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कोटा। भारत इन्टीग्रेशन मिशन के अंतर्गत राजकीय सार्वजनिक मण्डल पुस्तकालय कोटा में स्वामी विवेकानन्द जयंती को युवा दिवस के रुप मे मनाया गया । इस अवसर पर “चेनेलाईजींग युथ पॉवर फॉर नेशन बिल्डींग” विषय पर एक “ युवा सम्मेलन” आयोजित किया । जिसमे बतौर मुख्य अतिथी मोटीवेशनल स्पीकर आचार्य धनराज शर्मा, मुख्य वक्ता सेवानिवृत प्राचार्य सत्यनारायण शर्मा, अध्यक्षता समाजसेवी मुकूट लड्डा तथा विशिष्ठ अतिथी गीतकार महेश पंचौली ने शिरकत की ।

इस अवसर पर शोधार्थी निशा गुप्ता ने स्वामी विवेकानंद पर एक पत्र वाचन किया जिसमे उन्होने बताया कि बच्चे झगड रहे थे मोहल्ले के, न जाने किस बात पर । सूकून इस बात का था , न मन्दिर का जिक्र था न मस्जिद का । प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर नवनीत यादव ने कहा कि हिम्मत मत हार ए मन अभी तो बढने जाना है , राह पर अभी चला है तू , अभी मंजिल को पाना है । मुश्किले बहुत सी आयेंगी , अभी तो राह में पगले , बस ये सोच दुनियां को तुझे कर दिखाना है ।

मुख्य वक्ता सत्यनारायण शर्मा ने बताया कि – स्वामी विवेकानद का भारतीय पुनर्जागरण के अग्र महापुरुषों मे महत्वपुर्ण स्थान है । मुख्य अतिथी धर्मराज शर्मा ने अंग्रेजी आलोचक क्रिटीक की बात को उद्दवत करते हुये कहा कि – स्वामी जी ईश्वरीय शक्ति प्राप्त युवा वक्ता है । उनका व्यक्तित्व सभी विश्वविद्यालयों के प्रोफेसर के ज्ञान को एकत्र कर भी लिया जाये तो उनसे विशाल है।

विशिष्ठ अतिथी पंचौली ने कहा कि देश को सम्पन्न बनाने के लिए पैसे से ज्यादा हौसले की, ईमानदारी की और प्रोत्साहन की जरूरत होती है। स्वामी जी के अमृत वचन आज भी देशवासियों को प्रोत्साहित करते हैं। उनमें चिंतन और सेवा का संगम था।

डॉ. दीपक कुमार श्रीवास्तव मण्डल पुस्तकालयाध्यक्ष ने कहा कि- आज हमारा देश स्वतंत्र होने के बावजूद अनगिनत समस्याओं से जूझ रहा है। बेकारी, गरीबी, शिक्षा, प्रदूषण एवं अन्न-जल तथा महंगाई की समस्या से देश की जनता प्रभावित है। ऐसी विपरीत परिस्थिती में भी स्वामी विवेकानंद जी को विश्वास था कि, हमारा देश उठेगा, ऊपर उठेगा और इसी जनता के बीच में से ऊपर उठेगा।आभार कार्यक्रम संयोजिका शशि जैन ने प्रदान किया ।



source https://lendennews.com/archives/65494

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