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नई दिल्ली। अगले फाइनैंशल इयर में नया टैक्स सिस्टम चुनने वालों 70 टैक्स एग्जेंप्शन और डिडक्शंस से हाथ धोना होगा। इनमें 80 सी के तहत निवेश पर मिलने वाली 1.5 रुपये तक छूट, सेक्शन 80डी के तहत हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम पेमेंट और 80टीटीए के तहत बचत खाते या पोस्ट ऑफिस अकाउंट जमा पर मिलने वाले ब्याज पर डिडक्शन शामिल हैं।

बहरहाल, चिंता की कोई बात नहीं। फाइनैंस बिल 2020 में कुछ टैक्स- एग्जेंप्शन्स ऐसे भी हैं जिनके साथ कोई छेड़छाड़ नहीं की गई है। यानी कुछ इनकम ऐसी हैं जिनपर आप नए टैक्स सिस्टम के तहत भी छूट लेना जारी रख सकते हैं। वैसे तो 50 एग्जेंप्शन्स के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं की गी है, लेकिन हम आपको कुछ प्रमुख के बारे में बताते हैं।

पोस्ट ऑफिस बचत खाते पर ब्याज
आयकर ऐक्ट के सेक्शन 10(15)(i) के तहत पोस्ट ऑफिस सेविंग्स अकाउंट बैलंस पर मिलने वाले ब्याज ेक लिमिट तक टैक्स-फ्री है। व्यक्तिगत अकाउंट के मामले में यह लिमिट 3500 रुपये है जबकि जॉइंट अकाउंट के मामले में 7000 रुपये। यानी एक वित्त वर्ष में पोस्ट ऑफिस अकाउंट बैलंस पर इतने ब्याज पर आपकी कोई टैक्स देनदारी नहीं है।

चार्टर्ड अकाउंटेंट मिलिंद विजयवर्गीय कहते हैं, ‘वैकल्पिक नए टैक्स सिस्टम में सेक्शन 80टीटीए के तहत कोई इंडिविजुअल बैंक या बचत खाते पर मिलने वाले डिडक्शन्स क्लेम नहीं कर सकता लेकिन पोस्ट ऑफिस सेविंग्स अकाउंट ग्राहक एक तय ब्याज राशि तक का एग्जेंप्शन जरूर हासिल कर सकते हैं।’

एम्प्लॉयर से मिलने वाली ग्रैच्युटी
अगर आपको अपने एम्प्लॉयर से ग्रैच्युइटी मिलती है तो आप एक निश्चित लिमिट पर टैक्स एग्जेंप्शन मिलता है। 5 साल तक किसी कंपनी में काम करने वाला ग्रैच्युइटी का हकदार होता है। इनकम टैक्स के कानून के मुताबिक गैर-सरकारी कर्मचारियों को लाइफटाइम में 20 लाख रुपये तक ग्रैच्युइटी टैक्स-फ्री है। वहीं, सरकारी कर्मचारियों की पूरी ग्रैच्युइटी टैक्स-फ्री होती है, उसकी कोई लिमिट नहीं होती।

लाइफ इंश्योंरेंस मैच्योरिटी अमाउंट
ने टैक्स सिस्टम में सेक्शन 80 सी के तहत आप लाइफ इंश्योंरेस प्रीमियम पर टैक्स डिडक्शन नही ले पाएंगे। हालांकि, मैच्योरिटी पर मिलने वाली रकम पूरी तरह से टैक्स एग्जेंप्ट है। सेक्शन 10(10डी) के इस तरह का प्रावधान है।

EPF/NPS अकाउंट में नियोक्ता का कॉन्ट्रिब्यूशन
नए टैक्स सिस्टम में EPF/NPS या सुपरऐनुएशन अकाउंट में एम्प्लॉयर का कॉन्ट्रिब्यूशन पर टैक्स छूट मिलेगी अगर यह राशि सालाना 7.5 लाख से कम होगी।

EPF पर 9.5% तक का सालाना ब्याज टैक्स-फ्री
नए टैक्स सिस्टम के तहत भी एम्प्लॉयी प्रविडेंड फंड यानी EPF अकाउंट पर मिलने वाला ब्याज टैक्स फ्री होगा, बशर्ते ब्याज 9.5 पर्सेंट से ज्यादा न हो।

PPF मैच्योरिटी अमाउंट और ब्याज
नए टैक्स सिस्टम के तहत पीपीएफ अकाउंट में कॉन्ट्रिब्यूशन पर टैक्स छूट का दावा नहीं किया जा सकता लेकिन मैच्योरिटी अमाउंट टैक्स-फ्री होगा।

सुकन्या समृद्धि योजना का ब्याज
नए टैक्स सिस्टम में सुकन्या समृद्धि योजना में निवेश करने वालों को ब्याज पर पर कोई टैक्स नहीं देना होगा। इसके अलावा, इससे होने वाली पेमेंट्स भी टैक्स एग्जेंप्ट होंगी। बहरहाल, सेक्शन 80सी के तहत इसपर डिडक्शन का दावा नहीं किया जा सकेगा।

एम्प्लॉयर से गिफ्ट
आपके एम्प्लॉयर की तरफ से अगर आपको कोई गिफ्ट मिला है तो नए टैक्स सिस्टम के तहत वह टैक्स-फ्री रहेगा। हालांकि, गिफ्ट 5000 रुपये से ज्यादा कीमत का नहीं होना चाहिए। मौजूदा और नई, दोनों व्यवस्थाओं में ये टैक्स-फ्री है।

रिटायरमेंट पर लीव एनकैशमेंट
रिटायरमेंट के समय कई कंपनियां बची छुट्टियों के बदले कैश पेमेंट करती हैं। एक्सपर्ट के मुताबिक, नए टैक्स सिस्टम में भी गैर-सरकारी कर्मचारियों के लिए 3 लाख रुपये तक का लीव एनकैशमेंट टैक्स-फ्री है।

VRS अमाउंट
नए टैक्स सिस्टम में वॉलंटरी रिटायरमेंट लेने वालों को रिटायरमेंट के वक्त मिलने वाली एकमुश्त रकम टैक्स-फ्री रहेगी। इसकी लिमिट 5 लाख तक है, नए और पुराने दोनों टैक्स सिस्टम में।



source https://lendennews.com/archives/67169

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