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रफ्तार धीमी हो या तेज, एविएशन सेक्टर में विकास की प्रक्रिया निरंतर जारी है। जिस तरह से आम लोगों की दिलचस्पी भी इस ओर बढ़ती जा रही है, उससे एविएशन सेक्टर के विस्तार को और बल मिला है। कई विदेशी कंपनियां भी भारत में विमानन के क्षेत्र में अपना कार्य-विस्तार कर रही हैं। इसके अलावा भारतीय एविएशन कंपनियां भी विदेशी कंपनियों के साथ मिलकर अपना विस्तार कर रही हैं। भारत सरकार व एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया द्वारा लगातार हवाईअड्डों की क्षमता बढ़ाने के लिए निवेश किया जा रहा है। स्वाभाविक है कि एविएशन सेक्टर में हो रहे इस विस्तार से रोजगार के अवसरों में भी इजाफा हुआ है। अवसर पायलट या एयर होस्टेस तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि अन्य रूपों में भी हैं। इसी सिलसिले में एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियर (एएमई) भी एक खास विकल्प है।
कार्य प्रकृति
किसी भी जहाज की तकनीकी जिम्मेदारी एएमई के ऊपर होती है। हर उड़ान के पहले एएमई जहाज का पूरी तरह से निरीक्षण करता है और सर्टिफिकेट जारी करता है कि जहाज उड़ान भरने को तैयार है। इस काम के लिए उसके पास पूरी तकनीकी टीम होती है। कोई भी विमान एएमई के फिटनेस सर्टिफिकेट के बिना उड़ान नहीं भर सकता। गौरतलब है कि एक हवाईजहाज के पीछे करीब 15-20 इंजीनियर काम करते हैं। इसी से इनकी जरूरत का अनुमान लगाया जा सकता है।
ऐसे बनेगा रास्ता
पायलट बनने के लिए लाइसेंस लेने की प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। इसी तरह एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियर बनने के लिए भी लाइसेंस लेना पड़ता है। यह लाइसेंस डायरेक्टर जनरल ऑफ सिविल एविएशन द्वारा प्रदान किया जाता है। कोई भी संस्थान, जो इससे संबंधित कोर्स कराता है, उसे भारत सरकार के विमानन मंत्रालय के अंतर्गत काम करने वाले डीजीसीए से इसके लिए अनुमति लेनी होती है।
शैक्षणिक योग्यता
जो विद्यार्थी इस कोर्स के लिए आवेदन करना चाहते हैं, उनके लिए फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथमेटिक्स विषयों की पढ़ाई जरूरी है। पीसीएम से 12वीं उत्तीर्ण विद्यार्थी एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियरिंग से संबंधित पाठ्यक्रमों में दाखिला ले सकते हैं। कोर्स के दौरान मैकेनिकल इंजीनियरिंग और वैमानिकी की विभिन्न शाखाओं के बारे में जानकारी दी जाती है।
यहां मिलेंगे अवसर
ऐसे तकनीकी प्रोफेशनल्स के लिए देश-विदेश में सभी जगह मौके हैं। एयर इंडिया, इंडिगो, इंडियन एयरलाइन्स, जेट एयरवेज, स्पाइस जेट, गो एयर जैसे एयरलाइंस में तो मौके मिलते ही हैं, इसके अलावा देश के तमाम हवाईअड्डों और सरकारी उड्डयन विभागों में भी रोजगार के बेहतरीन अवसर उपलब्ध होते हैं। भारत में ही करीब 450 कंपनियां हैं, जो इस क्षेत्र में रोजगार प्रदान करती हैं। एएमई का शुरुआती वेतन 20-30 हजार हो सकता है, जिसमें अनुभव और विशेष शिक्षा के साथ बढ़ोतरी होती जाती है।

एविएशन सेक्टर में हो रहे विस्तार के मद्देनजर एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियर के रूप में आप एविएशन सेक्टर से जुड़ सकते हैं...
  • जेआरएन इंस्टीट्यूट ऑफ एविएशन टेक्नोलॉजी, नई दिल्ली
  • भारत इंस्टीट्यूट ऑफ एयरोनॉटिक्स, पटना एयरपोर्ट, पटना
  • इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ एयरोनॉटिक्स साइंस, कोलकाता
  • एकेडमी ऑफ एविएशन इंजीनियरिंग, बेंगलुरु
 
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