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Fear of public speaking

पब्लिक स्पीकिंग से डरते हैं? अगर आपका जवाब हां तो यह जान लें कि दुनिया में आप ऐसे अकेले व्यक्ति नहीं हैं। ऐसी एक नहीं बल्कि कई स्टडीज हैं जो यह पुख्ता करती हैं कि पब्लिक स्पीकिंग का डर ज्यादातर लोगों के बीच सबसे बड़ा डर होता है। पूरी दुनिया में ऐसे कई जानी-मानी सेलेब्रिटीज हैं जिन्होंने इस डर का सामना किया और इस पर जीत भी हासिल की। वॉरेन बफे से लेकर मार्क जुकरबर्ग और आर्नोल्ड श्वॉर्जनेगर से लेकर जैकी चैन तक कई नाम इस सूची में शामिल हैं। ऐसे में कुछ तरीके हैं जिन्हें अपनाकर आप अपने इस डर पर काबू पा सकते हैं।

तैयारी और अभ्यास करें : Plan appropriately.

अगर आप अपनी स्पीच को लेकर घबरा रहे हैं तो आपको तैयारी और अभ्यास करने की जरूरत है। इसके लिए आप क्विक नोट्स की एक सीरीज तैयार कर सकते हैं ताकि आपके विचार ऑर्गेनाइज्ड रहें और अगर आप कहीं अटक रहे हों तो आप उन्हें देख सकें। ध्यान रहे कि एक बार तैयारी करने के बाद अभ्यास की बारी आती है।
धीरे बोलें और अपना समय लें : कई बार लोग घबराहट के चलते अपनी स्पीच बहुत तेजी से पढ़ देते हैं। इसके बजाय धैर्य रखकर धीरे-धीरे स्पीच पढ़ेंगे तो ऑडियंस आपकी बात को सही से समझ सकेगी। आपको समझना चाहिए कि पेंटिंग या स्कल्पटिंग की तरह ही स्पीच भी एक कला है और आप जितना ज्यादा अभ्यास करेंगे उतने बेहतर होंगे।

अपनी ऑडियंस पर ध्यान दें : Engage with your audience.

पब्लिक स्पीकिंग के डर की एक वजह खुद पर फोकस होता है। आपको डर होता है कि दूसरे आपके बारे में क्या सोचेंगे। बेहतर है कि स्पीच देते वक्त खुद पर ध्यान देने के बजाय आप अपने ऑडियंस पर फोकस करें। इससे आपका ध्यान शिफ्ट हो जाएगा और आप अपनी घबराहट को भूलकर अपने ऑडियंस पर ध्यान देंगे।

आई कॉन्टैक्ट बनाएं और किस्सा सुनाएं

आई कॉन्टैक्ट बनाकर रखने से आपके और ऑडियंस के बीच कनेक्शन बनता है जिससे आपका ध्यान नहीं भटकता। इसके साथ ही अपने स्पीच के बीच में छोटे-छोटे किस्से सुनाकर उस पॉइंट को हाइलाइट कर पाते हैं जिसके बारे में आप बोल रहे हैं।

परफेक्ट बनने का न सोचें : Think positively.

बहुत से पब्लिक स्पीकर्स अपनी प्रेजेंटेशन में परफेक्शन लाने की कोशिश करते हैं, जो कि न तो वास्तविक होती है और न ही उनका लक्ष्य होता है। एक अच्छी स्पीच देने का मतलब होता है कि स्पीकर कितने अच्छे से ऑडियंस के साथ कनेक्ट करता है। परफेक्शन के चक्कर में आपकी स्पीच रोबोटिक लगने लगती है।

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