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एक पुरानी कहावत है, “एक नूर आदमी, सौ नूर कपड़ा, हजार नूर नखरा।'' मतलब साफ है कोई व्यक्ति कदकाठी से खूबसूरत तो लग सकता है मगर उसने अपने पर फबने वाले कपड़े पहन रखें हों तो वह अपने जलवे की गुलाल उड़ाता चलता है । वैसे भी यह ड्रेसिंग सेंस का युग है। सामान्य आदमी से लेकर राष्ट्रपति पद पर बैठे व्यक्तियों के कपड़ों पर लगभग सभी की निगाहें होती हैं। ऐसे में वस्त्र आदमी को आकर्षक और प्रेजेंटेबल बनाते हैं। इसी कारण वर्तमान युग में हमारे देश में कपड़ों की जैसे क्रांति सी आ गई है। इस स्थिति में जो चाहा पहन लिया और एक बार भी यह नहीं सोचा कि वह अपने पर फब भी रहा है या नहीं। यह अब नहीं चल सकता है अब कई बातों का ध्यान रखना पड़ता है। वरना देखा-देखी के चक्कर में हंसी के पात्र बनते देर नहीं लगेगी। वक्त के साथ चलें तथा नए फैशन को अपनाएं पर  सही ढंग से। प्रेजेंटेबलनेस आती है । यूं तो ड्रेस सेंस हर उम्र के लोगों के लिए मायने रखता है। सही ड्रेस सेंस व्यक्तित्व को एक आकर्षक पहचान देता है । इससे आप इंटरव्यू, पार्टी, फंक्शन,मीटिंग, स्कूल, कॉलेज तथा दफ्तर आदि में लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर सकते हैं और प्रेजेंटेबल बन सकते हैं। एक हालिया स्टडी के मुताबिक यदि प्रोफेशनल्स अपने ड्रेसिंग सेंस पर ध्यान दें तो यह ड्रेसिंग सेंस उनकी तरक्की में अहम भूमिका अदा कर सकता है। जरूरी नहीं कि आप मंहगे कपड़े पहनकर जाएं लेकिन जो भी ड्रेस पहनें वह संबंधित जगह के अनुकूल होने चाहिए । जर्नल ऑफ फैशन मार्केटिं एंड मैनेजमेंट की रिपोटर्स में बताया गया है कि सबसे पहले कपड़ों से ही आपको जज किया जाता है इसलिए कहा गया है कि फर्स्ट इम्प्रेशन द लास्ट इम्प्रेशन यानी पहले प्रभाव में आपके कपड़े अहम भूमिका निभाते हैं।
Personality Development को कैसे निखारें

आत्मविश्वास बढ़ता है कई बार सजे-धजे होने के बावजूद व्यक्ति अपना प्रभाव नहीं जमा पाता है। वहीं एक साधारण-सा व्यक्ति आपको पीछे छोड़कर लोगों के दिलों पर राज| कर जाता है । इसका कारण है अच्छा ड्रेस सेंस जो आपको हमेशा आकर्षक एवं ताजा बनाए रखता है। इससे आपके अंदर जोश और आत्मविश्वास का संचार होता रहता है। युनिवर्सिटी ऑफ हर्टफोर्डशायर के प्रोफेसर कैरे पाइन अपनी किताब 'माइंड व्हाट यू वियर' द सायकोलॉजी ऑफ फैशन में कहते हैं कि आप जो कुछ पहनते हैं उससे आपकी पर्सनालिटी के बारे में पता चलता है। आपके सेहत, मूड और आत्मविश्वास पर आपके कपड़ों का असर पड़ता है। उन्होंने कुछ छात्रों से पूछा कि सुपरहीरो की ड्रेस पहनकर वह कैसा महसूस कर रहे हैं? तो छात्रों का कहना था कि मानसिक और शारीरिक स्तर पर वे काफी अच्छा महसूस करते हैं। काम के प्रति लगाव बढ़ता है। जो लोग कार्यस्थल पर अपने कपड़ों के चुनाव पर ध्यान देते हैं वे आत्मविश्वासी तो होते ही हैं साथ ही वे तेजी से निर्णय ले पाते हैं और ज्यादा रचनात्मक काम करते हैं। एक शोध की मानें तो वर्कआउट के कपड़े पहनने भर से मोटिवेशन मिलता है । इसी तरह फार्मल बिजनेस सूट पहनकर लोग प्रभावशाली महसूस करते हैं।

कपड़े बढ़ाएं प्रोडक्टिविटी ग्रूमिंग एक्सपर्ट के मुताबिक हर फैशन और स्टाइल के पीछे एक सायकोलॉजी होती है। रोजमर्रा के कामकाज, कॉलेज या ऑफिस के कपड़ों का चुनाव भी हमारे दिनभर के काम को प्रभावित करते हैं। अच्छे मनपसंद कपड़ों से हमारा खराब मूड भी बदल जाता है। हम अपने हर काम पर ज्यादा फोकस कर पाते हैं। जैसे यदि हम जिम जा रहे हों तो उस समय वर्कआउट के लिए खास कपड़े पहनने से मोटिवेशन मिलता है।

मन में प्रफुल्लता रहती है। कुछ लोगों में कोई बात ऐसी होती है कि सामने वाला उसको देखकर फ्लैट हो जाता है। उसकी खासियत यह होती है कि वह जहां जाता है अपना एक विशेष प्रभाव छोड़ता है। लोग उसके जैसा बोलना चाहते हैं। वे तो यहां तक चाहते हैं कि उनकी शख्सियत से उनका जादू चल जाए। इस जादू भरी शख्सियत का राज यह होता है कि ऐसे लोग अपनी पर्सनालिटी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा पहनावे पर पूरा ध्यान देते हैं।

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