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Career Options in India, A to Z listing of Career Optionsस्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद अधिकांश छात्र अपने भविष्य को लेकर दुविधा में रहते हैं। कुछ भेड़चाल चलते हैं, तो कुछ माता-पिता के दबाव का शिकार हो जाते हैं। सही प्रेरणा न मिल पाने के कारण छात्र गलत राह चुन लेते हैं, जिसकी कीमत उन्हें जीवन भर चुकानी पड़ती है। रुचि के मुताबिक कोर्स न मिलने के कारण अधिकांश छात्र ग्रेजुएशन तो कर लेते हैं, लेकिन वह बाजार की जरूरतों के मुताबिक नहीं बन पाते। नतीजतन ग्रेजुएशन के बाद भी 12वीं जैसी बेरोजगारी और असमंजस की स्थिति बरकरार रहती है। ऐसे में महत्वपूर्ण सवाल यह है कि कैरियर का चयन कैसे किया जाए? दरअसल इस निर्णय में दो बातें बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं- पहला चुने जा रहे क्षेत्र का भविष्य और वहां उपलब्ध संभावनाएं व दूसरा आपका व्यक्तित्व। यहां बात करते हैं मौकों से भरपूर क्षेत्रों और वहां आने के लिए आवश्यक स्किल्स के बारे में।

फुटकर उद्योग(Retailing Industry) : बड़ी संख्या में अंतरराष्ट्रीय कंपनियां तीव्र गति से हमारे देश में पांव पसार रही हैं। यहां जॉब के लिए बातचीत के बढ़िया लहजे से दूसरों पर प्रभाव जमाने की क्षमता होनी चाहिए। इसके तहत रिटेल सर्विस, ऑपरेशन और मैनेजमेंट से संबंधित क्षेत्र आते हैं।

वित्तीय क्षेत्र(Financial Sectors) : वित्तीय क्षेत्र में चार्टर्ड अकाउंटेंट और फाइनेंशियल एनालिस्ट से आगे भी बहुत कुछ है। बिजनेस अकाउंटिंग, एक्सपोर्ट-इम्पोर्ट और इंवेस्टमेंट मैनेजमेंट जैसे अन्य अवसर भी इसमें शामिल हैं। यहां के लिए कॉमर्स बैकग्राउंड जरूरी है या फिर हिसाब-किताब से संबंधित अच्छी जानकारी होनी चाहिए।

इन्फोटेक(Infotech Information Technology) : भारत विश्व में उभरता हुआ आईटी हब बनता जा रहा है। यहां आज साइंस और नॉन-साइंस दोनों पृष्ठभूमि के छात्रों के लिए अच्छे मौके हैं। डाटा वेयरहाउसिंग, टेक्नोलॉजी सपोर्ट और ई-कॉमर्स जैसे तमाम तरह के अवसर यहां हैं। इस क्षेत्र के लिए तकनीकी ज्ञान और अंग्रेजी की जानकारी होनी चाहिए।

वेबसाइट डिजाइनिंग(Web Designing) : बाहरी देशों और घरेलू मांग के कारण इस क्षेत्र में ढेरों संभावनाएं हैं। मल्टीनेशनल कंपनियां इस फील्ड के प्रोफेशनल्स को इन दिनों काफी अच्छी सैलरी दे रही हैं। इसके लिए विभिन्न डिजाइनिंग सॉफ्टवेयर की जानकारी और रचनात्मकता के साथ-साथ कंप्यूटर की अच्छी नॉलेज होनी चाहिए।

हॉस्पिटैलिटी(Hospitality) : इसमें लोगों के प्रति सेवा भाव का होना तो जरूरी है ही, साथ ही उनकी जरूरतों को भी समझने की क्षमता होनी चाहिए। अब हॉस्पिटैलिटी सेक्टर केवल खाना बनाने तक सीमित नहीं रह गया है। यहां हाउसकीपिंग, फ्रंट डेस्क मैनेजमेंट, कॉरपोरेट सेल्स, शेफ और कई अन्य अवसर उपलब्ध हैं। इसमें क्षमता और उत्पादकता को बढ़ाने के लिए किचन डिजाइनिंग जैसे व्यवसाय भी शामिल हैं।
 
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