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नई दिल्ली। मुड़ने वाले डिस्प्ले पर लगभग सभी बड़ी टेक कंपनियां पिछले कई साल से काम कर रही हैं लेकिन स्मार्टफोन्स में इनका आना शानदार नहीं रहा। साउथ कोरिया के ब्रैंड सैमसंग ने 2019 की शुरुआत में दुनिया का पहला फोल्डेबल डिस्प्ले स्मार्टफोन इंट्रोड्यूस किया लेकिन इसे मार्केट में आने के लिए छह महीने से ज्यादा वक्त लगा।

इस डिस्प्ले के रिव्यू यूनिट में कई कमियां दिखीं और कई यूजर्स को इस डिवाइस ने निराश किया। इसके बावजूद फोल्डेबल टेक्नॉलजी ने एक्सपेरिमेंट्स और फ्यूचर स्मार्टफोन्स के लिए नया स्पेस ओपन कर दिया है। सैमसंग के बाद हुवावे के सबब्रैंड ऑनर और हाल ही में मोटोरोला की ओर से भी फोल्डेबल स्मार्टफोन लॉन्च किया गया है।

ऑनर और सैमसंग के फोल्डेबल डिवाइस Honor Mate X और Galaxy Fold जहां ओपन होने पर टैबलेट के साइज के हो जाते हैं, मोटोरोला की ओर से खास एक्सपेरिमेंट किया गया है। मोटोरोला का फोल्डेबल डिवाइस Moto Razr पहला ऐसा मुड़ने वाला डिवाइस है, जिसकी स्क्रीन ऊपर से नीचे की ओर फोल्ड होती है। ओपन होने पर यह डिवाइस नॉर्मल स्मार्टफोन के जैसा हो जाता है और इसका डिस्प्ले बहुत बड़ा नहीं है।

मोटोरोला ने फोल्डेबल डिस्प्ले की मदद से अपने पॉप्युलर फ्लिप फोन को ही नए अवतार में पेश किया है और यह फोल्डेबल डिवाइसेज का फ्यूचर हो सकता है। अब सैमसंग भी इसी डिवाइस के डिजाइन पर भरोसा करते हुए क्लैमशेल स्टाइल में फोल्ड होने वाला डिवाइस लाने वाला है। इसका नाम Galaxy Z Flip हो सकता है। सैमसंग और ऑनर के फोल्डेबल फोन जहां स्क्रीन ओपन करने पर इस्तेमाल करने में कंफर्टेबल नहीं हैं, वहीं मोटोरोला का डिवाइस एक सामान्य फोन जैसा है, जिसे मोड़कर पॉकेट में रखा जा सकता है।

लंबा चला फ्लिप फोन्स का ट्रेंड
खास बात यह है कि यूजर्स पहले भी बीच से मुड़ने वाले फ्लिप फोन इस्तेमाल करते रहे हैं, ऐसे में फ्लिप की तरह ही बीच से मुड़ने वाली स्क्रीन जरा भी परेशान नहीं करेगी। मोबाइल फोन्स की शुरुआत में जहां भारी और बेडौल डिवाइस यूजर्स को देखने को मिले, वहीं इनका डिस्प्ले ब्लैक एंड वाइट और छोटा था। डिस्प्ले का साइज वक्त के साथ-साथ बढ़ा लेकिन फोन छोटे और पतले होते गए। ऐपल आईफोन लॉन्च करने वाले स्टीव जॉब्स ने एक इंटरव्यू में कहा था कि कोई भी बड़ा और भारी स्मार्टफोन नहीं खरीदना चाहता और कॉम्पैक्ट फोन ज्यादा पावरफुल हैं।

बुक जैसा फोन कंफर्टेबल नहीं
स्टीव की बात एक हद तक सही भी थी क्योंकि तब यूजर्स पतले से पतला और हल्का डिवाइस चाहते थे लेकिन मल्टीमीडिया सपॉर्ट मिलते ही यूजर्स को बड़े डिस्प्ले की जरूरत महसूस हुई। आईफोन के डिस्प्ले साइज को सबसे पहले ऐंड्रॉयड स्मार्टफोन्स और सैमसंग ने पीछे छोड़ा और बाद में ऐपल को भी बड़े डिस्प्ले वाले आईफोन मार्केट में उतारने पड़े। डिवाइसेज का डिस्प्ले बड़ा होता जा रहा है और दौर बिना बैजल्स या नॉच वाले स्मार्टफोन्स का चल पड़ा है। हालांकि, 6 इंच से ज्यादा डिस्प्ले वाले फोन पॉकेट में रखना ज्यादातर यूजर्स के लिए कंफर्टेबल नहीं होता।

क्लैमशेल डिजाइन ही बेहतर
यूजर्स को ऐसा स्मार्टफोन चाहिए जिसका डिस्प्ले तो बड़ा हो लेकिन उसे एक हाथ से पकड़कर आसानी से इस्तेमाल किया जा सके। फोल्डेबल डिस्प्ले टेक्नॉलजी के सस्ते और पुराने होने के साथ ही इसे ज्यादा से ज्यादा कंपनियां इस्तेमाल करेंगी और सबसे प्रैक्टिकल डिजाइन फ्लिप फोन की तरह फोल्ड होने वाला हो सकता है। यह देखना जरूर खास होगा कि यह डिस्प्ले टेक नए टैबलेट साइज के फोन लाता है, या फिर स्टैंडर्ड साइज के। अगर यूजर्स की पसंद के नजरिए से बात करें तो आने वाला वक्त ढेरों फ्लिप स्टाइल फोल्डेबल फोन ला सकता है।



source https://lendennews.com/archives/66961

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