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जयपुर। राजस्थान विधानसभा में शुक्रवार को लगभग तीन दशक बाद प्रतिवेदन पर चर्चा का क्रम शुरू हुआ। पहले दिन राज्य सड़क परिवहन निगम के प्रतिवेदन पर सदन में चर्चा हुई। करीब 30 विधायकों ने प्रतिवेदन पर अपने विचार रखे और सुझाव दिए।

इस दौरान रोडवेज में फैले भ्रष्टाचार को लेकर भी सदस्यों ने अपनी बात रखी। भाजपा विधायक जोगेश्वर गर्ग ने रोडवेज के घाटे के लिए भ्रष्टाचार को सबसे बड़ी वजह बताया। गर्ग ने कहा कि भ्रष्टाचार उच्च स्तर से आता है। डिपो मैनेजर से लेकर एमडी, सीएमडी स्तर तक भ्रष्टाचार होता है। गर्ग यही नहीं रुके।

उन्होंने कहा कि सैद्धांतिक तौर पर रोडवेज नफा कमाने के लिए नहीं बल्कि सेवा देने के लिए हैं, लेकिन घाटा नहीं होना चाहिए। घाटे का बड़ा कारण हैं भ्रष्टाचार है। परिचालक बिना टिकट के सवारी बैठाते हैं तो चालक डीजल को बेच देते हैं। कार्यशाला में बसों के टायर और पार्ट्स को बेच दिया जाता है। टायर खरीद, पार्ट्स खरीदने सभी में भ्रष्टाचार किया जाता है।

प्राइवेट बसों पर लगे लगाम
गर्ग ने प्राइवेट बस वालों के कॉम्पीटिशन पर लगाम लगाने की बात भी सदन में रखी। उन्होंने कहा कि सरकारी बसे से पांच से सात मिनट पहले प्राइवेट बस पहले आती है तो यात्री ले जाती है और रोडवेज बस खाली जाती है। इसमें चालक, परिचालक और उच्चाधिकारियों की मिलीभगत से इनकार नहीं किया जा सकता है।

सभापति ने ली चुटकी
इस दौरान सभापति राजेंद्र पारीक ने चुटकी ली। उन्होंने कहा कि रोडवेज में सवारियां ज्यादा होती है और सीटें कम। मगर सदन में रोडवेज का मॉडल क्यो दिखा रहे हो। सबको अलग—अलग सीटें दी गई, मगर आप एकजुट होकर बैठ गए।

कमीशन कम करो
गर्ग ने ऑनलाइन टिकट का काम करने वाली फर्म को भी नहीं बख्शा। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन टिकट से लोगों को सुविधा मिली है, लेकिन कंपनी एक दिन में केवल एक हजार के आसपास ही टिकट बुक कर रही है, जबकि उसे पैसा पांच करोड़ रुपए से ज्यादा दिया जा रहा है। इस कमीशन को कम किया जाना चाहिए। उन्होंने परिचालकों की मशीन को ऑनलाइन सिस्टम से जोड़ने का सुझाव दिया।



source https://lendennews.com/archives/67278

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