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मेडिकल फील्ड में कैरियर बनाने के इच्छुक अभ्यर्थियों के लिए जरूरी नहीं है कि इससे संबंधित प्रवेश परीक्षाओं से गुजर कर ही कैरियर निर्माण किया जाए। पैरामेडिकल सेक्टर में ऐसे अनेक क्षेत्र हैं, जिनसे संबंधित कोर्स करके मेडिकल सेक्टर का हिस्सा बना जा सकता है। पैरामेडिकल से संबंधित सभी क्षेत्र जॉब की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं। उन्हीं में से एक है ऑडियोलॉजी, जिसके तहत व्यक्ति के सुनने की क्षमता का आकलन और उपचार किया जाता है। इसके अलावा इसका संबंध स्पीच थेरेपी से भी है।
पाठ्यक्रम कैसे-कैसे
ग्रेजुएशन, पोस्ट ग्रेजुएशन और उच्च शिक्षा के तमाम अवसर ऑडियालॉजी में हैं। ग्रेजुएशन की अवधि पाठ्यक्रम की प्रकृति के अनुसार 3 या 4 वर्ष हो सकती है। बैचलर डिग्री हासिल करने के बाद विद्यार्थी उच्च शिक्षा के लिए जा सकते हैं। इससे संबंधित डिप्लोमा कोर्स में भी दाखिला लिया जा सकता है। कोर्स के बाद ऑडियोलॉजिस्ट के रूप में प्रैक्टिस करने के लिए जरूरी है कि इंडियन स्पीच एंड हियरिंग एसोसिएशन (आईएसएचए) अथवा रिहैबिलिटेशन काउंसिल ऑफ इंडिया (आरसीआई) से अपना पंजीकरण करवाया जाए।
क्या हो शैक्षणिक योग्यता
ऑडियोलॉजी में ग्रेजुएशन करने के लिए साइंस स्ट्रीम (बायोलॉजी) से 12वीं करना जरूरी है। ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल करने के बाद पीजी में एडमिशन लिया जा सकता है।
अवसर अनेक
इस क्षेत्र में प्रोफेशनल्स को विभिन्न अस्पतालों, हेल्थ डिपार्टमेंट, स्वास्थ्य केंद्रों, रिहैबिलिटेशन सेंटर्स, विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों आदि में काम के अवसर मिलते हैं। अनुभव होने के बाद कंसल्टेंट के रूप में भी प्रैक्टिस की जा सकती है। इस क्षेत्र में उच्च शिक्षा प्राप्त करके अध्यापन के काम से भी जुड़ा जा सकता है।
  • ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ स्पीच ऐंड हियरिंग, मैसूर
  • www.aiishmysore.com
  • ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, नई दिल्ली
  • www.aiims.edu
  • इंस्टीट्यूट ऑफ स्पीच ऐंड हियरिंग, बेंगलुरु
  • www.speechear.org
  • पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन ऐंड रिसर्च, चंडीगढ़
  • www.pgimer.nic.in/
 
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