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नयी दिल्ली। इस सप्ताह अमेरिका-चीन व्यापार समझौते से जुड़ी गतिविधियां, विदेशी पूंजी निकासी और नवंबर श्रृंखला के वायदा एवं विकल्प खंडों के सौदों के निपटान बाजार की चाल तय करेंगे। विश्लेषकों ने यह बात कही। विश्लेषकों के अनुसार इसके अलावा निवेशकों की नजर महाराष्ट्र के राजनीतिक घटनाक्रम पर भी होगी। सैमको सिक्युरिटीज एंड स्टॉक नोट के संस्थापक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी जिमीत मोदी ने कहा, ‘‘बाजार इस सप्ताह हल्का रह सकता है।

आर्थिक नीतियों, विनिवेश और अंतरराष्ट्रीय भू-राजनीतिक घटनाक्रमों से जुड़ी खबरों और घटनाक्रमों के आधार पर बाजार की चाल होगी।’’ जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘आने वाले समय में बाजार दूसरी तिमाही के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के आंकड़ों पर निर्भर करेगा।’’ दूसरी तिमाही का जीडीपी वृद्धि का आंकड़ा शुक्रवार को बाजार बंद होने के बाद जारी किया जाएगा।

विभिन्न रेटिंग एजेंसियों ने खपत में कमी और वैश्विक चुनौतियों को देखते हुए आर्थिक वृद्धि में और गिरावट का अनुमान जताया है। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में आर्थिक वृद्धि दर 5 प्रतिशत रही थी। विश्लेषकों के अनुसार, रुपया और डॉलर की चाल, कच्चा तेल की कीमतें, विदेशी निवेशकों का रुख आदि भी शेयर बाजार को प्रभावित कर सकते हैं। नवंबर श्रृंखला के वायदा एवं विकल्प खंड के सौदों के निपटान का काम बृहस्पतिवार को समाप्त होगा। इससे बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के विश्लेषक गौरांग सोमैय्या ने कहा, ‘‘अगले सप्ताह बाजार दूसरी तिमाही के जीडीपी आंकड़ों पर निर्भर करेगा।’’ वैश्विक मोर्चे पर अमेरिका-चीन व्यापार वार्ता कारोबार धारणा को प्रभावित करेगा। सप्ताह के दौरान सेंसेक्स केवल 2.72 अंक की बढ़त के साथ 40,359.41 अंक पर बंद हुआ।



source https://lendennews.com/archives/62681

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