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नई दिल्ली। कीमत नियंत्रण के नियमों का पालन नहीं करने और मनमाफिक कीमतों पर दवाएं बेचने वाली दवा कंपनियों पर सरकार सख्त कार्रवाइ करेगी। नैशनल फार्मास्यूटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी (NPPA) उन कंपनियों पर नजर रखने का विचार कर रही है, जो कीमत नियंत्रण के कायदे-कानून का पालन नहीं कर रही हैं और उत्पादन तथा प्राइसिंग से जुड़े आकंड़े जमा करने या कारण बताओ नोटिस का जवाब देने से इनकार कर रही हैं।

एक आधिकारिक सूत्र ने कहा कि ऐसी डिफॉल्टर्स कंपनियों को डिमांड नोटिस भेजा जाएगा और जुर्माने के साथ ओवरचार्ज अमाउंट वसूलने के लिए उनके मामलों को कलेक्टर के पास भेजा जाएगा।

200 मामलों की जांच
उन्होंने कहा कि ओवरचार्जिंग से जुड़े दिशा-निर्देशों में बदलाव का प्रस्ताव हाल में नैशनल फार्मास्युटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी (NPPA) की बैठक के दौरान लाया गया था और दिशा-निर्देशों में जरूरी बदलावों को शामिल करने का फैसला लिया गया। सरकार का यह कदम ऐसे वक्त में आया है, जब कई दवा कंपनियां उत्पादन के आंकडे़ उपलब्ध नहीं करा रही हैं या दवाओं की कीमत खुद तय करने पर विनियामक द्वारा जारी किए गए कारण बताओ नोटिस का जवाब नहीं दे रही हैं।

विनियामक ने हाल में 200 से अधिक मामलों की जांच की है और इस तरह की गड़बड़ियां पकड़ी हैं। NPPA ने कंपनियों द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों और GST रेकॉर्ड तथा रिटर्न के तहत दर्ज कराए गए आंकड़ों को कानून के तहत मान्य करने के लिए कहा है।

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source https://lendennews.com/archives/66978

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