा लिया था।

घुड़सवार ने बंदूक से एक हवाई फायर दागा। फिर वह गुस्से में चिल्ला-चिल्ला कर कहने लगा: जिसने भी मेरा घोड़ा चुराया है, सुन ले! मैं एक चाय और पीने अंदर जा रहा हूं। इस बीच अगर मेरा घोड़ा वापस जगह पर नहीं मिला तो याद रखना, इस जगह का वही हाल करूंगा, जो घोड़ा चोरी होने पर मैंने जयपुर में किया था!

चाय पीकर घुड़सवार जब लौटा तो उसने देखा कि उसका घोड़ा अपनी जगह पर वापस बंधा था। वह उस पर सवार होकर चलने लगा। तभी ढाबेवाले ने आवाज देकर उसे रोका। बोला: भाई, जरा वह किस्सा तो सुनाते जाओ। जयपुर में आखिर आपने क्या किया था?

घुड़सवार: करना क्या था! वहां से पैदल ही चला गया था!
 
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