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वर्तमान में किसी भी देश के लिए विदेशी मुद्रा अर्जित करने के लिए ट्रैवल एंड कितनी संभावनाएँ हैं। टूरिज्म (यात्रा एवं पर्यटन) का क्षेत्र सबसे उल्लेखनीय है कि ट्रैवल एंड टूरिज्म इंडस्ट्री में बेहतर माना जाता है तथा संपूर्ण विश्व में सारा कारोबार सेवाएं प्रदान करने का होता है, सर्वाधिक रोजगार भी इसी क्षेत्र में हैं। प्रत्यक्ष एवं
जो घर से दूर रहने वालों, चाहे बिजनेस के परोक्ष रूप से लाखों लोग ट्रैवल एंड टूरिज्म लिए हो या छुट्टियां मनाने वाले हों, के लिए इंडस्ट्री से जुड़े हुए हैं। इस इंडस्ट्री में सरकारी एजेंट तक जुड़े होते हैं। विश्व पर्यटन संगठन होती हैं। लोग मौज-मस्ती के लिए यात्रा करते पर्यटन विभाग, इमिग्रेशन एंड कस्टम, ट्रैवल की नवीनतम रिपोर्ट के मुताबिक, दक्षिण एशिया हैं, तीर्थ यात्रा करते हैं, एडवेंचर ट्रैवल करते एजेंसीज, एयरलाइंस, टूर ऑपरेटर, होटल, आने वाले कुल पर्यटकों में से लगभग 50 हैं। ट्रैवल एजेंट इन सभी की जरूरतों का एयरलाइन, कैटरिंग, गाइड, दुभाषिए, टूरिज्म प्रतिशत पर्यटक भारत आते हैं। गौरतलब है कि आकलन करते हैं तथा जितना बेहतर हो सके, प्रमोशन एवं सेल्स जैसी सेवाएं शामिल होती वर्ल्ड ट्रेवल एंड टूरिज्म काउंसिल की वर्ष सेवाएं प्रदान करने की कोशिश करते हैं। टूरिस्ट हैं। ट्रैवल एंड टूरिज्म इंडस्ट्री से अंतरराष्ट्रीय 2018 की रिपोर्ट के अनुसार भारत में वर्ष को कैसे, कब तथा कहां ठहरना है, कितने दिन स्तर के टूर ऑपरेटर से लेकर निजी ट्रैवल 2017 में 10 मिलियन फॉरेन टूरिस्ट भारत ठहरना है, पैकेज क्या होगा, यह एक ट्रैवल आए। यह आंकड़ा वर्ष 2016 में 8.89 एजेंट तय करता है। ट्रैवल कंपनियाँ यात्रियों को मिलियन था। इस प्रकार फॉरेन टूरिस्टों की यात्रा से पहले उस देश के नियम-कानूनों से भी संख्या में 15.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इसके अवगत कराती हैं, जिस देश की वे यात्रा करना चलते 41.622 मिलियन रोजगार के अवसर चाहते हैं। जरूरी कागजात के अलावा कार्गों, प्रत्यक्ष तथा परोक्ष रूप से सृजित हुए हैं। इन टिकटिंग तथा पासपोर्ट संबंधी जानकारी भी टूरिस्टों से 15.24 लाख करोड़ रुपए की आय ट्रैवल कंपनियाँ मुहैया कराती हैं। अब जाहिर देश को हुई है। यह वर्ष 2017 में देश की है, जब इतने लोग ट्रैवल करते हैं, चाहे किसी जीडीपी का 9.4 प्रतिशत था। रिपोर्ट में यह भी भी मकसद से करें तो उन्हें संबंधित और जरूरी कहा गया है कि इस क्षेत्र की वार्षिक वृद्धि 6.9 सेवाएं भी चाहिए। इसके लिए इस इंडस्ट्री से प्रतिशत है। इसी रिपोर्ट से ही अंदाजा लगाया जुड़े हर पहलू को लेकर पढ़ाई और प्रशिक्षण की भी व्यवस्था है। पर्यटन क्षेत्र का विस्तार दिन प्रतिदिन होता जा रहा है, इसलिए सेवाएं देने के लिए भी अधिक से अधिक लोग चाहिए।
Travel and Tourism में नौकरियो की भरमार

ट्रैवल एंड टूरिज्म क्षेत्र में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका ट्रैवल एजेंसियों व ट्रैवल एजेंटों की होती है। ये टूरिस्ट
और बिजनेसमैन की यात्रा के लिए क्या-क्या जरूरी बातें और चीजें हैं, उनका आकलन करते हैं और उसी के मुताबिक व्यवस्था करते हैं। बहुत सारे रिजॉटर्स और ट्रैवल ग्रुप भी अपने टूर पैकेज के प्रमोशन के लिए इन एजेंट्स की मदद लेते हैं। ये ट्रैवल से जुड़ी लगभग सारी बातों का ध्यान रखते हैं जैसे डेस्टिनेशन तक पहुंचने का सबसे छोटा एवं सुरक्षित रास्ता कौन सा है, वहां पहुंचने का तरीका क्या है, क्या वहां जाने के लिए कुछ कागजात चाहिए, ठहरने की जगह कौन बारे में सारी जानकारी होनी चाहिए, पर्यटकों की सी अच्छी है, मुद्रा विनिमय की दर क्या हैं, वहां का उत्सुकता और जिज्ञासा को ठीक-ठीक समझकर उन्हें मौसम कैसा है, वहां घूमने की जगह कौन-कौनसी समझाने की कला भी आनी चाहिए। जो लोग टूर अच्छी हैं इत्यादि। टूरिस्ट की रूचि, आवश्यकता और ऑपरेटर्स के साथ काम करना चाहते हैं, वे टूरिस्ट बजट के मुताबिक इन्हें सारा प्रबंध करना होता है। गाइड का कोर्स कर सकते हैं और टूरिस्ट के साथ ट्रैवल और टिकटिंग में तीन से छह महीने का कोई अच्छा तालमेल बनाकर सेवाएं दे सकते हैं, ताकि डिप्लोमा कोर्स करने के बाद किसी भी ट्रैवल एजेंसी जब भी वह ग्रुप पुनः कहीं जाना चाहे, अपने गाइड में काम किया जा सकता है। बड़ी-बड़ी ट्रैवल के तौर पर उसी की डिमांड करे। ट्रैवल एंड टूरिज्म एजेंसियां स्वयं ट्रेनिंग भी देती हैं और योग्य युवाओं इंडस्ट्री में फुल टाइम कोर्सेज के अलावा शॉर्ट टर्म को अपने यहाँ नौकरी के अवसर भी प्रदान करती हैं। कोर्स के विकल्प भी मौजूद हैं। बैचलर कोर्स तीन कुछ एजेंसियां बिना अनुभव वाले ग्रेजुएट को भी साल के और पीजी कोर्स दो साल के होते हैं। कई विधिवत प्रशिक्षण देने के बाद काम पर रख लेती हैं। संस्थानों द्वारा सर्टिफिकेट और डिप्लोमा कोर्स भी ट्रैवल एंड टूरिज्म में टूर ऑपरेटर्स की भी एक अलग कराए जाते हैं। ट्रैवल एंड टूरिज्म में बैचलर डिग्री तरह की जिम्मेदारी होती है। ये अलग-अलग जगहों कोर्स, सर्टिफिकेट कोर्स और डिप्लोमा कोर्स करने के लिए टूर प्लान करते हैं और पर्यटकों की यात्रा और हेतु किसी भी विषय समूह से 12वीं उत्तीर्ण होना उनके ठहरने का इंतजाम वगैरह करते हैं। टूर आवश्यक है। ट्रैवल एंड टूरिज्म से जुड़े कुछ प्रमुख ऑपरेटर्स को ऐसे लोगों की जरूरत होती है, जो कोर्स इस प्रकार हैं- बैचलर ऑफ टूरिज्म उनके कंसेप्ट को लोगों तक पहुंचा सकें तथा ग्रुप को एडमिनिस्ट्रेशन, बैचलर ऑफ टूरिज्म स्टडीज, मास्टर स्थान विशेष तक ले जा सकें। जाहिर है इन सबके ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन इन टूरिज्म एंड लिए अच्छी पर्सनेलिटी होनी चाहिए, उस जगह के हॉस्पिटेलिटी मैनेजमेंट, एमए इन टूरिज्म मैनेजमेंट, डिप्लोमा इन ट्रैवल मैनेजमेंट एंड एयरपोर्ट मैनेजमेंट। ट्रैवल एंड टूरिज्म से जुड़े एक वर्षीय शॉर्ट टर्म डिप्लोमा कोर्स इस प्रकार हैं- एयरलाइन टिकटिंग, एयरलाइन ग्राउंड ऑपरेशंस, ग्राउंड सपोर्ट एंड एयरपोर्ट मैनेजमेंट, गाइडिंग एंड स्कॉटिंग, कार्गो मैनेजमेंट, एयरपोर्ट लॉजिस्टिक मैनेजमेंट आदि। पीजी डिप्लोमा कोर्स या पीजी स्तर के कोर्स करने के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता स्नातक है। इस कोर्स में किसी भी विषय या स्ट्रीम के छात्र दाखिला ले सकते हैं। इस क्षेत्र में रोजगार के उजले अवसर मौजूद हैं। पढ़ाई के दौरान ही उनके लिए नौकरी के रास्ते खुल जाते हैं। एविएशन, टूर ऑपरेटर्स, रिजॉर्स, ट्रैवल बीपीओ, इवेंट मैनेजमेंट की हमेशा डिमांड बनी रहती है। ट्रैवल एंड टूरिज्म में सर्टिफिकेट कोर्स करने वालों के भी वारे-न्यारे हैं। सभी राज्यों के पर्यटन विभागों से लेकर, पर्यटन मंत्रालय, टूर ऑपरेटरों, ट्रांसपोर्ट एवं कार्यों में रोजगार के अवसर ही अवसर हैं।
  • प्रमुख संस्थान
  • इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टूरिज्म एंड ट्रैवल मैनेजमेंट, आईएचएम कैम्पस, पूसा रोड, नई दिल्ली । पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय वाराणसी
  • सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ हिमाचल प्रदेश, धर्मशाला
  • हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल यूनिवर्सिटी, श्रीनगर (उत्तराखण्ड)
  • जम्मू यूनिवर्सिटी, जम्मू ॥ इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय, नई
  • दिल्ली
  • टीएमआई एकेडमी ऑफ ट्रेवल, टूरिज्म एंड एविएशन स्टडीज, नई दिल्ली।

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