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नयी दिल्ली। आयकर विभाग ने लोगों के लिये कर देनदारी का पता लगाने के लिये ई-कैलकुलेटर पेश किया है। इस कैलकुलेटर के जरिये आयकरदाता अगर छूट और कटौती को छोड़ते हुए नये कर स्लैब के तहत आयकर रिटर्न भरने विकल्प चुनते हैं तो वे अपनी कर देनदारी का आकलन कर सकेंगे।

सरकार ने बजट में करदाताओं को आयकर रिटर्न भरने के मामले में विकल्प दिया है। कैलकुलेटर विभाग की आधिकारिक ई-फाइलिंग वेबसाइट-https://ift.tt/2cWfp2K पर उपलब्ध है। इसमें करदाता यह देख पाएंगे कि पुरानी और नई कर व्यवस्था में उन्हें कितना कर देना होगा।

वेब पोर्टल का उपयोग विभिन्न श्रेणी के करदाता इलेक्ट्रानिक आयकर रिटर्न (आईटीआर) भरने में करते हैं। इसके जरिये सामान्य नागरिक (60 साल से कम), वरिष्ठ नागरिक (60 से 79) और अति वरिष्ठ नागरिक (79 साल से ऊपर) सभी स्रोत से अपनी सालाना आय, कुल कटौती और छूट का आकलन कर यह पता लगा सकते हैं कि पुरानी या नई व्यवस्था में उनकी कर देनदारी कितनी बनेगी।

बजट में व्यक्तिगत आयकर की नई व्यवस्था में 2.5 लाख रुपये से 5 लाख रुपये पर 5 प्रतिशत की दर से, 5 से 7.5 लाख रुपये पर 10 प्रतिशत, 7.50 से 10 लाख रुपये पर 15 प्रतिशत, 10 लाख रुपये से 12.5 लाख 20 प्रतिशत और 12.5 से 15 लाख रुपये की आय पर 25 प्रतिशत तथा 15 लाख रुपये से ऊपर की आय पर 30 प्रतिशत की दर से कर लगाने का प्रस्ताव किया गया है।

मौजूदा आयकर व्यवस्था में 50,000 रुपये की मानक कटौती और आयकर कानून की धारा 80 सी के तहत एलआईसी प्रीमियम, भविष्य निधि समेत विभिन्न बचत योजनाओं में 1.5 लाख रुपये तक के निवेश पर छूट जैसे प्रावधान लागू हैं। इसमें विभिन्न आय स्तरों पर 5 प्रतिशत, 20 प्रतिशत और 30 प्रतिशत की दर से कर लगता है।



source https://lendennews.com/archives/66828

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