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कोटा। देश में 3 हजार युवा प्रतिदिन किसी बीमारी या अन्य कारण से मौत के शिकार हो जाते हैं। इनमें से अधिकतर बीमारियां और कारण ऐसे होते हैं, जिनकी रोकथाम संभव है। कुपोषण, झगड़ा फसाद, आत्महत्या, तनाव भी युवाओं में मौत के बड़े कारण बनकर सामने आ रहे हैं। यह बात इण्डियन इन्स्टीट्यूट ऑफ़ हेल्थ मेनेजमेंट एण्ड रिसर्च यूनिवर्सिटी के डीन प्रोफेसर डाॅ. दयाकृष्ण मंगल ने कही।

वे इण्डियन मेडिकल एसोसिएशन कोटा तथा कोटा आई हाॅस्पीटल के संयुक्त तत्वावधान में विश्व दृष्टि दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने के लिए कोटा आए थे। इस दौरान डाॅ. अंकित पंजाबी द्वारा रेटिना सर्विसेज फोर यंग डायबिटिक्स नामक प्रोजेक्ट शुरू किया गया। इसमें 30 वर्ष से कम आयु के डायबिटिज से पीड़ित युवाओं की निशुल्क नेत्र जांच की जाएगी। इसके तहत चश्मे का नम्बर निकालना, आंखोें के दाब की जांच, रेटिना की जांच, रोग के उपचार की जानकारी एवं मार्गदर्शन दिया जाएगा।

इस निशुल्क सुविधा का उपयोग मरीज 24 अक्टूबर से प्रत्येक गुरुवार को सायं 4 से 6 बजे के बीच कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि भारत में 8 करोड से ज्यादा मधुमेह के रोगी 2017 में ही हो गए थे। ऐसा अनुमान है कि 2015 तक यह संख्या भयावहता से बढकर 15 करोड हो जाएगी। उन्होंने कहा कि गरीबी और अशिक्षा के कारण मधुमेह से पीड़ित कुल मरीजों में आधों को तो पता भी नहीं है कि वे इस खतरनाक बीमारी से पीड़ित हैं। वे इस बीमारी से उपचार को वहन करने में भी सक्षम नहीं होते हैं।

प्रोजेक्ट के सलाहकार बोर्ड में डाॅ. डीके मंगल, डाॅ. केके पारीक, डाॅ. एमएस सूरी, डाॅ. जीडी रामचन्दानी, डाॅ. एस सान्याल, डाॅ. अखिल जोशी, डाॅ. महेश पंजाबी, टैक्स सलाहकार एमएल पाटौदी, एडवोकेट महेशचन्द गुप्ता, उद्योगपति गोपाल सपरा को रखा गया है।

जागरूकता से डायबिटीज पर नियंत्रण संभव
इण्डियन मेडिकल एसोसिएशन तथा कोटा आई हाॅस्पीटल एण्ड रिसर्च फाउण्डेशन की ओर से विश्व दृष्टि दिवस पर गुरूवार को आईएमए हाॅल पर सीएमई का आयोजन किया गया। आईएमए के अध्यक्ष डाॅ. एस सान्याल तथा सचिव डाॅ. केके डंग ने बताया कि सीएमई में मुख्य वक्ता इण्डियन इन्स्टीट्यूट ऑफ़ हेल्थ मेनेजमेंट एण्ड रिसर्च यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर एवं डीन डाॅ. डाॅ. दयाकृष्ण मंगल थे।

विशिष्ठ अतिथि कोटा आई के निदेशक डाॅ. अंकित पंजाबी तथा एसोसिएशन आॅफ फिजिशियन आॅफ इण्डिया के अध्यक्ष डाॅ. केके पारीक थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता डाॅ. विजय सरदाना ने की। इस अवसर पर डाॅ. मंगल ने किशोर वय में रोग की रोकथाम एवं स्वास्थ्य संवर्द्धन की भूमिका के बारे में व्याख्यान दिया।

डाॅ. मंगल ने कहा कि लोगों को जितना जागरूक किया जाएगा, उतना ही डायबिटिज से लड़कर जीतने में पीड़ित को मदद मिलेगी। इस दौरान नेत्र सर्जन डाॅ. अंकित पंजाबी ने डायबिटिज और हाई बीपी जैसे रोगों के रेटिना पर असर को विस्तार से समझाया।



source https://lendennews.com/archives/60243

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