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नई दिल्ली। अमेरिका की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन के फाउंडर और सीईओ जेफ बेजोस ने कंपनी और करियर से जुड़ी रोचक बातें शेयर कीं। दिल्ली में अमेजन के समिट में बेजोस ने कहा कि अमेजन सफल नहीं होती तो खुशी से किसी कंपनी में सॉफ्टवेयर प्रोग्रामर बन जाता। उन्होंने बताया कि 25 साल पहले जब नौकरी छोड़कर अमेजन शुरू करने का विचार आया तो भविष्य को लेकर मन में कई आशंकाएं थीं, लेकिन जोखिम उठाना ही सही समझा।

‘मैं 1994 में न्यूयॉर्क की एक कंपनी में काम करता था। मुझे अहसास हुआ कि इंटरनेट तेजी से बढ़ रहा है। इससे मुझे ऑनलाइन किताबें बेचने का विचार आया। मैंने अपने बॉस को यह बात बताई। वे मुझे पार्क में ले गए और विस्तार से सुना। उन्होंने कहा- यह विचार मेरे लिए बहुत बड़ा है, लेकिन एक ऐसे व्यक्ति के लिए ज्यादा बेहतर होगा जिसके पास अच्छी जॉब नहीं है। बेजोस ने बताया- उस वक्त मन में कई शंकाएं थीं। मैं पछतावा नहीं चाहता था, इसलिए सोच रहा था- क्या बोनस की परवाह किए बिना साल के बीच में नौकरी छोड़ना ठीक होगा? लेकिन, उस वक्त यही समझ आया कि मेरे पास एक बड़ा विचार है। कोशिश नहीं करूंगा तो हमेशा पछतावा रहेगा। कोशिश करने के बाद नाकाम भी रहूंगा तो अफसोस नहीं रहेगा।’

एक कामयाबी से कई विफलताओं की भरपाई संभव
‘विफलताओं के लिए अमेजन दुनिया की सबसे अच्छी जगह है, क्योंकि हम बहुत ज्यादा अभ्यास करते हैं। विफलताएं दो तरह की होती हैं। पहली और सबसे अहम वह जिससे हम कुछ सीखने और प्रयोग करने के लायक बनते हैं। दूसरे तरह की विफलता काम और उत्कृष्टता संबंधी होती है, इससे हमें जरूर बचना चाहिए। इससे भी सीख लेनी चाहिए, लेकिन स्वीकार करना चाहिए कि ऐसी विफलता खराब होती है। बेजोस ने कहा कि एक कामयाबी और एक विजेता दर्जनों नाकामियों की भरपाई कर सकता है।’

ऐसे लोग भी भर्ती करें जो आपको सिखा सकें
‘भर्तियां होती रहनी चाहिए। सिर्फ ऐसे लोगों की नहीं जिन्हें आप सिखा सकें बल्कि ऐसे लोगों की भी जो आपको सिखा सकें। अमेजन की कामयाबी का यही राज है। पिछले 25 साल में जो हुआ वह मेरी उम्मीदों से ज्यादा है। मुझे वे दिन याद हैं जब मैं खुद पैकेट डिलीवर करता था, हम किताबें बेचते थे। उस दौर में हमने कंपनी बनाने के बारे में सोचा था, लेकिन इतना नहीं जितना आज आप देख रहे हैं। यह सब कुछ एक कदम बढ़ाने का नतीजा है।’

यह सदी भारत की होगी
‘भारत का जोश, ऊर्जा और यहां के लोग विशेष हैं, यहां लोकतंत्र है। यह सदी भारत की होगी। 21वीं सदी में भारत-अमेरिका का गठबंधन सबसे अहम होगा। बेजोस ने जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर कहा- जो भी इसके दुष्प्रभावों को नहीं समझ रहा वह गलती कर रहा है। पिछले 10-20 सालों में जलवायु परिवर्तन के असर की हकीकत को समझने में लोगों ने गंभीरता नहीं दिखाई। इस मुद्दे पर दुनिया को साथ आने की जरूरत है। अमेजन 2030 तक 100% स्थायी बिजली (सस्टेनेबल इलेक्ट्रिसिटी) का इस्तेमाल करने लगेगी। हाल ही में हमने 1 लाख इलेक्ट्रिक डिलीवरी वाहन खरीदने का फैसला किया था। जून तक हम प्लास्टिक का इस्तेमाल भी बंद कर देंगे।’



source https://lendennews.com/archives/65694

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